यशवंत बाबू, तेजपाल के मामले को उन्हीं के पक्ष में ‘इमोशनल’ बनाने की कोशिश न करें

ऋषभ कृष्ण सक्सेना :  भड़ास के संस्थापक Yashwant Singh निकल पड़े हैं तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल के लिए माफी मांगने और काफी लंबी दलील भी लिखी है उन्होंने। नीचे लिंक दे रहा हूं, दलील का दूसरा हिस्सा भी भड़ास पर पढ़कर सकते हैं।

http://bhadas4media.com/article-comment/16001-2013-11-23-11-19-49.html

बहरहाल मुझे कुतर्क भरी लगीं दलीलें तो जवाब भी दे रहा हूं।

यशवंत बाबू,

तहलका से आम जनता को कोई सरोकार नहीं, उसके लिए दोषी तेजपाल हैं। तहलका ने दफ्तर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समिति नहीं बनाई थी अब तक, यह हमें आपको अखर सकता है, आम आदमी को इससे कोई मतलब नहीं। इसलिए यह मत कहिए कि लोग इस बहाने तहलका को "नेस्तनाबूद" करना चाहते हैं।

रही बात आईबीएन7 की, तो वह हर बार की तरह इस बार भी टीआरपी बटोरना चाहता है…. इस तरह आप किसी खास वजह से केवल उस चैनल को निशाना बना रहे हैं, जबकि टीआरपी बाकी भी बटोर रहे हैं। अब कल इंडियन एक्सप्रेस ने जो छापा था, लगे हाथों उसे भी रीडरशिप बढ़ाने का "स्टंट" बता डालिए आप।

तीसरी बात तेजपाल की ताउम्र ज़िल्लत की दुहाई क्यों दे रहे हैं आप? ऐसी ज़िल्लत हर कोई झेलता है। दिल्ली गैंगरेप के अपराधियों के परिजनों ने झेली… आसाराम झेल रहा है…. मदेरणा ने भी झेली और आगे भी बलात्कारी झेलते रहेंगे। तिस पर भी उन्हें सज़ा होती है न?

तो तेजपाल के मामले को उन्हीं के पक्ष में "इमोशनल" बनाने की कोशिश न करें।

बातें और भी हैं। लेकिन बाकी फिर कभी।

ऋषभ कृष्ण सक्सेना के फेसबुक वॉल से.

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