मजीठिया वेज बोर्ड मामले में कोर्ट में जीत को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं

Zafar Irshad : बधाई…हम सुप्रीम कोर्ट में केस जीत गए, मजीठिआ वेज बोर्ड का चार साल बाद, और हम पत्रकार भी अब बिरयानी खा सकेंगे कभी कभी…आज दिल बहुत खुश है, नाचने का मन कर रहा है, लेकिन किसके साथ नाचूं..?…शुक्रिया हमारी यूनियन के नेताओं का जिन्होंने 4 साल तक कोर्ट के चक्कर लगाये, और हम गरीब पत्रकारों को दोगुना सैलरी तो दिलवाई ही साथ ही साथ पिछले चार साल का बकाया एरिअर भी…बधाई सुप्रीम कोर्ट को भी जिसने हम गरीब पत्रकारो की आवाज़ सुनी…. (पीटीआई कानपुर में कार्यरत पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से.)

Yashwant Singh : बहुत देर से सुप्रीम कोर्ट ने मीडियाकर्मियों को न्याय दिया.. देर का न्याय अक्सर अन्याय होता है… इसी देरी के कारण मीडिया मालिकों को हजारों मीडियाकर्मियों को स्थायी नौकरी से निकालने का वक्त मिल गया या फिर इन मीडियाकर्मियों को कांट्रैक्ट पर काम करने के लिए मजबूर करने की कवायद शुरू कर दी… बहुत सारे लोग उम्मीद लिए लिए रिटायर हो गए… बहुत सारे लोगों ने पैसे के अभाव बहुत सारी मुश्किलें झेलीं… पर आज सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया वेज बोर्ड को ओके कर दिया.. चार किश्तों में एरियर देना होगा, साल भर में और उसी दिन से वेज बोर्ड लागू माना जाएगा जिस दिन केंद्र सरकार ने इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की थी… अखबारों, मैग्जीनों, न्यूज एजेंसियों आदि में कार्यरत पत्रकार व गैर-पत्रकार मित्रों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं… (भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से)

Jitendra Dixit : सुप्रीम कोर्ट ने वेतन बोर्ड की सिफारिशों को चुनौती देने वाले विभिन्न अखबारों की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि संशोधित वेतन 11 नवंबर 2011 से लागू होगा, जिस दिन केंद्र ने सिफारिशों को अधिसूचित किया था. सिफारिशें अप्रैल 2014 से कार्यान्वित होंगी और सभी बकाया राशि का भुगतान एक साल के भीतर चार किश्तों में करना होगा. (अमर उजाला, मेरठ में कार्यरत जितेंद्र दीक्षित के फेसबुक वॉल से)


मूल खबरें:

मजीठिया वेज बोर्ड : मीडियाकर्मी जीते, मालिकों ने मुंहकी खाई

xxx

मजीठिया वेतनमान 11 नवंबर 2011 से देना होगा, साल भर में 4 किश्तों में एरियर दें : सुप्रीम कोर्ट

xxx

पीटीआई के मजीठिया वेज बोर्ड की खबर रिलीज करते ही देश भर के मीडियाकर्मियों में हर्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *