महुआ न्यूजलाइन के स्ट्रिंगरों को उनका हक दिलवाइए

आदरणीय यशवंत जी प्रणाम, आपने बिना झुके हमेशा सत्यता का साथ दिया… यही वजह रही की कुछ ऐसे लोग आपकी कामयाबी को पचा नहीं पाए और आपके ऊपर झूठे केसों की बौछार कर दी… लेकिन आपके कदम नहीं डगमगाए… आपने संयम और धर्य से काम लिया.. इसी कारण आपके विरोधी आपको जायदा दिनों तक जेल में नहीं रख पाए…… आपने हमेशा छोटे पत्रकारों की आवाज़ को अपनी आवाज़ देकर उनकी समस्याओं का समाधान करवाया है….

मेरी भी एक पीड़ा है… यह मुझ जैसे सैकड़ों छोटे पत्रकारों की पीड़ा है…. पीड़ा यह है कि आपने एक चैनल का नाम तो सुना होगा… महुआ न्यूज़ लाइन (उत्तर प्रदेश उत्तराखंड)… ये चैनल किसी कारण बंद हो गया… चैनल के बंद होते ही उससे जुड़े हम जैसे कई लोगों की सांस भी बंद हो गयी…. हमे पता लगा कि ग्रुप एडिटर राणा यशवंत ने अन्य कर्मचारियों को उनकी रुकी हुई तनख्वाह दिलवाने व दो महीने का मुआवजा दिलवाने के लिए न्यूज़ रूम में हड़ताल शुरू कर दी…. सबसे ज्यादा तकलीफ हम छोटे स्ट्रिंगरों को थी क्योंकि दस महीनो में भेजी गयी खबरों का सिर्फ एक महीने का ही भुगतान हुआ था… राणा यशवंत जी द्वारा अन्य कर्मचारियों के साथ धरने पर जुट जाने की खबर सुनकर हमारी जान में जान आ गयी… लगा की राणा यशवंत जी छोटे लोगों का हक़ दिलवा कर ही मानेंगे…. दो तीन दिन तक चले इस घटनाक्रम में राणा यशवंत जी सिर्फ उन्हीं लोगों का हक़ दिलवाने में सफल हुए जो चैनल में स्थायी कर्मचारी थे…. यही नहीं, उन सभी कर्मचारियों को तीन महीने का मुआवजा भी दे दिया गया लेकिन हम लोगों के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं… हमें अभी तक दस महीने में सिर्फ एक महीने का ही भुगतान हुआ है… सबके सामने संकट खड़ा हो गया… इस बार ईद की खुशियां तक छीन ली गयी… पैसा नहीं मिला अभी तक….. आपको रोते हुए यह सब लिख रहा हुं कि हमे अभी तक पैसा नहीं मिला… हम क्या करें …..आपसे अनुरोध है कि कृपया इस मामले को थोड़ा गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के उन सैकड़ों स्ट्रिंगरों की आवाज़ उठायें जिन्होंने दिन रात मेहनत कर अपना खून पसीना एक करके महुआ न्यूज़ लाइन को आगे रखा … यशवंत जी आपसे अनुरोध है कि आप ही वो एक शख्स है जो छोटे लोगो के हक़ की आवाज़ बुलंद कर सकते है.

xxxxxxxxxxxxxx

यशवंत जी, महुआ न्यूज़ लाइन उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के सैकड़ों स्ट्रिंगरो को चैनल बंद होने के बाद भी अब तक पिछले 6 महीनो से कोई भी भुगतान नहीं हो पाया जिसकी वजह से सभी स्ट्रिंगर बड़ी ही दयनीय स्तिथि से गुजर रहे हैं. मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया महुआ प्रबंधन से उनका पक्ष जानकर इस मुद्दे को भी भड़ास पर उठायें. जब भी महुआ प्रबंधन से बात की जाती है तो वे लोग आज कल आज कल कह कर टाल देते हैं. हमारी आपसे प्रार्थना है कि महुआ प्रबंधन से आप यह पूछें कि स्ट्रिंगरों का भुगतान अब तक क्यों नहीं हो पाया है?

महुआ न्यूज़ लाइन का एक परेशान स्ट्रिंगर

xxxxxxxxxxxx

आगरा में बंद होने के बाद भी चल रहा है महुआ न्यूज़ लाइन

महुआ न्यूज़ लाइन पूरे उत्तर प्रदेश में बंद हो गया है. चैनल में हालात इस कदर खराब हो गए कि बंद होने के बाद चैनल कर्मियों ने वेतन पाने के लिए आमरण अनशन प्रारंभ किया  जिसके चलते यह खबर पूरे देश में छा गयी. एक शहर ऐसा भी है जहाँ आज भी महुआ न्यूज़ लाइन चल रहा है व बाकायदा बड़े पत्रकार व महुआ न्यूज़ लाइन के ब्यूरो हेड परवेज सागर आज भी कार्यक्रमों की कवरेज करते हैं. अभी भी कंपनी की इंडिका लगातार छोटे कार्यक्रम प्रेस वार्ता टाइप को कवर कर रही है जिसमें पीडी कैमरे का इस्तेमाल किया जा रहा है.

उपरोक्त जानकारियां सूचनाएं अनुरोध पत्रकारों द्वारा भेजे गए मेल के जरिए भड़ास को प्राप्त हुई है. आप भी कोई जानकारी भड़ास के साथ bhadas4media@gmail.com के जरिए शेयर कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *