नई दिल्ली : मौजूदा समय में हिंदी भाषा का स्वरूप बिगड़ रहा है और इसे बचाने और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी पत्रकारों की है। यह बात कवि व आलोचक अशोक वाजपेयी ने पत्रकार आलोक तोमर की तीसरी पुण्यतिथि के मौके पर कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। 'आलोक की याद में' नाम से आयोजित कार्यक्रम में चर्चा के लिए विषय रखा गया था- पत्रकारिता की मर्यादा। इसमें पत्रकारिता जगत में हिंदी भाषा के क्षरण पर चर्चा की गई। इस मौके पर अशोक वाजपेयी ने कहा कि मीडिया हिंदी भाषा के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसे रोकने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की खूबसूरती है कि यह अन्य भाषा के शब्दों को भी खुद में समाहित कर लेती है। लिहाजा इसके साथ खिलवाड़ करने के बजाय पत्रकारों को इसे समृद्ध बनाने की कोशिश करनी चाहिए। कार्यक्रम में स्वर्गीय आलोक तोमर के पत्रकारिता में दिए गए बहुमूल्य योगदान को याद किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, सांसद केसी त्यागी, भारतीय जनसंचार संस्थान (आइआइएमसी) के प्रोफेसर आनंद प्रधान, राज्यसभा टीवी के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल, लोकसभा टीवी के सीईओ राजीव कुमार मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव समेत अन्य लोग शामिल हुए। (दैनिक जागरण)






