भ्रामक विज्ञापनों पर कसेगा शिकंजा, साबित करने होंगे किए गए दावे

केवल 20 दिन में कद लंबा कीजिए। मोटापा घटाने का रामबाण। मर्दाना ताकत बढ़ाएं। बच्चों का दिमाग तेज करें। समाचार पत्रों और अन्य मीडिया संसाधनों में इस तरह के विज्ञापन हर दिन बढ़ रहे हैं। अधिकतर ग्राहकों को धोखा देने वाले साबित हुए है। सरकार इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। विज्ञापनों में ऐसी लाइनों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को अब इसकी प्रमाणिकता भी साबित करनी होगी।

झूठे और भ्रामक विज्ञापनों का सहारा : उपभोक्ता मामले मंत्रालय के सचिव राजीव अग्रवाल ने बताया कि न सिर्फ छोटी बल्कि नामी-गिरामी कंपनियां भी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए झूठे और भ्रामक विज्ञापनों का सहारा ले रही हैं। कंपनियां विज्ञापनों में न सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती हैं, बल्कि उसे खास तरह से पेश कर उस वर्ग को भी प्रभावित करती हैं, जिसके लिए उन्होंने उत्पाद तैयार किया है। मसलन विज्ञापन के जरिये कंपनियां यह साबित करती हैं कि सिर्फ दूध से बच्चों का विकास नहीं होता, बल्कि उसके शारीरिक विकास से लिए कंपनी का उत्पाद जरूरी है। इसी तरह से खास उत्पाद के जरिये बच्चों का दिमाग व याददाश्त को बढ़ाया जा सकता है।

शारीरिक विकास के विज्ञापनों में कई दावे : अग्रवाल के मुताबिक पुरुषों व महिलाओं को आकर्षित करने के लिए कंपनियां अपने उत्पादों की विशेषता बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हैं। चाय पीने से छरहरा बदन, सुडौल शरीर सहित अन्य कई तरह के शारीरिक विकास के विज्ञापनों में कंपनियां जो दावे कर रही हैं। उसमें कितनी सच्चाई है, अब कंपनियों को इस बात को साबित करना होगा। कंपनियों को यह भी बताना होगा कि उन्होंने उत्पाद में ऐसे कौन से रसायन या जड़ीबूटी मिलाई है, जो उनके विज्ञापन को सही साबित करता है। मिलाए गए रसायन या जड़ीबूटी से यह कहां तक संभव है। इसे भी साबित करना होगा।

ग्राहकों को ठगने वाली कंपनियों पर कानूनी शिकंजा : उपभोक्ता मामले मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इन दिनों राज्य सरकारों, उपभोक्ता संगठनों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव ले रहे हैं। इस मामले पर अब तीन बैठकें बंगलूरू, अहमदाबाद और कोलकाता में हो चुकी हैं। छह फरवरी को गुवाहाटी और फरवरी के अंतिम सप्ताह के दौरान दिल्ली में अंतिम बैठक के बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट उपभोक्ता मामलो के मंत्री प्रो. केवी थ़ॉमस को सौंपेंगे। जिसके बाद सरकार विज्ञापनों पर लगाम लगाने और इन विज्ञापनों के जरिये ग्राहकों को ठगने वाली कंपनियों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए कानून तैयार किया जाएगा। साभार : अमर उजाला

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *