मेरठी महापंचायत में महाभारत के दौरान मीडिया भी निशाने पर, काफी नुकसान

मेरठ : सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम की गिरफ्तारी और उन पर रासुका लगाए जाने के विरोध में आज रविवार को खेड़ा गांव में ठाकुर चौबीसी व हिंदू संगठनों द्वारा बुलाई गई महापंचायत में पुलिस-प्रशासन की मनमानी के चलते एक बार फिर हालात बिगड़ गए. पुलिस और महापंचायत में शामिल लोगों के बीच जमकर पथराव हुआ. पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान उग्र लोगों ने मीडिया को भी निशाना बनाया और एनडीटीवी की ओबी वैन पर पथराव किया. एक महिला पत्रकार की स्कूटी को भी फूंक दिया. अन्य कई नुकसान भी होने की सूचना है.

चर्चा है कि पुलिस की गोली से मोहित नाम के युवक की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. सेना बुलाने की भी चर्चा है. लेकिन मेरठ के जिलाधिकारी नवदीप रिनवा का कहना है किसी की भी मौत नहीं हुई है और न ही सेना बुलाई जा रही है. डीएम के मुताबिक मेरठ के सरधना क्षेत्र के खेड़ा गांव में प्रतिबंधित पंचायत के दौरान पुलिस कार्यवाही में किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कतिपय न्यूज चैनल्स पर सेना बुलाये जाने की बात बेबुनियाद है. सेना को केवल सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं.

श्री रिनवा घटना को नियंत्रण करने के लिए खेड़ा गांव में ही पुलिस व प्रशासन के आला अफसरों के साथ कैम्प किये हुए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यवाही के दौरान एक व्यक्ति मामूली रूप में घायल हुआ है, जिसे सुभारती मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया है, जहां उसकी स्थिति सामान्य है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व सदभाव बनाये रखें. उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित महापंचायत को न होने देने के प्रशासन के दावों की हवा निकल चुकी है, क्योंकि आज सुबह ही मौके पर बीस हजार से अधिक लोग आ गए, जिनमें आधी से अधिक महिलायें थीं, जिससे सवाल उठता है कि पुलिस-प्रशासन जमीन पर फेल क्यूं हुआ?

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