यूपी में महिला अफसर ने अपने सीनियर अफसर पर लगाया गंभीर आरोप

: जांच के नाम पर पीड़िता को ही परेशान किया जा रहा : यूपी में सरकारी कार्यालय में महिला अपराध सम्बंधित अत्यंत गंभीर घटना : ऋचा श्रीवास्तव ने सहायक सांख्यकीय अधिकारी के पद पर अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, जनपद अमेठी में पिछले छह अगस्त 2012 को ज्वायन किया. तबसे उनके कार्यालयाध्यक्ष जयदीप सिंह जो कि जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी हैं, ने अकारण देर रात तक ऋचा को फोन करते रहे, इधर-उधर की बातें करते रहे, बिना मतलब देर तक कार्यालय में बैठाते रहे, बातचीत में अक्सर अश्लील और अनुचित शब्दों का प्रयोग करते रहे और ऋचा के कपड़ों, ड्रेस आदि पर भी टिप्पणी करना शुरू कर दिया.

ऋचा ने आजिज हो कर 20 नवंबर 2012 को इस सम्बन्ध में विद्या भूषण, जिलाधिकारी, अमेठी को शिकायत की. तब परियोजना निदेशक ने जांच शुरू की लेकिन उसमें आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. शिकायत के बाद 26 नवंबर को जयदीप सिंह ने ऋचा को अपने कक्ष में बुला कर बहुत धमकाया. शिकायत किये जाने पर जिलाधिकारी ने कार्यालय का निजी मामला बता कर इससे पल्ला झाड़ लिया.

जब यह प्रकरण प्रेम नारायण, निदेशक, अर्थ एवं संख्या, उत्तर प्रदेश के संज्ञान में आया तो उन्होंने अमलेन्दु राय, उपनिदेशक, अर्थ एवं संख्या, फैजाबाद मंडल को जांच दी. अमलेंदु राय ने उल्टा ऋचा को ही कहा कि जयदीप सिंह ने आपको फोन पर ही अमर्यादित बातचीत किया है, आपको फिजिकली टच तो नहीं किया है, इसलिए यह इतना गंभीर मुद्दा नहीं है.

ऋचा द्वारा शिकायत किये जाने के बाद प्रेम नारायण ने 07 दिसंबर को ऋचा को अमेठी से बाराबंकी और उनके साथ देने वाले कर्मचारियों राम शंकर यादव, अपर सांख्यकी अधिकारी और प्रदीप कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ सहायक को अमेठी से बाहर स्थानांतरित कर दिया. साथ ही जयदीप सिंह ने ऋचा के कार्यमुक्त होने के बाद 22 दिसंबर को कुछ तालिकाएं तैयार नहीं कर पाने के नाम पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्ठि दे दी.  

यह महिला अपराध की अत्यंत संवेदनशील घटना है और मैंने आज इस सम्बन्ध में बील एल जोशी, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश और जावेद उस्मानी, मुख्य सचिव ने मिल कर इस मामले में ऋचा के प्रति तत्काल न्याय करने, उनके प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, जयदीप सिंह के विरुद्ध सभी संभव आपराधिक और प्रशासनिक कार्यवाही करने,  अमर्यादित आचरण करने वाले जांच अधिकारी अमलेन्दु राय के साथ गैर-जिम्मेदार आचरण करने वाले जिलाधिकारी अमेठी और निदेशक, अर्थ एवं संख्या के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है. राज्यपाल ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कठोर कार्यवाही का आश्वासन दिया है, जबकि मुख्य सचिव ने भी इस सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही की बात है.

लखनऊ से नूतन ठाकुर की रिपोर्ट.

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