Sheetal P Singh : सचमुच में Kejriwal चुभ रहा है। india news, Zee news, Zee business, India TV, ABP news आदि आदि सिर्फ़ केजरीवाल की आलोचना की ख़बरों, प्रायोजित बहसों, नक़ली मुक़दमों और कार्टूनों से 24 घंटा बिताते लगते हैं। अज्ञात कारणों से 'आजतक' इनका विलोम है। NDTV बैलेंस रहने की कोशिश करता है। समाचार प्लस और न्यूज़ नेशन TATA SKY पर नवागंतुक हैं सो कोई टिप्पणी नहीं।
ऐसा क्यों है? UP Bihar में "आप" कोई ताक़त नहीं है। MP, Rajasthan में भी कुछ ख़ास नहीं। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में ज़रूर 'आप' उपस्थित है। गुजरात में ताक़त नहीं पर नींद उड़ाने की ताक़त है। बाक़ी देश में है भी, नहीं भी है। पर चैनल परेशान हैं। अख़बार बेचैन हैं। सत्ता के दलाल ऐक्टिव हैं और भत्ते के दलाल हाथ साफ़ कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर ज़रूर केजरीवाल पुरज़ोर उपस्थित हैं। यहाँ मोदी के असली और भाड़े वाले समर्थकों और आपियन्स में हर चाक चौराहे पर आमना सामना है। क्षेत्रीय दल ग़ायब हैं। वाम इक्का दुक्का और कांग्रेस क्लास बंक कर ग़ायब है यहाँ। इस फ़्रंट पर तो मोदी बनाम केजरी ही है।
इसीलिये आपसे समझना चाहता हूँ कि मीडिया केजरी से इतना बेचैन क्यों?
वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह के फेसबुक वॉल से.






