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मीडिया को प्रतिकूल प्रभाव फैलाने वाली खबरों से बचना चाहिए : शंकराचार्य

भोपाल। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जगदगुरू स्वामी जयेंद्र सरस्वती ने कहा है कि मीडिया को समाचारों की कवरेज करते समय प्रतिकूल प्रभाव फैलाने वाली खबरों से बचना चाहिए। यदि मीडिया की कवरेज में गड़बड़ होगी तो समाज में भी वैसी ही गड़बड़ व्याप्त हो जाएगी। अतः मीडियाकर्मियों का धर्म है कि वे समाचारों के प्रत्येक पक्ष की जांच पड़ताल करके ही उनका प्रसार करे।

भोपाल। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जगदगुरू स्वामी जयेंद्र सरस्वती ने कहा है कि मीडिया को समाचारों की कवरेज करते समय प्रतिकूल प्रभाव फैलाने वाली खबरों से बचना चाहिए। यदि मीडिया की कवरेज में गड़बड़ होगी तो समाज में भी वैसी ही गड़बड़ व्याप्त हो जाएगी। अतः मीडियाकर्मियों का धर्म है कि वे समाचारों के प्रत्येक पक्ष की जांच पड़ताल करके ही उनका प्रसार करे।

शंकराचार्य आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय  पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 'पत्रकारिता का धर्म' विषय पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। शंकराचार्य के शब्दों में सोच-समझकर और जनहित को सामने रखकर ही समाचार लिखे जाने चाहिए और समाचार ऐसे हों जिनसे देश और समाज का हित हो। सनसनी और हिंसा को बढ़ावा देने वाले समाचारों के प्रसार से यथासंभव बचना चाहिए।  विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्रद्धेय शंकराचार्य जी ने कहा कि देश में शांति बनाए रखने की बहुत आवश्यकता है। मीडिया देश में अहिंसा और शांति का वातावरण बना सकता है। वर्तमान संदर्भ में धर्म की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म वह है जो हमारी वैदिक सनातन संस्कृति ने हमें प्रदान किया है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि श्रद्धेय शंकराचार्य जी ने सूत्र रूप में हमें वे बातें बताईं हैं जो मीडिया और पत्रकारिता कर्म को और बेहतर कर सकती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी की बातें आज टेलीविजन मीडिया पर विशेष तौर पर लागू होती हैं।

इस उदबोधन के उपरांत विश्वविद्यालय  में होली मिलन समारोह का आयोजन  किया गया। इस पर चंदन का टीका लगाकर सभी ने एक दूसरे  को होली की बधाइयां दी।  इस अवसर पर विश्वविद्यालय  के कुलपति प्रो. बृज किशोर  कुठियाला के अतिरिक्त, रेक्टर प्रो. रामदेव भारद्वाज, कुलसचिव  डॉ. चंदर सोनाने, विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. श्रीकांत सिंह, पी.पी. सिंह, डॉ. पवित्र श्रीवास्तव, संजय द्विवेदी, पी. शशिकला, सुरेन्द्र पॉल, लाल बहादुर ओझा, के साथ सहायक कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी, वित्ताधिकारी रिंकी जैन के अलावा कर्मचारी एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन संदीप भट्ट और डॉ. मोनिका वर्मा ने किया।

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