मीडियाकर्मियों पर हमला करने वालों से मिल गई है पुलिस, कृपया न्याय दिलाएं

श्रीमान, संपादक महोदय, भड़ास फॉर मीडिया,  विषय :- घटनाक्रम के संदर्भ में सूचनार्थ ! महोदय/ महोदया, संदर्भित विषय में निवेदन है कि कल दिनाँक १६/०६/२००९ को मुरार ७ नंबर चौराहे पर स्थित ज्ञानगंगा कॉलेज में छात्र छात्राओं को परीक्षाओं में खुलकर नक़ल कराये जाने की सूचना हमारे चैनल को प्राप्त हुई | जब इस संदर्भ में हमारे रिपोर्टर कवरेज के लिए पहुंचे तो कॉलेज प्रबंधन की शह पर छात्रों ने मीडियाकर्मीयों के साथ जमकर मारपीट की और कैमरा एवं माइक तोड़ दिया साथ ही कैमरामेन का मोबाइल एवं पर्स छीनकर भाग निकले और हमले के बाद जान से मारने की धमकी देते हुए चुपचाप रहने को कहा |

जब इस संदर्भ में हमारे रिपोर्टर और कैमरामेन ने मुरार थाने जाकर इस घटना की शिकायत दर्ज करानी चाही तो वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी की उपस्थिति में हमारे कैमरामेन एवं रिपोर्टर के साथ बदसलूकी की एवं रिपोर्ट दर्ज ना करने को कहा | जनप्रतिनिधियों एवं सी एस पी नीरज पाण्डेय के हस्तक्षेप के बाद टी. आई. सूर्यकांत अवस्थी ने जैसे तैसे बमुश्किल एफ आई आर दर्ज की लेकिन उस पर कोई कार्यवाही होगी, यह संदेहास्पद ही था क्योंकि थाना प्रभारी सूर्यकांत अवस्थी पूरे समय आरोपियों के बचाव में ही दिखाई दिये | हमारा यह शक यकीन में बदल गया जब कल रात टी आई ने कॉलेज प्रबंधन के साथ मिलकर आरोपियों की निराधार शिकायत पर  ३२३, २९४, ५०६, ३५४, ४२७ ,३२७, ४४८ धाराओं के तहत झूठा प्रकरण दर्ज कर लिया |

महोदय/ महोदया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के नाते समाज में व्याप्त बुराइयों और आपराधिक गतिविधियों का खुलासा करना हमारा नैतिक कर्तव्य हैं और यदि हमें अपने कर्तव्य निर्वहन में पुलिस के इस प्रकार के नकारात्मक रवैये का सामना करना पड़ेगा तो मीडिया कर्मियों का कार्य करना मुश्किल हो जायेगा | आज असामाजिक तत्वों के होंसले कुछ इस कदर बुलंद हैं कि एक मीडियाकर्मी के मूलभूत अधिकार अभिव्यक्ति कि स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही हैं और लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा हैं और इस शर्मनाक घटना पर मुरार थाना प्रभारी की कार्यशैली लोकतंत्र के मुँह पर तमाचा है|

बहरहाल आपका सहचर होने के नाते आपसे मेरा करबद्ध निवेदन है कि इस घटना को प्रमुखता के साथ प्रकाशित/प्रसारित कर निष्पक्ष जाँच कराने हेतु हमें आवश्यक सहयोग प्रदान करें ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके | आज मीडिया की अस्मिता पर हमला करने बालों को कटघरे में खड़ा करने का वक्त आ गया हैं ताकि ऐसे असामाजिक तत्व समाज में किसी भी रूप में न पनप पायें | आपके अपेक्षित सहयोग की आकांक्षा में आपका ही एक कनिष्ठ सहकर्मी….

भवदीय
नवीन पुरोहित
सहायक मुख्य संपादक
भारत समाचार

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