भड़ास के पाठकों से भड़ास को आर्थिक संकट से उबारने की अपील

भड़ास के सामने जब-जब घनघोर संकट आए, आप लोगों के सामने हम लोगों ने अपनी समस्या को बेहिचक रखा और आप लोगों ने यथासंभव मदद की. इन दिनों भड़ास के सामने कई तरह की बड़ी चुनौतियां हैं और भड़ास के भविष्य को लेकर कई तरह की योजनाएं-रणनीति है. भ्रष्ट कारपोरेट मीडिया घराने, दलाल किस्म के मीडिया मालिकों – संपादकों की कोशिश है कि भड़ास का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया जाए. इसी उद्देश्य से पिछले दिनों भड़ास से जुड़े लोगों को तरह तरह से प्रताड़ित कराया गया. भ्रष्ट नेताओं और भ्रष्ट अफसरों के साथ सांठगांठ करके भड़ास के लोगों को एक तरफ जेल भिजवाकर इनके इरादों व हौसले को पस्त करने की कोशिश की गई तो दूसरी ओर घर-आफिस पर छापे डलवाकर कंप्यूटरों-लैपटाप से हार्डडिस्क निकलवाकर तकनीकी व आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की गई.

इन सब कर्मकांडों से हमारे इरादे डिगने की जगह मजबूत हुए. हां, आर्थिक नुकसान जो हुआ है, उससे उबरने में वक्त लग रहा है. सबसे बड़ा संकट आर्थिक है. पैसे के अभाव के कारण हम लोगों ने दिल्ली के अपने एकमात्र आफिस को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है. हम लोग अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं कि शुभचिंतकों आदि से पैसे लेकर भड़ास के संचालन को स्मूथ रखा जाए. हम लोग भ्रष्टाचारियों द्वारा क्रिएट कराए गए संकट से सबक लेकर कुछ नई रणनीति पर भी काम कर रहे हैं. कुछ बातों का यहां खुलासा कर रहा हूं.

प्रयास है कि भड़ास4मीडिया के कंटेंट डाटाबेस को दो अन्य नई वेबसाइटों पर डाला जाए और इनके सर्वर दो अलग-अलग देशों में लिए जाएं ताकि कोई न कोई वेबसाइट चलती रहे और भारतीय पुलिस व प्रशासन आसानी से वेबसाइटों तक पहुंच न बना सके. भड़ास पर खबर अपलोड करने के लिए यूजर नाम व पासवर्ड विभिन्न शहरों के दर्जनों जिम्मेदार लोगों को दे दिया जाए ताकि किन्हीं दो चार लोगों के अरेस्ट होने से भड़ास पर खबर अपलोड होने का काम न रुक सके. भड़ास के सर्वर का पेमेंट मंथली बेसिस पर करने की जगह छमाही या सालाना बेसिस पर किया जाए ताकि जेल भेजे जाने की स्थिति में पेमेंट का कोई चक्कर न आए और इस कारण साइट बंद होने की नौबत न आ पाए.

इसी तरह के कई अन्य नए कदमों पर काम चल रहा है. हम लोग निजी स्तर पर चंदा-उधारी आदि लेकर काम चला रहे हैं. अब आप लोगों के सामने डोनेशन का प्रस्ताव रख रहे हैं. आप सभी पाठकों से अनुरोध है कि कृपया इस भड़ास को आर्थिक मदद देकर मजबूत बनाएं और विरोधियों के मंसूबों को नाकाम कराएं. आप जो भी मदद करें, उसके बारे में yashwant@bhadas4media.com पर मेल करके हमें जरूर सूचित करें. नीचे एकाउंट डिटेल दिए जा रहे हैं….

Bhadas4Media

current account

A/c No. 31790200000050

Bank of Baroda

Branch : Vasundhara Enclave

Delhi-96

RTGS / NEFT / IFSC Code- barbovasund

 

or

 

Yashwant Singh

saving account

A/c No. 003101560763

ICICI Bank Limited

Noida Branch

Uttar Pradesh

ध्यान रखें, अगर आप पैसे देकर अखबार पढ़ते हैं तो भड़ास जैसे क्रांतिकारी मंच को कम या ज्यादा आर्थिक मदद देकर एक तरह से आप अपने कर्तव्य का निर्वाह करेंगे, फर्ज अदा करेंगे. आपके थोड़े से खर्च किए गए पैसे से भड़ास रूपी बेखौफ मंच काफी मजबूत होगा और इस तरह भ्रष्ट सिस्टम और भ्रष्ट मीडिया को उखाड़ फेंकने के अभियान को बल मिल सकेगा. अगर आप भड़ास को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुछ कहना-करना चाहते हैं तो आपके सुझावों-इरादों का स्वागत है. हम तक yashwant@bhadas4media.com या 09999330099 के जरिए पहुंच सकते हैं.

आखिर में इतना कहना चाहेंगे कि हमारी दृष्टि साफ है, हमारे इरादे मजबूत हैं, हमारा काम आपके सामने है, हम हारेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं…. हम लड़ेंगे… हम बोलेंगे… हम सुनायेंगे…. हम सुनेंगे भी, हम सीखेंगे भी, हम बदलेंगे भी, हम खुद को और उनको दुरुस्त करेंगे, हम छोड़ेंगे नहीं… बस यूं ही आप साथ रहें…

मैं उन लोगों को धन्यवाद, शुक्रिया कहे बिना बात खत्म नहीं करना चाहता जिन लोगों ने मेरे जेल प्रवास के दौरान घर और आफिस पहुंचकर नैतिक के साथ साथ आर्थिक मदद दी. इन लोगों की मदद से ही इस अवधि में खर्च चलाने में कोई दिक्कत नहीं आई. कई नए चैनलों के मालिक, संपादक, पत्रकार मित्र, शुभचिंतकों आदि ने मौके की नजाकत को देखते हुए बिना कहे आर्थिक मदद पहुंचाई. इन्हीं लोगों के सहयोग से भड़ास4मीडिया के सर्वर का पेमेंट हुआ, हम लोगों के घरों के खर्च चलते रहे. इस सहयोग-समर्थन के कारण मैं कह सकता हूं कि आज भी संघर्ष करने वालों के लिए सपोर्ट करने वालों की कमी नहीं है. देहरादून, बरेली, लखनऊ समेत कई शहरों के लोग मुझसे मिलने जेल और कोर्ट पहुंचे. सैकड़ों लोगों ने लिखकर, विरोध दर्ज कराकर हम लोगों के दमन के खिलाफ आवाज उठाई. यही वो उर्जा है जिसके बल पर हम लोग खुद को ज्यादा मजबूत और ज्यादा व्यापक मानते रहे हैं और मानेंगे भी. अगर यह साथ बरकरार रहा और बढ़ता रहा तो एक दिन हम लोग नोटों व सिस्टम में सेटिंग के बल पर कूद रहे भ्रष्टाचारियों की दुकान बंद करा देंगे, वे हम लोगों का कुछ न उखाड़ सक थे और न उखाड़ सकेंगे. 

आभार

यशवंत

संपादक

भड़ास4मीडिया

दिल्ली

yashwant@bhadas4media.com

09999330099


tagSupport B4M, Yashwant Singh Jail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *