महराजगंज में ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्‍या, हत्‍यारों का सुराग नहीं

महराजगंज। जंगल बड़हरा के ग्राम प्रधान रविन्द्र यादव उर्फ पप्पू (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 12 मार्च सुबह उनकी लाश कमरे में मिली तो पूरे गाँव में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर जांच में 315 बोर का खोखा बरामद हुआ। हत्या किस वजह से हुआ इसका अभी तक सुराग नहीं मिल सका था।

जानकारी के अनुसार ग्रामप्रधान का परिवार वर्तमान समय में गोरखपुर जनपद के पीपीगंज पशु बाजार में स्थित मकान में रहता है। सोमवार की शाम उसी गांव का चालक रामप्रसाद बाइक से ग्राम प्रधान की माता को पहुंचाने के लिए उन्हें पीपीगंज लेकर चला गया। वहां से उनकी माता को पहुंचा कर वह अपने घर चला गया। अगले दिन सुबह चालक जब प्रधान के आवास पर गया तो वहां से ग्रामप्रधान के कमरे के बगल में स्थित दूसरे कमरे में रखी केतली लेकर चौरी चौराहा पर चाय लेने चला गया। चाय लेकर जब ग्रामप्रधान के कमरे में उन्हें जगाने गया तो वहां का दृश्य देख कर भौंचक रह गया। चारपाई पर लाश पड़ी थी, सीने में गोली मारी गई थी। कमरे का सामान बिखरा पड़ा हुआ था। कमरे में ही खोखा पड़ा था।

घटना की जानकारी चालक ने गांव के अन्य लोगों को दी। बताया जाता है कि ग्राम प्रधान यादव सोमवार की देर शाम पिपरा खुर्द गांव निवासी अपने मित्र हरीश शाही के घर दावत खाने गए थे। चालक के न रहने पर वह दावत में अपनी चार पहिया गाड़ी खुद चलाकर गए थे। दावत खाकर देर रात वह अपने गांव जंगल बड़हरा के लिए चले। बताया जाता है चार पहिया वाहन में ग्राम प्रधान अकेले थे। ग्राम प्रधान के परिवार वालों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। ग्राम प्रधान प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे इसके अलावा गांव में एक भट्ठा भी चलाते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद प्रधान का अंतिम संस्कार देर शाम रोहिन नदी के भौराभारी घाट पर किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस के अलावा क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। इस संबंध में मृत ग्रामप्रधान के पिता ने स्थानीय थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार ने बताया कि हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। हर पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।

सामने आ रही है पुलिस की लापरवाही : प्रधान पप्पू की हत्या को लेकर मंगलवार को ब्लॉक परिसर में ब्लॉक ग्राम प्रधान संघ की बैठक हुई। इसमें ग्राम प्रधानों ने कहा कि एसओ पनियरा की लापरवाही के कारण प्रधान की हत्या हुई। वक्ताओं ने कहा कि नवंबर में बदमाशों ने बेचन प्रसाद की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी, लेकिन पुलिस अब तक हत्यारोपियों को पकड़ नहीं सकी है। यदि पनियरा पुलिस इस हत्या को गंभीरता से ली होती तो रविन्द्र की हत्या नहीं हुई होती। बैठक से पहले शोक सभा कर मृतक की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की गई। इस दौरान ब्लाक प्रमुख राजेश जायसवाल, ब्लॉक ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष रमाशंकर यादव, लालजी यादव, सतीश सिंह और बीडीओ मोहन यादव रहे।

हत्या की वजह कही पैसा तो नहीं : ग्राम प्रधान की हत्या मामले में पुलिस ने कई बिंदुओं पर जांच शुरू की है। हत्या के तरीके से अनुमान लगाया जा रहा है कि प्लानिंग के तहत गोली मारी गई है। मारने वाला उनका बहुत ही करीबी है, जो उनकी हर गतिविधियों के बारे में जानता था। कमरे में जिस तरह आलमारी का सामान बिखरा पड़ा था, उससे इस आशंका को भी बल मिलता है कि हत्या लूट की नीयत से तो नहीं की गई। पप्पू ने कुछ ही समय में अच्छी-खासी प्रापर्टी खड़ी कर ली थी। क्षेत्र के खजुरिया में उनका ईंट भट्ठा भी है। साथ ही पीपीगंज में मकान और वाराणसी में करीब 80 एकड़ की जमीन नेवासे की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना के समय प्रधान के पास चार से पांच लाख रुपये होंगे। इन्हीं रुपयों के लिए उनकी हत्या की गई। लोगों का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में एक व्यक्ति को प्रधान ने चुनाव लड़ने के लिए आठ लाख रुपये उधार दिए थे। पिछले दिनों प्रधान ने उस व्यक्ति से रुपये मांगे। उसी रुपयों को लेकर उस व्यक्ति से कहासुनी भी हो गई थी।

खुलासे को एसओजी लगाई गई : हत्या के जल्द खुलासे के लिए एसपी ने एसओजी के अलावा जिले के कई तेज तर्रार दरोगाओं को लगाया है। हत्या के गुस्से में कोई घटना न हो इसके लिए ग्राम प्रधान के आवास पर एक सेक्शन पीएसी लगाई गई है। इसके अलावा इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार सिंह, एसओ श्यामदेउरवां नितेश श्रीवास्तव, एसओ फरेन्दा अनिल कुमार सिंह और एसओ घुघली जितेन्द्र यादव को भी लगाया गया है। बड़हरा के ग्राम प्रधान रविन्द्र यादव उर्फ पप्पू की हत्या की खबर जैसे लोगों के कानों तक पहुंची, हर कोई उनके घर की ओर दौड़ पड़ा। मकान के सामने सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। सभी यही कह रहे थे कि प्रधान बहुत ही मिलनसार थे।

मंगलवार सुबह करीब आठ बजे ग्राम प्रधान की लाश उनके कमरे में मिली। सीने में गोली मारी गई थी। वह जिंदा न बचें, इसलिए बदमाशों ने गोली मारने के बाद सिर पर हथौड़े से प्रहार किया था। हत्या की खबर सुनते ही लोग पहुंच गए। हर एक की जुबान पर यही था कि वह बहुत मिलनसार थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे गांव के लोगों का कहना था कि किसी भी व्यक्ति का काम होता था, वह अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर कराते थे। यही कारण था कि कुछ ही दिनों में वह गांव ही नहीं क्षेत्र के लोगों के लिए प्रिय नेता बन गए थे। घटना के दिन भी गांव के दो लोग उनके दरवाजे पर प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे थे। उनके जगने का इंतजार कर रहे थे। लोगों का कहना था कि उन्हें कोई जगाता नहीं था। आठ बजे वह खुद जग जाते थे। मंगलवार को काफी देर हो जाने के चलते ड्राइवर चाय लेकर कमरे में पहुंचा तो हत्या का पता चला।

महाराजगंज से अरुण कुमार वर्मा की रिपोर्ट.

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