नई दिल्ली : कंपनी मामलों का मंत्रालय महा मीडिया और कार्पोरेट दलाल नीरा राडिया के वैष्णवी समूह की कंपनियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि उसे सपना आ रहा है कि इन कंपनियों पर वित्तीय लेखाजोखा में गड़बड़ी करने के आरोप अदालत में शायद ही टिक पाए. इस मंत्रालय के तहत काम करने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने वैष्णवी समूह की कुछ कंपनियों की जांच की है.
सूत्रों ने कहा कि एसएफआईओ ने समूह की कुछ कंपनियों के खिलाफ वित्तीय लेखाजोखा में गड़बड़ी का अभियोग दायर करने की सिफारिश की है. हालांकि, मंत्रालय के कानूनी प्रभाग ने वैष्णवी पर कंपनी कानून की धारा 628 के तहत मुकदमे की कार्यवाही से बचने की सलाह दी है. इस धारा के तहत दो साल तक की कैद का प्रावधान है.
धारा 628 एक कंपनी द्वारा वित्तीय लेखाजोखा में झूठी सूचना उपलब्ध कराने से जुड़ी है. एसएफआईओ धारा 628 के तहत ने चार इकाइयों वैष्णवी एडवाइजरी सर्विसेज, वैष्णवी कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, विटकॉम कंसल्टिंग और न्यूकॉम कंसल्टिंग के खिलाफ मुकदमें की कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की है.






