मध्य प्रदेश जनसंपर्क का ‘एम’ गवर्नेन्स और आहूजा-नगेले की जोड़ी

अबतक ई गवर्नेंस शब्द शासकीय भाषा में केन्द्र एवं राज्य शासनों में प्रचलित हैं, लेकिन मध्यप्रदेश जन संपर्क ने नया शब्द इजाद कर लिया है- 'एम' गवर्नेंस. इसके अंतर्गत जनसम्पर्क विभाग के अपर सचिव एवं अपर संचालक जो पिछले एक दशक से ज्यादा समय से विज्ञापन शाखा को देख रहे हैं, अपने नित्य सखा अथवा साझेदार को लाभ पहुँचाने में कोई कसर नही छोड़ते हैं. 

पिछले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री के मोबाईल संदेश के नाम पर 15 लाख रुपये और इस वित्तीय वर्ष में 6 लाख रुपये एम गवर्नेंस के नाम पर सामाजिक न्याय विभाग से नशा मुक्ति मोबाईल संदेश के नाम पर वेबसाइट mppost.com को भुगतान किया गया है.

विभाग की तरफ से पत्र लिखकर राशि का आवन्टन मंगवाया जाना भी एक विचारणीय और जाँच का मुद्दा है. मध्यप्रदेश में भाजपा चुनाव हारती है तो ठीकरा लाजपत आहूजा के नाम फूटना तय है परन्तु वह तब तक काफी कुछ कर चुका होगा और सेवानिवृत्त हो जाएगा. 

हम यहां स्पष्ट करना चाहेंगे कि भाजपा नेता उमा भारती के खिलाफ दिग्विजय सिंह ने मानहानि का मामला दायर किया था तब mppost.com के कर्ताधर्ता सरमन नगेले उनके गवाह थे. इन्हें जब भी मौका मिलता है, आहूजा उपकृत करने का अवसर चूकते नहीं हैं. संघियों की जमात को कौन समझाए कि विभीषण और रावण दोनों उनके यहां ही विद्यमान हैं.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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