महिला उत्थान के नाम पर चल रहे कम्युनिटी रेडियो स्टेशन में महिलाओं का शोषण

दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में महिला उत्थान के नाम पर चलाए जा रहे एक कम्युनिटी रेडियो स्टेशन में महिलाओं का जमकर शोषण किया जा रहा है. भड़ास4मीडिया को भेजे एक मेल में रेडियो स्टेशन में कार्यरत व कार्य कर चुकी कुछ युवतियों ने बताया है कि नई दिल्ली के पीतमपुरा में केआर प्रोडक्शन्स की तरफ से KRIMS FM 90.8 नामक कम्युनिटी रेडियो स्टेशन चलाया जाता है. इस रेडियो स्टेशन की लांचिंग जून 2011 में हुई थी. यहां पर कार्यरत रेडियो जाकी व अन्य युवतियों को बेहद असुरक्षित माहौल में कार्य करना पड़ता है. असुरक्षा और किसी से नहीं बल्कि इस रेडियो स्टेशन के मालिक से है.

खुद को रेडियो स्टेशन का चेयरमैन बताने वाला शख्स रविंद्र अग्रवाल रेडियो स्टेशन में कार्यरत युवतियों को अपने पास केबिन में अकेले में बुलाता है और उसके व अन्य आदमियों के साथ सोने व अन्य कंप्रोमाइज करने के एवज में सेलरी इनक्रीमेंट व प्रमोशन का लालच देता है. इस तरह के प्रस्तावों को ज्यादातर युवतियां ठुकरा देती हैं और चुपचाप संस्थान छोड़ देती हैं. बदनामी आदि के डर के कारण युवतियां इस आदमी की शिकायत पुलिस से नहीं कर पातीं. कई रेडियो जाकी भी इसी व्यवहार के कारण नौकरी छोड़कर चली गईं. एक बार कई युवतियों ने मिलकर इस्तीफा दे दिया क्योंकि सभी को एक एक करके यही प्रस्ताव चेयरमैन की तरफ से दिया गया और सबने आपस में बात करके इस्तीफा दे दिया. कोई भी लड़की चेयरमैन रवींद्र अग्रवाल के खिलाफ मुंह नहीं खोलती क्योंकि ऐसा बताया गया है कि यह आदमी काफी प्रभावशाली है और वह नुकसान पहुंचा सकता है.

KRIMS में काम कर चुकीं और कार्यरत हम कई लड़कियां भड़ास4मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से अपील करती हैं कि सरकार KRIMS का लाइसेंस कैंसल करे. कम्युनिटी रेडियो स्टेशन का मकसद महिलाओं और बच्चों का उत्थान करना है. पर इन्हीं रेडियो स्टेशन की आड़ में जब महिलाओं को शोषण हो रहा हो तो फिर ये रेडियो स्टेशन लाइसेंस की शर्तों को पूरी नहीं करते. KRIMS संस्थान प्लाट नंबर 1, बीयू ब्लाक, आउटर रिंग रोड, पीतमपुरा पर स्थित है. उधर, इन आरोपों के बारे में जब भड़ास4मीडिया की तरफ से KRIMS संस्थान से संपर्क साधा गया तो उन लोगों ने अपना लिखित बयान भड़ास4मीडिया को उपलब्ध कराया, जो यूं है..

''Krims institute Delhi ka mana hua institute hai jiske chairman R.Aggarwal hain jo kafi suljhe huay insaan hai aur apne kam se hamesha bahar hi rahte hain.. Krims institute par to wo kabhi 2 ya 3 mahine main ek do baar aate hai or agar kabhi aate bhi h to wo sirf director se ya jimmedar logon se hi baat karte hain, wo to kisi staff ko pehchante bhi nhi hai. Kisi bhi staff ka appointment ya termination ya staff se related koi bhi decision mein unka koi involvement nhi hota. hamare sansthan ka school bhi hai jisme mukhya roop se mahilayain hi kam karte hain aaj tak aisi padeshani ya aisi baatein kabhi sunne main nahi mili hai, ye sirf hamre institute or KRIMS FM 90.8 ko badnam krne ki sajish hai. Aaj bhi hamare institute main mahilayain kam karti hai or kabhi koi aisi baat nahi hui aap chahe to kisi bhi mahila karamchari se baat kar sakte hain… krims fm 90.8 apne sidhanton par hi kam karti hai aur bhavishya main bhi karti rahegi…''

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Krims

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