”यशवंतजी, खबर दिखाने से नाराज भभुआ पुलिस ने फर्जी मुकदमे में फंसा दिया”

कैमूर (भभुआ)। यशवंतजी, 9 मई 2012 की देर शाम भभुआ बाजार के नो इंट्री जोन में एक ड्राइवर अपना ट्रक लेकर चला गया। इस ट्रक ड्राइवर को भभुआ थाने के दो दरोगा पकड़ लिए तथा पैसे की मांग करने लगे। ड्राइवर द्वारा पैसा नहीं देने पर उसकी इतनी पिटाई की गई कि उसका दाहिना हाथ टूट गया तथा बायें कान का पर्दा भी फट गए। सूचना मिलने पर हम तीन-चार पत्रकार सदर अस्पताल भभुआ पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा था। मेरे द्वारा इस पूरे प्रकरण को कवरेज किया गया।

इसके विरोध में जिला ट्रक एसोसिएशन ने अगले 10 मई, सुबह 8 बजे भभुआ स्थित एकता चौक पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। निर्णायानुसार सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण 2 घंटे तक मुख्य सड़क को जाम कर लोगों ने पुलिस के प्रति विरोध जताया। स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिंह के मध्यस्था के बाद ट्रक एसोसिएशन वालों ने जाम हटा लिया। इस पूरे प्रकरण का कवेरज मेरे तथा अन्य साथियों द्वारा भी किया गया। चैनल पर खबर भी पूरी चली।

दो दिन बाद यानी 13 मई को किसी के द्वारा मुझे पता चला कि मेरे उपर भभुआ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है और इल्जाम लगाया है कि मैं प्रदर्शन करने वाले भीड़ का साथ दे रहा था। मेरे उपर भभुआ थाना काण्ड संख्या- 158/2012 के तहत आईपीसी की धारा 147, 149, 109, 188, 341, 323, 353 (ननवेलेबल धारा), 504, 506 केतहत मामला दर्ज किया गया है। एक दिन बाद रात में पुलिस मेरे घर जाकर मेरे बारे में पूछताछ किया कि कहां गया है? पुलिस की इस प्रक्रिया से मैं कहीं दूर और छुपकर रहने को मजबूर हूं। अपने चैनल के लोगों और अन्य साथियों से सम्पर्क साधा और सारी बातें बताई।

पर यह बात बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि जिसके लिए हम मर रहे हैं, जान की बाजी लगाकर कवरेज कर रहे हैं, वह संस्‍थान और चैनल कुछ नहीं कर रहा है। चैनले के महामहिम लोग इस मामले में बात भी करना वाजिब नहीं समझ रहे हैं। मैं आज छुप-छुप कर जीने को विवष हैं, इस मामले में मैंने स्वयं मोबाइल से एसपी कैमूर से बात की लेकिन उनकी भी मंशा मुझे गिरफ्तार कर इस काण्ड में फंसे दो पुलिस वालों को बचाने की है। आज मैं कहां हूं पूछे से भी नहीं बताता हूं।

सुरेश कुमार

ईटीवी संवाददाता

कैमूर (भभुआ)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *