मेरे लिए ये मुश्किल है याद रखना कि किस-किस संग दारू पी और किसी के पहलू में थे तो किसने पहल की

Kishore Choudhary : सार्वजनिक सूचना… जिस किसी महिला/पुरुष के साथ मेरे कैसे भी रिश्ते रहे हैं और उनसे किसी भी प्रकार का दावा करने का हाल बनता है तो कृपया इस स्टेटस को पढ़ते ही कार्रवाही शुरू करें. सब मामले एक साथ सामने आ जाये तो मैं आपका आभारी रहूँगा कि परिवार वालों और दोस्तों को एक साथ बिठाकर अपना पक्ष रख दूंगा. इससे मेरा समय बचेगा और मानसिक दुर्दशा के हाल में कम समय जीना पड़ेगा.

मुक़दमा हो सकने वाले हाल में अलग अलग हवलदार को नहीं बताना पड़ेगा कि किस किस के साथ कैसे कैसे था. पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते आर्थिक हाल ऐसा नहीं है कि बहुत सारे वकील कर सकूँ अतः एक साथ होने पर एक ही वकील से काम चलाया जा सकेगा. मेरे लिए ये काफी मुश्किल है कि इतना याद रख सकूँ, कब किस किस के साथ दारु पी थी और किसी के पहलू में थे तो किसने पहल की थी. किसको थोड़े मदहोशी के हाल में प्रेम भरी बातें लिख दी थीं.

मेरे लिए ये साबित कर पाना भी मुश्किल होगा कि "खूबसूरत" कहा तो उसके पीछे कोई बदनीयत न थी. मेरे मेसेज बोक्स भी ओवरलोड इसी इंतजार में पड़े हैं कि कोई दावा करे तो खोजा जाये कि कौनसी बात किस संदर्भ में कही थी और प्यार के इज़हार किये थे तो वे भी एकतरफ़ा न थे.

आप सबके सहयोग की अपेक्षा है और कानून से आशा है कि वह अगर किसी टिप्पणी/संदेशे को सबूत मनाता है तो इसे भी पक्का सबूत माना जाये कि अगले तीस दिन में कोई दावा न आने के हाल में, बाद मैं आने वालों बैकडेट के दावों को स्वीकार न किया जाये. महामहिम, मैं एक भरे पूरे घर और कुछ बेहतरीन दोस्तों के साथ जी रहा हूँ, मुझे कहीं से कूद कर या अन्य किसी प्रकार से जान देने की अनुमति नहीं है. इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाये. अगर कोई भी इन्बोक्स में दावा करता है तो उसके संदेशे को मैं बिना हिचक इसी पोस्ट के नीचे चिपकाऊंगा, भयादोहन करवाते जाने से उसका सामना करना अच्छा होता है.

आप सबका आभार.

युवा साहित्यकार किशोर चौधरी के फेसबुक वॉल से.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *