मीडिया वाले तो पुलिस से भी ज्यादा बदमाश हो गए हैं, पढ़ें ये पोस्ट

Archana Ray : मेरी दोनों नंद की निर्मम हत्या कर दी गई …. देलही से भी ज्यादा दर्दनाक मौत दे दी दरिंदों ने ….. और हमारे मिडिया वालों की करतूत पर मैं थूकती हूं … जिंहोंने ये प्रचारा कि मामला प्रेम प्रसंग का है …. वाह रे मीडिया वालों… ये नहीं समझ आता कि आज मेरी बच्ची के साथ ये हुआ है… कल तुम्हारी बच्ची के साथ भी हो सकता …

दुख की बात तो ये है कि मेरे बात करने पर कशिश चैनल वाले ने कहा कि आप लोग का बाजा बजा देंगे … पुलिस तो दूर की बात है … वो तो बिकती है … पर आज की घटना ये साबित कर दिया कि मीडिया बिकाऊ हो गई … अब वो अपनी बहू, बेटी को बेचने से भी पीछे नहीं हटेंगे … मेरी सासू मां को मरणासन्न हालत पर लाकर छोड़ दिया … मेरे ससुर जी पटना आए हुए थे मेरे घर पर .. आज हमलोग लड़के वाले के यहां जाने वाले थे … अब किसके लिए लड़का देखूं मैं?  मेरे घर का रौनक छीन के चले गए हत्यारे …. लूट – पाट की … , अस्मत लूटा और मौत के घाट भी उतार दिया …

हमारे आने से पहले घर से बॉडी को ले गए पुलिस वाले … हमें बातों में फंसाकर पीछे के दरवाजे से बिना इजाजत पोस्टमार्टम कर दिया …. जब हमें भनक लगी तो हमने हंगामा किया और पोस्टमार्टम रूकवाया …. इंसानियत मर गई है आज …. मैं इसलिए ये बात शेयर कर रही हूं … क्योंकि मैं गवाह हूं … और मीडिया, पेपर वाले दुष्प्रचार कर रहे हैं … मुझे हिम्मत करनी होगी … ये रहे परिजन जिन्हें अधमरा करके छोड़ दिया दरिंदों ने और प्रचार कर दिया कि परिजन फरार हैं …. मीडिया वालों को बच्चियों की मां और फुआ नहीं दिखी थी हास्पिटलाइज?

धिक्कार है दरिंदों धिक्कार है तुम लोगों पर … तुम लोगों ने दरिंदा का साथ देकर दरिंदों में खुद को शामिल कर दिया … क्या प्रचार किया कि किसी ने बोलने से इंकार कर दिया? अरे कमीनों मेरी सासू मां भी नहीं बचेगी जिस हालत में है … बेहोश हैं वो … उनसे क्या स्टेटमेंट मिलता तुम लोगों जिसे दरिंदे मरणासन्न की हालत में पहुंचाकर चले गए?
 
मुझे अभी फेसबुक पे हरियाणा के बंधू ने मैसेज किया कि क्या प्रचार किया जा रहा है …. इसे प्रेम प्रसंग की ओर मोड़ा जा रहा है … मैं ये पूछना चाहती हूं मीडिया वालों से कि जब दो महिला मरणासन्न की हालत में थी … दोनों नंद को दरिंदे मार चुके थे … मेरे मामा ससुर मेरे साथ पटना में थे कल शाम से … आज लड़के वाले के यहां जाना था हमें … भाई मुंबई में था … कल शाम तक मेरे देवर आएंगे … कोई मोहल्ला वाला घटना को नहीं जान सका … तो मीडिया वालों ने जानकारी किससे ली? ये सारे पुलिस वाले और मीडिया वाले अपराधियों से मिले हुए हैं …. अब कितना सबूत चाहिए हमें? एस.पी. ने बाइट कैसे दिया कि दोनों बहनों की हत्या कर दी गई और परिजन फरार हैं? एस.पी. ने मेरी सासू मां को घर में मरनाशन हालत में नहीं देखा? वो तो मैं और मेरे परिजन पहूंचे हैं तो सासू मां का इलाज करवाने को भेजा … उन्हें भी कोई देखने वाला नहीं था यहां …. इतनी सिरियस है कि औक्सीजन पे रखा गया है … और रेफर कर दिया गया है … हम लोग आएं हैं तो हंगामा करने पर पुलिस हरकत में आई है …

अर्चना राय की फेसबुक वॉल से.


बंशी धर शर्मा : कितना गिर गया है पत्रकार समाज…. इसका एक रूप आज देखने को मिला…..पटना में आज दो बहनों की घर में घुस कर हत्या कर दी गई…. घर में मौजूद उनकी मां और बुआ को घायल कर दिया गया…. दरिंदे अपना काम करके भाग गए….. लेकिन इसके बाद घर के आसपास आए दरिंदों ने अपनी काल्पनिक शक्ति के बल पर जो दरिंदगी दिखलानी आरम्भ की वो सभ्य समाज के नाम पर कलंक है…. लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कहलाए जाने वाले कुछ मीडिया वालों ने अपराधियों के स्थान पर पीड़ित परिवार पर ही निशाना साधना आरम्भ कर दिया…. कोई बोला प्रेम प्रसंग का मामला है…. कोई बोला ऑनर किलिंग का मामला है… ….जब ये मीडिया वाले अपने काल्पनिक घोड़े दौड़ाने में व्यस्त थे, उस समय तक मृतकों का पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ…. क्या यही पत्रकारिता है कि अपने काल्पनिक घोड़ों के बल पर किसी को भी बदनाम कर दे… घिन्न आती है ऐसी मीडिया से जो मौत के बाद भी मृतक के चरित्र के साथ अपनी कल्पना के जरिये ही हनन करती है….. ये लोग पत्रकार नहीं हो सकते, उनके वेश में दरिंदों के ही भाई होते है….. पुलिस के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहुंची नहीं और विनायक विजेता ने रिपोर्ट का हवाला भी दे दिया…..अब पूरी रिपोर्ट ही हटा ली….. विनायक जैसे लोग दूसरे के जले पर नमक छिड़कते है….. ये कलमकार नहीं हो सकते, कलम के सौदागर हैं…

अर्चना राय के स्टेटस पर बंशी धर शर्मा का कमेंट.

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