भाजपा का नया रेडियो विज्ञापन : दिमागी दिवालिएपन का खुल्लम-खुल्ला प्रदर्शन

Sanjaya Kumar Singh : भाजपा का नया विज्ञापन सुना आप लोगों ने। मजेदार है। दिमागी दिवालिएपन का खुल्लम-खुल्ला प्रदर्शन। रेडियो पर आ रहे इन दो अलग-अलग विज्ञापनों में भ्रष्टाचार और महंगाई भारतवासियों को फोन करके बता रहे हैं कि ‘वो’ (उत्तर भारत में पति के लिए प्रचलित है पर इस विज्ञापन में मोदी के लिए प्रयोग किया गया है) आ रहे हैं। इसलिए इन दोनों को भारत छोड़ना पड़ेगा।

इस तरह की नौटंकी से वोट मिलने की उम्मीद करना हास्यास्पद है। वो भी तब जब हिन्दी में कहावत है, “सैंया (वो) भए कोतवाल तो डर काहे का।” और यह विज्ञापन बता रहा है कि ‘वो’ के आने से जब इन दोनों ने भारत छोड़ने का प्रचार करना शुरू कर ही दिया है (बिल्कुल मियां-बीवी के झगड़े की तरह) तो कोई न कोई इन दोनों को यहीं रहने के लिए मना ही लेगा (भाजपा में क्या भ्रष्ट नहीं हैं) और फिर भाजपा राज में ये दोनों खुल कर बोलेंगे – सैंया भए पीएम।

इस पार्टी के पास आईडिया का इतना अकाल है तो विजन और प्लानिंग का क्या होगा। भ्रष्टाचार आम आदमी पार्टी का मुद्दा है और भले ही उसने इसपर कॉपी राइट नहीं कराया हो पर जब दोनों पार्टियां एक ही मुद्दे पर वोट मांगेगी तो खुद ही ए और बी टीम बन जाएंगी। विरोधियों के लिए यह पार्टी ज्यादा काम नहीं छोड़ती है। खुद ही सब कुछ करने में सक्षम है। टिकट बंटवारे में बिलावजह विवाद पैदा करके मोदी की आंधी की पोल खोल दी। इस झगड़े में सुरक्षित मानी जा रही लखनऊ सीट राजनाथ सिंह ने खुद ले ली। अपनी पिछली गाजियाबाद सीट पर भाजपा के हारने का पुख्ता बंदोबस्त कर दिया और मोदी को पहुंचा दिया बनारस। अब यह ‘वो’ का नया खेल आया है। देखते रहिए।

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.

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