भड़ास की खबर का असर, भास्कर ने चूना लगा रहे पत्रकार को नौकरी से चलता किया

भड़ास की खबर आखिर रंग लाई। दैनिक भास्कर के अजमेर संस्करण को चूना लगा रहे वहीं के वरिष्ठ पत्रकार को प्रबंधन ने अंततः अपने यहां से चलता कर दिया। अपने पाक्षिक अखबार के जरिए भास्कर को विज्ञापनों की कमाई का जबरदस्त झटका देने वाले वहीं के पत्रकार के बारे में भड़ास ने खबर छापी थी। पत्रकार की हरकतों की जानकारी ना केवल पूरे भास्कर बल्कि अजमेर के सभी पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को थी। अखबार छपता ही भास्कर की प्रेस में था। इसके बावजूद भास्कर अपने को नुकसान पहुंचाने वाले अपने ही इस पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

बुराई कौन ले के उपेक्षात्मक रवैये के चलते सभी उस पत्रकार की हरकतों को नजरंदाज किए हुए थे। भड़ास में छपी इस खबर की जबरदस्त चर्चा रही। खबर के प्रिंट लेकर पत्रकार एक-दूसरे तक पहुंचाते रहे। स्थानीय दैनिक, ‘न्याय सबके लिए’ ने तो भड़ास के साभार के साथ आधे पृष्ठ में इस खबर को ज्यों का त्यों छाप दिया। बेशर्मी की पराकाष्ठा थी कि इतना होने के बावजूद वरिष्ठ पत्रकार का जमीर नहीं जागा और उसने अपने भू माफिया साथी की खबरें और फोटो भास्कर में प्रकाशित की। अंबेडकर जयंती समेत कुछ विशेष परिशिष्टों के प्रकाशन में इस वरिष्ठ पत्रकार की कोई भूमिका नहीं थी, परंतु छपने से पहले गुपचुप संपादन की क्रेडिट खुद लेते हुए साथी पत्रकारों को दबाने की हरकतें जारी रखीं।

भड़ास की खबर को लेकर भास्कर प्रबंधन के मुख्यालय भोपाल और जयपुर तक तीव्र प्रतिक्रिया हुई। वरिष्ठ पत्रकार ने भरोसा दिलाया था कि वह अपना अखबार बंद कर देगा। भड़ास ने लिखा भी था कि अखबार का प्रकाशन और नौकरी दोनों जारी है। प्रबंधन गिद्ध निगाहें लगाए बैठा था। जैसे ही ताजा पाक्षिक पकड़ में आया तत्काल वरिष्ठ पत्रकार को कार्यमुक्त कर दिया गया।

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


पूर्व की खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें – अजमेर में भास्‍कर को ही चूना लगा रहा है अखबार का वरिष्‍ठ पत्रकार

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