महुआ समूह की नाजुक हालत के बीच आरसी शुक्‍ला का इस्‍तीफा

महुआ की खबरों की खुशबू शायद अब खात्‍मे पर है। इस समूह की महुआ न्‍यूज और न्‍यूज लाइन नामक दोनों चैनल अब दम तोड़ गये हैं। महुआ न्‍यूजलाइन तो पूरे यूपी में गधे के सिर की सींग की तरह खत्‍म हो गया है, जबकि महुआ न्‍यूज अब पटना और रांची में यदाकदा और कहीं-कहीं दिख जा रहा है। खबर तो यहां तक है कि इन दोनों चैनलों के कर्मचरियों को पिछले मई महीने से वेतन तक के दर्शन नहीं हुए हैं। स्ट्रिंगर्स को तो डेढ़ साल से पारिश्रमिक भुगतान दिया ही नहीं गया है। वैसे चर्चा के मुताबिक इस समूह में दूसरे ओहदे पर माने जाते आरसी शुक्‍ला ने आंतरिक स्थितियों से तंग आकर इस्‍तीफा दे दिया है। कई दूसरे बड़े मोहरों को भी जल्‍दी ही दरवाजे से निकालने की चर्चाएं भी बनती बतायीं जा रही हैं।

महुआ न्‍यूज और महुआ न्‍यूज लाइन की लाइनें अब परमानेंटली आफ हो गयी है। पिछले एक महीने से न्‍यूज लाइन का प्रसारण पूरे यूपी में बंद है। इस चैनल के कर्मचारी अब औपचारिकता के लिए भी खबरें भेजने की कोशिशें कर रहे हैं। यही हालत महुआ न्‍यूज चैनल की है। बताते हैं कि झारखंड में केवल रांची तक और बिहार में केवल पटना तक ही इस चैनल की विजिबिलिटी हो रही है। वह भी यदा-कदा और कहीं-कहीं। दीगर बात है कि भोजपुरी मनोरंजन चैनल महुआ का प्रसारण जरूर हो रहा है, लेकिन वह भी केवल झारखंड और बिहार तक ही सीमित है। यूपी में इस चैनल का कोई नाम-पता अब नहीं बचा है।

तबाही का कारण चैनलों में डिस्‍ट्रीब्‍यूशन का संकट है। बताते हैं कि प्रसारण के लिए केबिल ऑपरेटरों से की गयी बातचीत चैनल प्रबंधन से आखिरी समय में टूट गयी है। हालांकि पिछले एक साल पहले न्‍यूजलाइन के वितरण को लेकर हाय-तौबा चल रही थी। चुनाव के पहले केबिल ऑपरेटरों ने चैनल प्रबंधन के आश्‍वासन पर संचालन शुरू कर दिया था कि जल्‍दी ही भुगतान उन्‍हें मिल जाएगा। लेकिन कई महीना बीत जाने के बाद भी जब ऑपरेटरों को भुगतान नहीं मिला तो उन्‍होंने प्रसारण ठप कर दिया। यही हालत महुआ न्‍यूज की भी है। रांची और पटना के अलावा बिहार और झारखंड के किसी भी इलाके में महुआ न्‍यूज का प्रसारण पिछले महीनों से बंद है। खबर है कि चैनल प्रबंधन के पास केबिल ऑपरेटरों को भुगतान करने के लिए पैसा ही नहीं बचा है।

इन चैनलों में वेतन भुगतान का भी मामला अब बुरी तरह फंस गया बताते हैं। मई माह से किसी भी कर्मचारी को वेतन का भुगतान नहीं दिया गया है। अकेले नोएडा मुख्‍यालय में ही अराजकता की हालत पैदा हो चुकी है। कई कर्मचारी अवकाश पर चले गये हैं।

लेखक कुमार सौवीर सीनियर जर्नलिस्‍ट हैं. वे कई अखबारों तथा चैनलों में वरिष्‍ठ पदों पर काम कर चुके हैं. इन दिनों स्‍वतंत्र पत्रकार के रूप में सक्रिय हैं. इनसे संपर्क 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.

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