मेढक तौलना व बलिया के पत्रकारो को एक मंच पर लाना बेहद मुश्किल है

अपने क्रांतिकारी तेवर के लिये अलग पहचान रखने वाले यूपी के बलिया जिले के पत्रकारों के बारे में एक जुमला अमूमन हर बातचीत में कहा जाता है कि मेढक को तौलना व बलिया के पत्रकारों को एक मंच पर लाना बेहद मुश्किल है। इस जुमला को पिछले दिनो राजस्व मंत्री अम्बिका चौधरी की एक टिप्पणी से और बल मिला। काबिना मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृह जिले में आये अम्बिका ने अपने पैतृक ग्राम कपूरी में पत्रकारों को दावत दिया तथा बातचीत की। इस दौरान एक वरिष्ठ पत्रकार ने बलिया में प्रेस क्लब स्थापना का मुद्दा उछाला। इस पर अम्बिका ने कहा कि पहले पत्रकार एक मंच पर आयें, वह इसके बाद प्रेस क्लब के लिये भवन आवण्टित कराने में कदापि विलम्ब नही करेंगे।

शायद इस टिप्पणी से बागी बलिया के अखबारनवीसों ने नसीहत ली हो। मंगलवार को उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन बलिया शाखा के बैनर तले लम्बे अरसे के बाद प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार एक मंच पर इकट्ठा हुए। पत्रकारों ने व्यक्तिगत पूर्वाग्रह का परित्याग करते हुए एकजुटता का संकल्प लिया तथा पत्रकारों की लड़ाई को मजबूती से लड़ने का निर्णय लिया। इस संकल्प को अमलीजामा पहनाते हुए संगठन का नये सिरे से चुनाव किया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार अनूप कुमार हेमकर को संगठन की कमान सौंपी गयी तथा हिन्दुस्तान के जुझारू पत्रकार राजेश ओझा को महामंत्री बनाया गया।

अमर उजाला के ब्यूरो प्रभारी रहे तथा वर्तमान समय में पायनियर को सेवायें दे रहे केके पाठक तथा स्टार न्यूज के अजय भारती को उपाध्यक्ष बनाया गया। इण्डिया टीवी के अमित कुमार व एनडीटीवी के करूणा सिंधु सिंह को मंत्री, आजतक के अनिल अकेला व स्वतंत्र पत्रकार मनोज चतुर्वेदी को संगठन मंत्री, हिन्दुस्तान के वरिष्ठ संवाददाता सतीश मेहता को कोषाध्यक्ष तथा जी न्यूज के धनंजय सिंह को आय-व्यय निरीक्षक बनाया गया। कार्यकारिणी में यू एन आई के वरिष्ठ पत्रकार डाक्टर अखिलेश सिन्हा, आकाशवाणी के विनय कुमार, न्यूज एक्सप्रेस के रवीन्द्र चैरसिया, महुआ के पशुपति नाथ, साधना न्यूज के नरेन्द्र मिश्र व कैनविज टाइम्स के गणेश जी वर्मा का चयन किया गया। हिन्दुस्तान के बहुचर्चित छायाकार रोशन जायसवाल को आयोजन व कार्यक्रम प्रभारी बनाया गया। बैठक में हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर 29 मई को भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय हुआ तथा इसके लिये 8 सदस्यीय कमेटी बनायी गयी।

बलिया से अमित कुमार की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *