”मात्र एसएमएस ही तो भेजा, फिजिकली टच तो नहीं किया”

सेवा में, श्री बी एल जोशी, महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश, लखनऊ : विषय- सुश्री ऋचा श्रीवास्तव, सहायक सांख्यकीय अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी के साथ उनके विभागीय अधिकारी द्वारा अश्लील हरकतें करने विषयक  :

महोदय,

कृपया निवेदन है कि मैंने अपने पत्र संख्या- NT/RS/Amethi दिनांक-08/01/2013 द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार में तैनात एक नयी महिला कर्मी सुश्री ऋचा श्रीवास्तव, सहायक सांख्यकीय अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी के साथ उनके ही कार्यालयाध्यक्ष द्वारा अश्लील हरकतें करने और इस का विरोध करने पर उलटे उन्हें ही प्रताडित और परेशान करने, अमेठी जिले के जिलाधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी से ले कर विभागीय प्रमुख तक शिकायत करने के बाद भी प्रताडित होने सम्बंधित एक शिकायत मा० मुख्यमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया था, जिसकी प्रति पुनः संलग्न कर रही हूँ. 

इसी बीच एक कथित जांच समिति भी इस प्रकरण में जांच करने अमेठी गयी थी लेकिन यह समिति भी उस महिला अधिकारी की मदद करने के स्थान पर उलटे उन्ही से वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किये गए कॉल के कॉल डिटेल्स मांग रही है, जिससे इस समिति की संवेदनशीलता साफ़ दिख जाती है, क्योंकि यह सभी जानते हैं कि मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर सीधे किसी व्यक्ति को कॉल डिटेल्स नहीं देते. अतः जहाँ किसी भी संवेदनशील प्रशासन से इस अत्यंत संवेदनशील प्रकरण में प्रत्येक स्तर पर सहयोगी रुख की उम्मीद की जानी चाहिए थी, वहीँ यह नयी महिला अधिकारी समस्त प्रताडनाओं के बाद भी अकेले संघर्ष कर रही है, जबकि पूरा देश महिला अत्याचार और महिला अपराध के विरुद्ध आवाज उठाता दिख रहा है. अतः मैं इस मामले में आपके व्यक्तिगत दृष्टिपात का निवेदन करती हूँ और साथ ही यह भी मांग करती हूँ कि ना सिर्फ उस महिला कर्मी के साथ न्याय हो बल्कि जिलाधिकारी अमेठी से ले कर निदेशक, अर्थ एवं संख्या तक जिस किसी भी अधिकारी ने इस अत्यंत संवेदनशील प्रकरण में अतीत असंवेदनशील और अनपेक्षित आचरण किया है, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए.

पत्र संख्या- NT/RS/Amethi       
दिनांक-14/01/2013
भवदीय,
(डॉ नूतन ठाकुर )
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ  
# 94155-34525

 
सेवा में,
श्री अखिलेश यादव,
मा० मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश शासन,
लखनऊ
विषय- सुश्री ऋचा श्रीवास्तव, सहायक सांख्यकीय अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी के साथ उनके विभागीय अधिकारी द्वारा अश्लील हरकतें करने तथा युवा महिला अधिकारी द्वारा इसकी शिकायत करने पर उलटे उसी महिला अधिकारी को परेशान करने सम्बंधित कतिपय गंभीर आरोप  
महोदय,
 कृपया निवेदन है कि मैं महिला अपराध तथा छेड़खानी से जुड़ा एक अत्यंत ही गंभीर प्रकरण आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ जिसमे उत्तर प्रदेश सरकार में तैनात एक नयी महिला कर्मी के साथ उनके ही कार्यालयाध्यक्ष द्वारा पहले अश्लील हरकतें की गयीं, उनके प्रति अनुचित टिप्पणियाँ की गयीं, उनका गलत प्रकार से शोषण करने का कुत्सित प्रयास किया गया और जब उस महिला ने इस का विरोध किया और इस पर आपत्ति की तो उलटे उन्हें ही प्रताडित और परेशान किया गया. आज स्थिति यह है कि अपने विभाग के प्रमुख सचिव, विभागीय निदेशक से ले कर अमेठी जिले के जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी तक शिकायत कर चुकने के बाद भी वह युवा महिला कर्मी न्याय के लिए भटक रही है और परेशान हो कर अवकाश ले कर घर बीतने को मजबूर हो गयी है, जबकि उसके साथ इस प्रकार की गन्दी, वीभत्स तथा कलंकित कृत्य करने वाले अधिकारी उसी स्थान पर बैठे हुए हैं. इतना ही नहीं, उन अधिकारी महोदय ने अपने प्रभाव का स्पष्ट दुरुपयोग करते हुए इस प्रकरण में इस युवा महिला अधिकारी का साथ देने और उनके पक्ष में बात कहने का साहस करने वाले अन्य तमाम अधीनस्थ अधिकारियों को भी परेशान करने की नीयत से अन्यत्र स्थानांतरित करा दिया है. इससे भी अधिक वीभत्स बात यह कि इस प्रकरण में नियुक्त हुए एक जांच अधिकारी उलटे उसी पीड़ित महिला से कहते सुने गए कि केवल एसएमएस ही तो भेजा है, तुम्हे फिजिकली टच तो नहीं किया है. स्वाभाविक है कि यदि एक महिला अधिकारी, एक युवा महिला अधिकारी को अपने प्रति किये जा रहे महिला अपराध के लिए आवाज़ उठाने पर यदि इस प्रकार शोषित किया जाएगा और प्रमुख सचिव से लेकर जिलाधिकारी तक सभी केवल कागजी कार्यवाही करते रहेंगे तो प्रदेश में महिला अपराध और महिला उत्पीडन की घटनाएँ कभी कम नहीं होंगी.

यह प्रकरण सुश्री ऋचा श्रीवास्तव, सहायक सांख्यकीय अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी का है जिन्होंने पिछले वर्ष छह अगस्त को अपनी नयी सेवा ज्वायन किया था और अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी में नियुक्त हुई थीं. उनके कार्यालय क्वायान करने के बाद से ही उनके कार्यालयाध्यक्ष श्री जयदीप सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने उनके साथ अनुचित और आपराधिक कृत्य करना शुरू कर दिया. वे अकारण उस महिला अधिकारी से देर रात तक फोन पर बातें करते. इसके अलावा बिला मतलब ही देर तक कार्यालय में बैठाया करते. वे अपनी बातचीत में अकसर अश्लील और अनुचित शब्दों का प्रयोग करते. वे सुश्री ऋचा के कपड़ों, उनके ड्रेस आदि पर भी टिप्पणी करते और इन पर जबरदस्ती अपनी राय अधिरोपित करते.

जब सुश्री ऋचा इन अनुचित और घृणित हरकतों से आजिज हो गयीं तो उन्होंने 20/11/2012 को इस सम्बन्ध में श्री विद्या भूषण, जिलाधिकारी, अमेठी को फ़ोन पर शिकायत की. लेकिन यह अत्यंत कष्ट का विषय रहा कि जिलाधिकारी ने भी इस प्रकरण को बहुत हलके में लेते हुए प्रकरण श्री हरि शंकर उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी को संदर्भित कर दिया जबकि उन्हें स्वयं इस अत्यंत गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल ठोस कार्यवाही करना चाहिए था. मुख्य विकास अधिकारी ने सुश्री ऋचा को बुला कर एक लिखित प्रार्थनापत्र लिया लेकिन उन्होंने भी स्वयं तत्काल कठोर कार्यवाही करने की जगह परियोजना निदेशक को यह प्रकरण संदर्भित कर दिया. परियोजना निदेशक ने भी पिछले डेढ़ माह से इस प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं की और इस प्रकार जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को प्रार्थनापत्र देने के बाद अब तक डेढ़ माह बीत जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है. यह निश्चित रूप से अत्यंत आपत्तिजनक बात है कि स्वयं जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को एक युवा महिला कर्मी के साथ इस प्रकार के महिला अपराध होने की बात संज्ञान में आ जाने के बाद भी उनके स्तर से कोई भी कार्यवाही नहीं की और आँखें मूंदे रखा गया. मुझे विश्वास है कि आप इन अधिकारियों द्वारा इस प्रकार कर्तव्यपालन में की गयी घोर लापरवाही और महिला अपराध के प्रति नितांत अगम्भीरता और अनुत्तरदायी आचरण के लिए उन्हें दण्डित करने की कृपा करेंगे.

सुश्री ऋचा द्वारा 20/11/2012 को यह शिकायत करने के बाद भी श्री जयदीप सिंह द्वारा उन्हें परेशान करना जारी रखा गया. उन्होंने लगातार सुश्री ऋचा को फोन करना जारी रखा. इसके अलावा 24/11/2012 को करीब 3 बजे एसएमएस भी भेजा जिसमे लिखा कि “Call me urgently”. सुश्री ऋचा ने उनका फोन रिसीव नहीं किया और ना ही उन एसएमएस का भी जवाब नहीं दिया. दिनांक 26/11/2012 (सोमवार) को कार्यालय खुलने के बाद श्री जयदीप सिंह ने सुश्री ऋचा को अपने कक्ष में बुलाया और इस प्रकार शिकायत करने के पर कई प्रकार की धमकी दी और कहा कि वे उनका कैरियर खराब कर देंगे. कार्यालय में इस बात की चर्चा होने पर कार्यालय के अन्य स्टाफ भी वहाँ गए और उन्होंने श्री जयदीप सिंह के इस आचरण की निंदा और विरोध भी किया.

इस प्रकार की घटना घटने पर कुछ स्थानीय पत्रकारों  को यह बात जानकारी में  आई और यह खबर अख़बारों में भी छपी. श्री जयदीप सिंह द्वारा इस प्रकार धमकी देने के बाद सुश्री ऋचा एक बार पुनः श्री विद्या भूषण, जिलाधिकारी के पास गयीं जिन्होंने इस मामले को उनके कार्यालय का निजी मामला बता कर इससे स्वयं को अलग कर लिया और अपने अधीनस्थ एक युवा महिला कर्मी के साथ हो रहे दुराचरण और महिला अपराध के प्रति अत्यंत ही असंवेदनशील और अनुचित आचरण का परिचय दिया.

यह प्रकरण श्री प्रेम नारायण, निदेशक, अर्थ एवं संख्या, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के संज्ञान में आने के बाद इस सम्बन्ध में श्री अमलेन्दु राय, उपनिदेशक, अर्थ एवं संख्या, फैजाबाद मंडल दिनांक 27/11/2012 को अमेठी आये. उन्होंने कार्यालय के लोगों से पूछताछ की और उसके बाद उन्होंने सभी लोगों के सामने कहा कि “श्री जयदीप सिंह ने आपको फोन पर ही अमर्यादित बातचीत किया है, आपको फिजिकली टच तो नहीं किया है. यह इतना गंभीर मुद्दा नहीं है.” मैं समझती हूँ कि इससे अधिक अनुचित, घृणित और आपराधिक कृत्य कोई और नहीं हो सकता जिसमे एक वरिष्ठ अधिकारी जिससे ऐसे मामलों में न्याय और कठोरतम कार्यवाही की अपेक्षा हो, वह इस तरह की ओछी और फूहड़ बात कहें. अगले दिन श्री राय ने सुश्री ऋचा और कार्यालय में उनकी बात का समर्थन कर रहे अन्य कर्मियों का कैरियर बर्बाद करने और दूरदराज स्थानांतरित करने की भी धमकी दी.

इस प्रकरण में इतना ही नहीं हुआ. दिनांक 01/12/2012 को श्री जयदीप सिंह ने कार्यालय के अन्य कर्मियों श्री वासुदेव भारती, श्री अनुपम सिंह और श्री रमाशंकर यादव के सामने सुश्री ऋचा को एक बार पुनः धमकी दी.

एक तो श्री अमलेन्दु राय  ने अपने स्तर से कुछ नहीं किया, ऊपर से उन्होंने श्री प्रेम नारायण, निदेशक ने उनके प्रस्ताव को मानते हुए दिनांक 07/12/2012 के अपने आदेश द्वारा सुश्री ऋचा को अमेठी से बाराबंकी, श्री राम शंकर यादव, अपर सांख्यकी अधिकारी को अमेठी से अम्बेडकरनगर और श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ सहायक को अमेठी से फैजाबाद स्थानांतरित कर दिया. इस स्थानांतरण आदेश में स्थानांतरण का कारण प्रशासनिक आधार बताया गया और इस पत्र का शीर्षक दिया गया-“ अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, अमेठी में अधिकारियों और कर्मचारियों के आपसी विवाद और कर्मचारियों द्वारा की गयी अभद्रता के सम्बन्ध में”. श्री जयदीप सिंह ने दिनांक 13/12/2012 को इसके क्रम में सुश्री ऋचा को कार्यमुक्त करने के आदेश कर दिये. यही नहीं उन्होंने सुश्री ऋचा के कार्यमुक्त होने के बाद भी दिनांक 22/12/2012 को 43 तालिकाएं तैयार नहीं कर पाने के नाम पर उन्हें स्थानांतरण के बाद उन्हें “विशेष प्रतिकूल प्रविष्ठि” दे दी और इसकी प्रतिलिपि सभी सम्बंधित वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित की.

इसी बीच सुश्री ऋचा अपने विभाग के प्रमुख सचिव से भी मिल चूँकि हैं और प्रमुख सचिव ने शायद कोई तीन-सदस्यीय  जांच समिति बनाए जाने के आदेश दिये हैं लेकिन इस जांच समिति ने भी अभी तक कोई  निश्चित कार्य नहीं किया है.

