महराजगंज प्रशासन का कारनामा : बना डाला विदेशी का अधिवास प्रमाण पत्र

महराजगंज। यह देखिये महराजगंज प्रशासन का कारनामा जो एक नेपाली नागरिक का अधिवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जब यह मामला खुला तो जनपद में खलबली मच गयी। जनपद के नौतनवा तहसील के उपजिलाधिकारी, लेखपाल व कानूनगो की रिपोर्ट पर पड़ोसी मुल्क नेपाल के एक नागरिक का अधिवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसके बारे में खुफिया विभाग के उच्चाधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया है। अधिवास प्रमाण पत्र जारी कराने में हल्का लेखपाल की भूमिका संदिग्ध बतायी जा रही है।

समाजसेवी नरसिंह पाण्डेय ने उपजिलाधिकारी नौतनवा को एक पत्र देकर पूरे प्रकरण की जॉच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने एवं अधिवास प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त करने करने की मांग की है। मालूम हो कि पड़ोसी मुल्क नेपाल के भारतीय सीमा से सटे बेलहिया निवासी आबिद खां पुत्र स्व. जमील ने नौतनवा तहसील कर्मियों की मिली भगत से पहले ही जुगौली गॉव सभा से मतदाता पहचान पत्र तो बनवा ही लिया था, उसने पुनः नौतनवा तहसील से अधिवास प्रमाण पत्र भी बनवा लिया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नौतनवा में तैनात एलआईयू के सब इंसपेक्टर द्वारा उससे पासपोर्ट बनवाने के लिये फार्म जॉच की। जॉच के बाद सब इंसपेक्टर ने इस मामले की जानकारी पहले ही उच्चाधिकारियों को मौखिक रूप से दे दी।

मामला प्रकाश में आते ही तहसील कर्मियों एवं अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। लेखपाल ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव एवं कानूनगो रमेश लाल श्रीवास्तव द्वारा दिये गये रिपोर्ट के आधार पर बीते 01. 01. 2013 को उपजिलाधिकारी नौतनवा के हस्ताक्षर से आबिद खान को अधिवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बताते चलें कि ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव का नौतनवा तहसील का पूरा कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। जिन्दा व्यक्ति को मृत्यु घोषित करना तथा फर्जी आंकड़े प्रस्तुत करके तमाम लोगों का अधिवास बनाना इनके बांये हाथ का खेल है। यह सालों तक अपने इसी कारनामे के कारण उच्चाधिकरियों द्वारा निलंबित भी किये जा चुके हैं तथा इनका वेतन भी कुछ दिनों तक बाधित किया जा चुका है। बावजूद इसके ये अपने रसूख और पैसे के बल पर नौतनवा तहसील में विगत 15 वर्षों से सेवा कर रहे हैं। विदेशी नागरिक के अधिवास बनाने में भी हल्का लेखपाल ओमप्रकाश लाल और कानूनगो रमेश लाल की भूमिका भी काफी संदिग्ध है। इस प्रकरण पर जब प्रभारी जिलाधिकारी डा. वेदपति मिश्रा को बताया गया तब उन्होंने कहा यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। अब मामला संज्ञान में आ गया है। दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

महराजगंज से ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट.

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