भास्‍कर के दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज

बरनाला में दैनिक भास्कर के दो पत्रकारों को दुकान में बंधक बनाकर पीटने वालों के विरुद्ध पुलिस ने जानलेवा हमला सहित कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए हैं। आरोपियों में पंजाब एग्रो का इंस्पेक्टर राम कुमार ब्यास, भाजपा जिलाध्यक्ष गुरमीत बाबा, लोक संपर्क विभाग के कर्मचारी और आरएसएस के सदस्य जोनिन्द जोशी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरज कुमार ददाहुर, भाजपा के जिला महासचिव प्रवीण बांसल के बेटे मोहित बांसल के अतिरिक्त 10-12 अज्ञात हमलावर शामिल हैं।

दरअसल पत्रकारों हिमांशु दुआ और जतिन्द्र देवगन ने बरनाला के आरएसएस पदाधिकारी और पंजाब एग्रो के इंस्पेक्टर राम कुमार ब्यास पर 5200 बोरी गेहूं खुर्द-बुर्द करने के आरोप की खबर छापी थी। तभी से वह इनसे रंजिश रखता था। जिसके चलते राम कुमार ब्यास ने बुधवार रात दोनों पत्रकारों को साजिश के तहत एक दुकान पर बुलाया और इन्हें बंधक बनाकर मारपीट की। दोनों पत्रकारों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

गुरुवार की शाम को एसएसपी स्नेह दीप शर्मा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार शाम करीब सात बजे भाजपा के जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह हंडियाया, इंस्पेक्टर राम कुमार ब्यास सहित अन्य नेताओं ने पत्रकार जतिंदर देवगन व हिमांशु दुआ को पिछले दिनों भास्‍कर में प्रकाशित एक समाचार के मामले पर समझौता करने के लिए अनाज मंडी बरनाला में स्थित मोहित बांसल की दुकान पर बुलाया। यहां पर कुछ नेता उनसे समझौते की बातचीत करते रहे तथा राम कुमार ब्यास ने 'करारे भल्ले लाओ' एक कोडवर्ड के जरिए अनाज मंडी में कार्यरत अपने समर्थकों को बुला लिया।

एसएसपी ने बताया कि इसके बाद इन दोनों पत्रकारों को बंधकर बनाकर जान से मार देने की नीयत से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट करने वालों ने पत्रकारों के हाथों में पकड़े उनके तीन मोबाइल फोन छीन कर तोड़ दिए तथा दोनों पत्रकारों के हाथ पांव कपड़ों से बांध कर उन्हें एक दुकान में बंद करके ताला जड़ दिया। किसी तरह से पत्रकार हिमांशु दुआ ने अपनी जेब में पड़े दूसरे मोबाइल फोन को मुश्किल से निकालकर घटना की सूचना पुलिस को दी। थाना सिटी के प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस पार्टी ने दुकान में बंदी बनाए दोनों पत्रकारों को दुकान के ताले तोड़ कर बाहर निकाला। गंभीर रूप में घायल हुए पत्रकारों को पत्रकार राजमहिंदर ने अन्य साथियों की सहायता से इलाज के लिए सिविल अस्पताल बरनाला में भर्ती करवाया।

पुलिस ने घायलों के बयान के आधार पर भाजपा के जिलाध्यक्ष समेत कई के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर दोनों पत्रकारों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इंस्पेक्टर राम कुमार ब्यास द्वारा विभाग में किए कथित घोटालों को बेनकाब किया था। इससे बौखलाहट में आकर उन पर एक साजिश के तहत जानलेवा हमला किया है। जिले की समूह प्रेस ने घटना की कड़ी निंदा करके आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। तमाम राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी संगठनों से इस घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही संघर्ष की चेतावनी भी दी है।

इस मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पत्रकारों के दस सदस्‍यीय एक्‍शन कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें जगीर जगतार, सतीश सिंधवानी, नीलकमल, हरिंदर पाल निक्का, राजमहिंदर, जगसीर संधू, विवेक सिंधवानी, अशीश पालको, अकेश कुमार तथा रविंदर रवि शामिल किया गया हैं। कांग्रेसी विधायक केवल सिंह ढिल्‍लो ने भी पत्रकारों पर हुए हमले को मीडिया की आजादी पर प्रहार बताते हुए मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है।

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