भास्कर ने पटना में पहले ही दिन छाप दी बीस दिन पुरानी खबरें!

एक मेल पटना के किसी पत्रकार साथी ने भड़ास के भेजा है. इसमें दावा किया गया है कि बिहार में दैनिक भास्कर लांच तो हुआ लेकिन उसने पहले ही दिन बीस दिन पुरानी खबरें छाप दी, और वो भी जैकेट पर. दावे तो ताज़ी खबरों के किए थे लेकिन छापी पुरानी खबर. पढ़िए पूरी मेल….

पटना : लॉन्चिंग के पहले ही दिन दैनिक भास्कर मजाक का विषय बन गया। मर्ज़ी का अखबार, ताज़ी खबरों का दावा, बड़े-बड़े होर्डिंग। सब फेल। पहले ही दिन जैकेट, पेज नंबर 2 और सेंटर स्प्रेड सहित चार पन्ने बीस दिन पुराने छाप दिए। ये पन्ने न्यू ईयर पर 1 जनवरी को ही छप गए थे। इन्हे 20 दिन बाद बिहार में छापना बिहार के पाठकों के साथ धोखा है। या तो भास्कर में बैठे लोग बिहारियों को मूर्ख समझते हैं। ख़ास बात ये हैं कि ये पन्ने झारखण्ड में भी छप चुके हैं। इससे अखबार की साख झटके में ख़तम गई।

कंटेंट की बात करें को जैकेट का कंटेंट पुराना होने के साथ-साथ बिहार का कोई लेना देना नहीं था। अखबार पुरानी ख़बरों से भरा हुआ था। इसकी तुलना में 25 लोग प्रभात खबर से टूटने के बाद भी प्रभात खबर मजबूत दिखाई दिया। प्रभात खबर के जैकेट, ख़बरों ने अखबरों को पीछे छोड़ दिया। भास्कर को तो प्रभात खबर ने बुरी तरह पीटा। प्रमोद मुकेश और उनकी अगुवाई में करीब 20 लोग प्रभात खबर से गए। पर इन लोगों के जाने के बाद प्रभात खबर और मजबूत हुआ है। चर्चा ये है कि इस लड़ाई में कंटेंट, लेआउट सबमें प्रभात खबर आगे निकल गया, और भास्कर प्रभात खबर बन कर रह जायेगा। हिंदुस्तान और जागरण अपनी पुरानी राह पर ही चल रहे हैं।
 

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