कोलकाता : चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के चलते दो दिन में दूसरी बार मीडिया का सामना करने से बचे लेकिन कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कप्तान का बचाव करते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि वह एकांत में रहने वाला व्यक्ति है।
मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में जब यह पूछा गया कि आखिर धोनी क्यों मीडिया के सवालों का सामना करने नहीं आए तो फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘यह उसकी शैली है। इस मामले में मैं अच्छी तरह से टीम का प्रतिनिधित्व कर सकता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह मीडिया से काफी बात नहीं करता, आपको यह बात पता है। वह काफी प्रतिबद्ध है। मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं।’’ इससे पहले आईपीएल फाइनल की पूर्व संध्या पर भी घोषणा की गई थी कि दोनों टीमों :चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियन्स: के कप्तानों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस होगी लेकिन अंतिक समय में कार्यक्रम बदल दिया गया और दोनों कप्तानों की जगह दोनों टीमों के कोचों ने मीडिया से बात की।
अभिनेता विंदू दारा सिंह को एक से अधिक मैचों में धोनी की पत्नी साक्षी के साथ देखा गया था और इस अभिनेता की गिरफ्तारी के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स टीम पर भी स्पाट फिक्सिंग का साया मंडराने लगा है। यहां तक कि टीम के मालिक गुरुनाथ मयप्पन को भी पुलिस ने सट्टेबाजों के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई इंडियन्स ने कोलकाता में कल फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स को 23 रन से हराकर अपना पहला आईपीएल खिताब जीता। चेन्नई की ओर से सिर्फ धोनी ही नाबाद 63 रन की पारी खेलकर मुंबई के गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाए। धोनी के सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आने के संदर्भ में फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘उसे एक भूमिका निभानी थी। हमारे पास अहम मौकों पर आने के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। आपने अधिकांश सत्र में उन्हें ऐसा करते हुए देखा। वह उस क्रम में हमें मैच जिताने के लिए उतरा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी थे जो हमें जीत की स्थिति में ला सकते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। इसलिए उसे स्थिति को संभालना था। उसने जिस तरह की बल्लेबाज की उससे मैं खुश हूं।’(एजेंसी)





