मैं परेशान परेशान परेशान परेशान…. हीरोइन बहुत परेशान है बेचारी (सुनें तीन गाने)

फिल्मेरिया का पुराना रोगी हूँ. लगभग सभी हिन्दी फ़िल्में देखता हूँ. ताज़ा फिल्म 'इशकज़ादे' में प्रेम को नये ही रूप में दिखाया गया है. एकदम हिंसक और उत्तेजना वाला रूप. नयी पीढ़ी के निर्देशक को शायद यही पसंद हो, पर मैं यहाँ इस फिल्म के एक गाने के बारे में बात कर रहा हूँ. बरसों बाद किसी फिल्म का कोई रोमांटिक गाना पसंद आया. इस फिल्म की हीरोइन बहुत परेशान है बेचारी. परेशानी में भी खुश होती है और गाना गाती है. बरसों बाद कोई इतना रोमांटिक गाना आया है. जिसकी हीरोइन का दिल फूलों से झड़ता है और काँटों में मन लगता है. गलियाँ  गश खाकर मुड जाती हैं, मीलों के मारे चौबारे पता पूछते हैं, हीरोइन (बेचारी) बे बात खुद पे मरती है और बेबाक आहें भरने लगती हैं. उसका दिल फितरत से बदलता है और किस्मत बदलने लगता है. बेचारी बहुत परेशान है..

ये-नये नैना मेरे ढूँढे हैं
दर-बदर क्यूँ तुझे
नये-नये मंज़र यह तकते  हैं
इस कदर क्यूँ मुझे
ज़रा-ज़रा फूलों पे झड़ने लगा दिल मेरा
ज़रा-ज़रा काँटों से लगने लगा दिल मेरा

Why do my like-new eyes
look for you everywhere..
why do these new sceneries look at me so much..
my heart started falling on flowers little by little..
my heart started to feel love for thorns a little..

मैं परेशान परेशान परेशान परेशान
आतिशें वो कहाँ
रंजिशें हैं धुआँ

I'm disturbed, confused,
where are those fireworks..
I'm disturbed, confused,
The animosity is (gone in) smoke..

गश खा के गलियाँ मुड़ने लगी हैं,
राहों से तेरी जुड़ने लगी हैं.
चौबारे सारे ये मीलों के मारे से पूछे ये तेरा   पता
ज़रा ज़रा  उड़ने  को करने लगा ये मन  मेरा

The streets, fainting, have started to turn,
they've begun getting connected to your paths,
all these squares (crossroads), as if tired of distances,
ask for your address..
My heart has begun getting tired of walking a little..
my heart wants to fly now, little by little..

मैं परेशान परेशान  परेशान परेशान
आतिशें वो कहाँ
मैं परेशान परेशान  परेशान परेशान
रंजिशें हैं धुआँ ..

I'm disturbed, confused,
where are those fireworks..
I'm disturbed, confused,
The animosity is (gone in) smoke..

बे-बात खुद पे मरने लगी हूँ
मरने लगी हूँ
बेबाक आहें भरने लगी हूँ
भरने लगी हूँ
चाहत के छीटें  है, खारे भी, मीठे है
मैं क्या से क्या हो गयी

ज़रा-ज़रा फ़ितरत बदलने लगा दिल मेरा
ज़रा-ज़रा किस्मत से लड़ने लगा दिल मेरा
मैं परेशान परेशान  परेशन परेशान

कैसी मदहोशियाँ
मस्तियाँ
मस्तियाँ

For now reason, I have started loving myself,
falling for myself..
I've begun to sigh openly, freely..
These are splatters/drops of love,
even though salty, they feel as if sweet,
What has become of me..
My heart has begun to change intentions little by little..
My heart has begun to fight against fate, little by little..

What intoxications..
Joys, joys…

मैं परेशान परेशान परेशान
आतिशें वो कहाँ
मैं परेशान परेशान परेशान परेशान
रंजिशें हैं धुआँ…

I'm disturbed, confused,
where are those fireworks..
I'm disturbed, confused,
The animosity is (gone in) smoke..
(गायिका :   शाल्मली खोल्गाड़े / गीत : कौसर मुनीर / संगीत : अमित त्रिवेदी / फ़िल्म : इशकजादे)

ये रहे गीत, वाल्यूम फुल कर लें… दूसरा वाला रीमिक्स है…


इसे भी सुन सकते हैं…इकबाल बानो की आवाज में… हम देखेंगे….लाजिम है कि हम भी देखेंगे…

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वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी के ब्लाग से साभार.


(सुनें)

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