Yashwant Singh : इसीलिए सोच रहा हूं कि अगर दिल्ली में केजरीवाल आ भी गए तो बाकी सत्ताधारियों से क्या और कैसे कुछ अलग कर पाएंगे… ? क्योंकि सत्ता का चरित्र ही होता है एलीट क्लास की सेवा करना और जनता को सिर्फ बातें-वादे देना… मध्य प्रदेश में प्रेमी जोड़े के साथ जो सुलूक होता है, वह दिल दहला देने वाला है… मध्य प्रदेश में अफसरों की प्रताड़ना से परेशान होकर पत्रकार आत्महत्या कर लेता है…
इसी मध्य प्रदेश में एक आईएएस अधिकारी को खनन माफिया कुचल कर मार डालता है.. शेम शेम शिवराज… कई दर्जन वीभत्स घटनाएं इस मध्य प्रदेश में हुईं और हो रही हैं… पर यह शिवराज सिंह सरकार मीडिया को विज्ञापन बांटकर उसी तरह चुप्पी सधवाए है जैसे उत्तराखंड में आपदा के बाद रिश्वत के दौर पर मीडिया वालों को करोड़ों देकर बहुगुणा ने चुप्पी साधने को मजबूर कर दिया… यूपी में पहले बसपा और अब सपा का शासनकाल हम सब देख ही रहे हैं.. मतलब, पार्टी कोई हो, चाहे कांग्रेस या भाजपा या सपा या बसपा… सबका मूल चरित्र एक है… धन बटोरना, एलीट क्लास के हितों में काम करना, जनता को उसके हाल पर छोड़ देना…
आम आदमी के लिए पूरा सिस्टम दिन प्रतिदिन दुश्मन होता जा रहा है… थाने से लेकर अदालत तक और पटवारी से लेकर डीएम आफिस तक… पीडीएस से लेकर आरटीओ तक… हर कहीं सिर्फ और सिर्फ पैसे, रिश्वत, जुगाड़ से ही आम आदमी का काम हो पाता है… दिल्ली में कैसे फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया के गोदाम से पीडीएस यानि गरीबों के बीच बंटने वाला गेहूं ट्रकों पर लादकर निकलता है और ये ट्रक सीधे दिल्ली की ही बड़ी आटा मिलों में पहुंच जाते हैं… गरीबों के ये गेहूं यहीं पीसकर हजारों गुना ज्यादा दाम पर मार्केट में बेच दिए जाते हैं… यह सब कुछ दिल्ली प्रदेश की शीला सरकार और देश की राजधानी दिल्ली में बसी केंद्र की मनमोहन सरकार के आंखों के नीचे हो रहा है…
इन भ्रष्टाचारियों को कोई नहीं पकड़ने वाला, न पीटने वाला, न फांसी देने वाला… टीवी टुडे ग्रुप वालों ने ये स्टिंग दिखाया तो अफसरों की तरफ से जांच का लालीपाप फेंक दिया गया.. आप भी जानते हैं जांच से क्या होता है, क्या निकलता है… इस देश, इस देश के प्रदेशों में कभी सुशासन आएगा, कभी आम आदमी की सरकार आएगी, यह सोच पाना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि पूरा सिस्टम ढांचा ऐसा बन गया है जिसमें कारपोरेट, लुटेरों, ठेकेदारों, अफसरों, नेताओं, दलालों, मीडिया वालों, पत्रकारों की लूट है, मौज है… बाकी बचे लोग यानि आम जनता चूसे जाने, लूटे जाने और पीटे जाने के लिए है… यही नियति है…
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अगर सरकार बनाते हैं तो उन्हें साबित करना होगा कि वे दूसरी पार्टियों और उनके नेताओं से अलग हैं…. विकल्पहीनता के इस दौर में खासकर दिल्ली प्रदेश में इस बार और सिर्फ एक बार केजरीवाल को मौका देना चाहिए… ताकि उन्हें भी देख लिया जाए…
भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.
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