महाराष्ट्र के पत्रकारों ने सम्मेलन में मुख्यमंत्री को न बुलाने का फैसला लिया

पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकार पेन्शन योजना लागू करने की महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी कृती समिती की मांग को लेकर सरकार की उदासीनता के मद्देनजर महाराष्ट्र के पत्रकारों ने फैसला लिया है कि वे अपने आगामी सम्मेलन में मुख्यमंत्री को नहीं बुलाएंगे. साथ ही कार्यक्रम के लिए सरकारी अनुदान न लेने का भी निर्णय लिया गया है. मराठी पत्रकार परिषद महाराष्ट्र के पत्रकारों की मातृसंस्था है.

75 साल पुरानी इस संस्था का समेलन हर दो साल बाद होता है. इस सम्मेलन मे देश के विभिन्न भागों से 3000 से ज्यादा पत्रकार हिस्सा लेते हैं. सम्मेलन का मुख्यमंत्री के हाथों उद्घाटन कराने की परंपरा रही है. यह पहला मौका है कि इस साल मुख्यमंत्री को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है.

महाराष्ट्र सरकार पत्रकारों के समस्या की तरफ अनदेखी कर रही है. इससे दुखी मराठी पत्रकार परिषद ने 24 और 25 अगस्त को औरंगाबाद में होने जा रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री या किसी भी राजनैतिक व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में नहीं बुलाने का फैसला लिया है. मराठी पत्रकार परिषद के 75 साल के इतिहास मे पहली बार ऐसा हो रहा है. मराठी पत्रकार परिषद की एक महत्वपूर्ण मीटिंग 15 जुलाई को औरंगाबाद में संपन्न हुई.

परिषद के पूर्व अध्यक्ष तथा पत्रकार हमला विरोधी ऍक्शन कमिटी के कनवीनर एस.एम. देशमुख की अध्यक्षता मे संपन्न हुई इस बैठक में औरंगाबाद के प्रमुख समाचारपत्रों के सभी संपादक मौजूद थे. मीटिंग मे पत्रकारों के प्रति नकारात्मक सरकारी रवैया की उपस्थित लोगों ने कड़ी आलोचना की. साथ ही आगामी सम्मेलन में किसी भी पार्टी के नेता को नहीं बुलाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया. सम्मेलन के लिए सरकार का अनुदान भी नहीं लेने का निर्णय लिया गया है. इस सम्मेलन का उदघाटन अण्णा हजारे के हाथों कराने की योजना है. समारोह समारंभ के लिए नाना पाटेकर और मराठी-हिंदी-अंग्रेजी पत्रकारिता के जाने-माने पत्रकारों को निमंत्रित किया जा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *