भाषा पर पकड़ और सामाजिक सिद्धांतों का बोध ही बनाता है सफल पत्रकार : विकास मिश्रा

: हिंदी विवि के सीसीएमएस में मीडिया विशेषज्ञों के व्याख्यान से सत्रारंभ : वर्धा : पत्रकारिता की पढ़ाई में कदम रखने वाले छात्रों में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक चुनौतियों से जूझने का जज़्बा होना चाहिए। इन चुनौतियों से जूझने के साहस के बिना पत्रकारिता के मूल्यों को स्थापित कर पाना संभव नहीं है। जुझारू पत्रकारों के बदौलत ही पत्रकारिता अपने मानक स्तर को पा सकेगी। पत्रकारिता के छात्रों के लिए आवश्यक है कि समाज में घटित हो रही घटनाएं उन्हें भीतर से उद्वेलित करे और वे उस पर सोचने को विवश हों। उक्त विचार पत्रकार अजीत अंजुम (संपादक न्यूज 24) ने संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र (सीसीएमएस) के नवांगुतक छात्रों को उद्बोधित करते हुए कहा।

नवागंतुक छात्रों को प्रेरित करने के ध्येय से ‘भारतीय मीडिया : विस्तार की चुनौतियां’विषय पर मीडिया विशेषज्ञ अजीत अंजुम, मुकेश कुमार (संपादक-न्यूज एक्सप्रेस) विकास कुमार मिश्र (संपादक-लोकमत समाचार) के व्याख्यान का अयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय और संयोजन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. अनिल के. राय ने किया। गौरतलब है कि सीसीएमएस ने सत्र 2012-13 के लिए एम.ए. जनसंचार के अलावा दो नए पाठ्यक्रमों (एम.ए. मीडिया प्रबंधन और एम.एससी. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) की शुरुआत की है।

संगोष्ठी के दौरान संयोजन कर रहे मानविकी और सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अनिल के. राय ‘अंकित’ ने कहा कि पत्रकारिता का काम अपने पाठकों या दर्शकों को सीधे विज्ञापनदाताओं के झोली में डालना नहीं है अपितु पाठकों या दर्शकों के भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करना भी शामिल है। नवागंतुक छात्रों में करियर की असीम संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने कहा पत्रकारिता में प्रतिभाशील युवाओं की बेहद जरूरत है। पत्रकारिता में टीवी स्क्रीन पर दिखने के अलावा कई अन्य कार्य भी है, जिसमें ख्याति प्राप्त की जा सकती है।

सफल पत्रकार बनने का राज बताते हुए लोकमत समाचार के संपादक विकास मिश्र ने कहा कि भाषा पर पकड़ कायम होने और सामाजिक सिद्धांतों का बोध होने के बाद सफल पत्रकार बना जा सकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के आलोचकों को आए दिन शिकायत होती है कि मीडिया पर बाजारवाद हावी हो गया है। सफल पत्रकार के ऊपर बाजारवाद कभी हावी नहीं हो सकता। मीडिया में शुरुआती दिनों से ही विज्ञापन का प्रचलन रहा है लेकिन हाल के दिनों में उसमें थोड़ी बढ़ोत्तरी जरूर हो गई है। नवागंतुक छात्रों को सफल पत्रकार बनने का गुर देते हुए न्यूज एक्सप्रेस के चैनल हेड मुकेश कुमार ने कहा कि अच्छा पत्रकार बनने के लिए स्वाध्याय आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को तथ्य, तकनीक और भाषा पर जोर देने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति विभूति नारायण राय ने कहा कि संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र के छात्रों से हमें बड़ी उम्मीद है और आने वाले दिनों में ये छात्र पत्रकारिता के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने मीडिया पर बाजारवाद हावी होने के सवाल पर कहा कि मीडिया दूसरे पेशे से अलग है। इसमें यह कहकर बचने की गुंजाइश नहीं है कि यह बाजार का मामला है, क्योंकि मीडिया सीधे आम आदमी से जुड़ा हुआ है। इसके बाद विशेषज्ञों ने छात्रों से बातचीत कर उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना और उन्हें उचित परामर्श दिया। छात्रों ने उनसे सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत किया।

उक्त कार्यक्रम का आभार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामशरण जोशी ने व्यक्त किया। व्याख्यान के दौरान विश्वविद्यालय के अतिथि लेखक संजीव, विभिन्न विद्यापीठ के अधिष्ठाता और प्रोफेसर, संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र के सहायक प्रोफेसर डॉ. अख्तर आलम, संदीप वर्मा, राजेश लेहकपुरे, रेणु सिंह, विभिन्न विभाग के छात्र, संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र के शोधार्थी, नए-पुराने छात्र और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

दूसरी तरफ संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र (सीसीएमएस) के विद्यार्थियों द्वारा संपादित एवं प्रकाशित प्रायोगिक समाचारपत्र ‘नवसंप्रेषण’ के नवीन अंक का विमोचन कुलपति विभूति नारायण राय के कर कमलों से हुआ। विमोचन के अवसर पर मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता व केंद्र निदेशक प्रो. अनिल के. राय, दिल्ली से पधारे मीडिया विशेषज्ञ अजीत अंजुम (संपादक-न्यूज 24), मुकेश कुमार (संपादक-न्यूज एक्सप्रेस) एवं नागपुर से विकास कुमार मिश्र (संपादक-लोकमत समाचार) उपस्थित रहे।

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