मुगलसराय जीआरपी इंस्‍पेक्‍टर बना भूमाफिया, पीडि़त परिवार ने किया आत्‍मदाह का प्रयास

: नहीं दर्ज हुआ मामला : यूपी के चंदौली में पुलिसिया कार्रवाई से नाराज होकर एक परिवार ने मिट्टी का तेल छिड़क कर सामूहिक रूप से ख़ुदकुशी करने का प्रयास किया। इस दौरान परिवार की एक वृद्ध महिला बुरी तरह झुलस गयी जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। परिजनों की तरफ से मुगलसराय कोतवाली में जीआरपी इंस्‍पेक्‍टर रतन सिंह यादव के पर अवैध तरीके से मकान हथियाने के खिलाफ तहरीर दे दी गई है लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

मामला मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र के नई सट्टी इलाके की है जहाँ एक मकान से लोगों को बेदखल करने पहुंची पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक परिवार ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर सामूहिक रूप से आत्मदाह की कोशिश की। इस दौरान एक वृद्ध महिला बुरी तरह झुलस गई। घटना से नाराज लोगों ने कोतवाली के सामने जीटी रोड पर झुलसी महिला को रख कर जाम लगा दिया। पीड़ित पक्ष बार बार मुग़लसराय जीआरपी में तैनात एक इन्स्पेक्टर के इशारे पर स्थानीय पुलिस द्वारा जबरिया मकान पर कब्ज़ा करवाने का आरोप लगाते रहे।

मुगलसराय के नई सट्टी इलाके का रहने वाला यह परिवार पिछले पैंतीस वर्षों से जिस जमीन पर गुजर बसर कर रहा था। उस पर कुछ भूमाफियाओं की नजर पड़ी और फिर शुरू हो गया असली-नकली का खेल। इस खेल में यह परिवार विगत कई वर्षों से जूझता रहा अंततः इसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामला अभी न्यायालय में लंबित ही था कि भूमाफियाओं ने एक बार फिर चाल चली, लेकिन इस बार भूमाफियाओं को यह बाजी उलटी पड़ी और उप जिलाधिकारी के मौखिक आदेश पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ भारी संख्या में पुलिस बल को लेकर मकान खाली कराने पहुंच गए।

पीड़ित पक्ष ने जब उन्हें रोकना चाहा और लिखित आदेश की मांग की तो पुलिस ने उनसे जोर जबरदस्ती शुरू कर दी, जिस पर लाचार परिवार ने सामूहिक रूप से मिट्टी का तेल छिड़क कर ख़ुदकुशी करने का प्रयास किया, जिसमें एक वृद्ध महिला बुरी तरह झुलस गयी। मामला बिगड़ता देख सभी अधिकारी वह से भाग खड़े हुए और कोतवाली में जाकर शरण ले ली। पीड़ित पक्ष न्याय की मांग पर अड़ा रहा और कई घंटों तक हुए हंगामे के बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद मामला शांत हो पाया। इन सभी के बीच आरोपियों के खिलाफ ऍफ़आईआर दर्ज न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। 

 

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