इस प्रकार एक युवा महिला  कर्मी द्वारा अपने कार्यालय अध्यक्ष के अनुचित आचरण करने, महिला अपराध कारित करने, घृणास्पद आचरण करने के विरुद्ध सामने आ कर आवाज़ उठाने का नतीजा आज यह है कि वह महिला कर्मी शिकायत प्रस्तुत करने के बाद अपने स्थान से स्थानांतरित कर दी गयी, उसे मामूली बात पर मनगढंत ढंग से “विशेष प्रतिकूल प्रविष्ठि” दी गयी, उसकी बात किसी स्तर पर नहीं सुनी गयी, उसके उच्चाधिकारियों ने उल्टा उसे इस तरह की बात कही कि मात्र एसएमएस ही तो भेजा गया है फिजिकली टच तो नहीं किया गया है, जिले के जिलाधिकारी ने यह कह कर पल्ला झाड लिया कि यह विभागीय मामला है, विभागीय प्रमुख सचिव मात्र जांच के आदेश दे कर बैठ गए और विभागीय निदेशक इसे आपसी विवाद के रूप में ले कर शिकायत करने वाली महिला अधिकारी के विरुद्ध ही कार्यवाही करते हैं.

बहुत साफ़ है कि इस प्रकार के लचर और महिला विरोधी माहौल में पूरे प्रदेश में कोई भी महिला कर्मी अपने किसी अधिकारी द्वारा उसके साथ किये जाने वाली अभद्रता, दुराचरण, कुत्सित और घृणित हरकत का ना तो विरोध कर पायेगी और ना ही उसके खिलाफ सामने ही आएगी. यदि सामने आ कर अपने वरिष्ठ अधिकारी के महिला अपराध और कदाचरण का विरोध करने का नतीजा यह हो कि वह महिला अधिकारी और उसका सहयोग करने को आगे बढे कर्मचारी स्थानांतरित कर दिये जाएँ, उस महिला अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्ठि दे दी जाए, घृणित आचरण करने वाले सम्बंधित अधिकारी और इस मामले में लचर और महिलाविरोधी आचरण करने वाले जिलाधिकारी, निदेशक, अर्थ एवं संख्या आदि उच्चपदस्थ अधिकारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं की जाए, तो स्वाभाविक है कि कोई भी महिला कर्मी अपने प्रति किये जा रहे अपराध को सामने आ कर ना तो कहेंगी और ना ही इसका किसी प्रकार से कोई विरोध करेंगी.

यह अत्यंत कष्ट का विषय रहा  कि इस पूरे मामले में किसी भी स्तर पर यह छोटी सी बात  नहीं सोची गयी कि एक युवा महिलाकर्मी, जिसने हाल  में ही विभाग में सहभागिता की है, अपने वरिष्ठ अधिकारी  पर इस प्रकार का गंभीर आरोप क्यों लगायेगी? ना ही इस ओर कोई चिंतन किया गया कि यदि यह महिलाकर्मी सामने आई है तो पूरी प्रशासनिक मशीनरी को लगा कर उसे सुरक्षा दी जाए, उसका सहयोग किया जाये और सम्बंधित दोषी अधिकारियों पर कठोरतम कार्यवाही की जाये.

इन समस्त तथ्यों के दृष्टिगत मैं आपसे निम्न निवेदन करती हूँ-

    1-कृपया इस प्रकरण में सुश्री ऋचा श्रीवास्तव द्वारा विभिन्न अधिकारियों को प्रस्तुत शिकायती प्रार्थनापत्र पर तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित करने के निर्देश देने की कृपा करें
    2-कृपया इस मामले की तत्काल जांच करा कर दोषी पाए जाने पर श्री जयदीप सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अमेठी के विरुद्ध सभी संभव आपराधिक और प्रशासनिक कार्यवाही कराई जाये
    3-इस पूरे प्रकरण के सन्दर्भ में सुश्री ऋचा श्रीवास्तव की हर प्रकार से सहायता और सहयोग किया जाये और सम्बंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश निर्गत किये जाएँ कि सुश्री श्रीवास्तव की पूरी सुरक्षा हो और उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाये
    4-इस प्रकरण में अमर्यादित आचरण करने वाले जांच अधिकारी श्री अमलेन्दु राय, उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या, फैजाबाद के विरुद्ध भी विधिक तथा प्रशासनिक कार्यवाही की जाये
    5-इस प्रकरण में लचर और गैर-जिम्मेदार आचरण करने वाले श्री विद्या भूषण, जिलाधिकारी अमेठी तथा श्री प्रेम नारायण, निदेशक, अर्थ एवं संख्या, उत्तर प्रदेश की भी प्रशासनिक जिम्मेदारी नियत की जाए

मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिस प्रकार से आपने अनवरत महिला अपराध के प्रति खुल कर अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की है, उसके अनुरूप आप इस मामले में भी अत्यंत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए सुश्री ऋचा श्रीवास्तव को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेंगे.

पत्र संख्या- NT/RS/Amethi        
दिनांक-08/01/2013
भवदीय
(डॉ नूतन ठाकुर )
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ  
# 94155-34525

प्रतिलिपि-
1. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु  
2. प्रमुख सचिव, गृह, उत्तर प्रदेश को कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु
3. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश को कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *