ये यशवंत कौन है! ओम थानवी का चम्पू!

वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र ग्रोवर ने आज अपने एफबी वॉल पर कुछ लिखकर प्रकाशित किया. जीएसटीवी वालों ने ग्रोवर साहब का एक इंटरव्यू किया, मुद्दा नामक कार्यक्रम को लेकर, उसी से संबंधित पोस्ट. इसमें मेरा यूं जिक्र किया कि मैंने ग्रोवर साहब का इंटरव्यू लेने की सिफारिश जीएसटीवी की दिल्ली टीम से की. इस स्टेटस पर अचानक कृष्ण कल्पित नामक शख्स अपने फेसबुक नाम कल्बे कबीर नाम से कूद पड़ते हैं और पूछ बैठते हैं कि ''ये यशवंत कौन है, ओम थानवी का चंपू!''

इसके बाद यशवंत, सुरेंद्र ग्रोवर, कृष्ण कल्पित उर्फ कल्बे कबीर और ओम थानवी में रोचक फेसबुकिया वार्तालाप चला. आप भी पढ़िए और सर्दी के मौसम में थोड़ा मुस्कराइए… जय हो.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया


Surendra Grover : अब तक दूसरों के ही साक्षात्कार रिकॉर्ड करता रहा था. भाई Yashwant Singh की सिफारिश पर आज GS News के "मुद्दा" कार्यक्रम के लिए शुचि ने मेरा साक्षात्कार किया.. विषय था केजरीवाल का मिशन 2014.. यह कार्यक्रम टाटा स्काई के चैनल 894 पर शाम 8.30 पर देखा जा सकेगा.. देख कर बताईयेगा कि मुझे ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा बनने की तमीज़ है या नहीं..

Kalbe Kabir ये यशवंत कौन है ! ओम थानवी का चम्पू !

Surendra Grover Kalbe Kabir जी, Yashwant Singh भड़ास के संपादक…
        
Kalbe Kabir 'एक शराबी की सूक्तियां' के लिए यह आदमी मेरा प्रशंषक था ! बिना किसी रॉयल्टी के इसे 'भड़ास' में छापने की अनुमति दी । फिर ओम थानवी के कहने से या मेरा खिलाफ छापता है ! इसकी रजपूती पर मुझे शक है !
         
Surendra Grover इतना बुरा इन्सान नहीं है यशवंत कि उसके राजपूत होने पर कोई शक हो.. हो सकता है कि कुछ गलतफहमी उपज गई हो.. और हाँ, यह अपने मन का राजा है.. किसी के कहे सुने से इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता..
 
Yashwant Singh Kalbe Kabir ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से 🙂
          
Surendra Grover Kalbe Kabir आपसे छोटा सा निवेदन है कि मेरी वाल को पानीपत के मैदान में न बदले..
 
Kalbe Kabir तुमसे क्या इर्ष्या करूँ , यशवंत ! तुम मिर्ज़ा ग़ालिब तो हो नहीं !
 
Yashwant Singh अरे सर Kalbe Kabir, मैं ओम थानवी से आपकी ईर्ष्या की बात कर रहा था, मैं तो आपका बच्चा हूं… 🙂
 
Kalbe Kabir उस मूर्ख मक्कार से मैं क्या इर्ष्या करूँगा जो जयपुर में मेरे पाँव छूता था !
 
Yashwant Singh लेकिन Kalbe Kabir सर, आप को तो लगता है कि ओम थानवी का भूत सताता है … तभी बेमौसम बरसते रहते हैं… यहां पोस्ट कुछ लिखा है ग्रोवर साहब ने और पहला कमेंट आपका कुछ आया है.. इसी से लगता है कि थानवी जी के प्रति ईर्ष्या तू न गई कल्बे कबीर साहब के मन से… और, थानवी से आपके ईर्ष्या में पिस रहा है बेचारा यशवंत, वह भी इसलिए कि उसने एक बार थानवी द्वारा लिखे गए वाल पोस्ट को भड़ास पर प्रकाशित कर दिया, जिसमें थानवी ने आपकी कोई आलोचना वालोचना कर दी थी… ये तो बड़ी नाइंसाफी है रे भाई..
 
Arun Kumar Jha ये लीजिए! भाई जी को…क्या हो गया. दूसरे को तमीज सिखाने का काम करते करते खुद आप अपनी तमीज के बारे हम सब से पुछ रहे है. मामला जरूर गंभीर हो गया है.
 
Om Thanvi जो राजपूत के असली-नकली होने के जातिवादी भंवर में फंसा हो, संवाद में चम्पू के प्रयोग तक गिर जाए, सीबीआई ने जिसे रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ कर हथकड़ी लगाई हो, याददाश्त का हाल यह हो कि जिनसे मदद की गुहार की उनके बारे में कहता हो कि वे उसके पाँव छूते थे, जो अपना मौलिक कविनाम तक न सोच पाया हो (और तब के जाने-माने गीतकार कानदान कल्पित से उड़ा लाया हो), फिर भी अपने आप को पार्थ, सार्त्र और कबीर कहते हुए सीधे मिर्ज़ा ग़ालिब से ईर्ष्या योग्य समझता हो, तो आपको मान लेना चाहिए कि बंदे का दिमाग पटरी से उतरा हुआ है। उसके साथ ऊर्जा का नाश उचित नहीं। Yashwant Singh यह मित्रवत राय है।

Yashwant Singh ये वो पोस्ट है जिसको पढ़कर कृष्ण कल्पित मुझे दुश्मन मान बैठे हैं… आप लोग भी पढ़िए… पर आज सच में लगा कि उम्र बढ़ने के साथ कृष्ण कल्पित उर्फ Kalbe Kabir का दिल नहीं बड़ा हो सका… वरना इतने छोटे छोटे झगड़ों, आलोचनाओं को दिल से लगाकर नहीं बैठते… अब तो बड़े बन जाइए सर 🙂 कृष्ण कल्पित की कविता पर ओम थानवी ने जताई आपत्ति तो शुरू हो गई ऐसी-तैसी
http://www.bhadas4media.com/article-comment/16140-2013-11-27-10-34-33.html

Kalbe Kabir राजपूत होते तो yashwant इतना रायता न फैलाते… मुझे शक है तुम्हारे राजपूत होने पर…

Yashwant Singh सर किसने कह दिया कि मैं राजपूत हूं… मैं दलित हूं… रायता फैलाने का काम तो आप लोग करते हैं… हम लोग तो उसे बुहारने, झाड़ू लगाने का काम करते हैं…

Surendra Grover मुझे यह कत्तई अच्छा नहीं लग रहा कि मेरी वाल पर इस तरह की गतिविधि हो रही है.. इसलिए मैं वह सारे कमेन्ट डिलीट कर रहा हूँ जिनसे कि मेरी वाल की गरिमा नष्ट हो रही है..

Kalbe Kabir तुम भी उन लोगों से मिल गए लगते हो ग्रोवर ! कोई बात नहीं ! सवा लाख से एक लडाऊं !

Yashwant Singh हा हा हा… बचिए ग्रोवर साहब Kalbe Kabir की मार से…

Surendra Grover आपको मेरी वाल पर किसी से लड़ने का अधिकार नहीं है Kalbe Kabir

Kalbe Kabir तुम्हारी गरिमा अब ओम थानवी और यशवंत बढ़ाएंगे । नमस्कार !


Yashwant Singh : मैं जाति को लेकर भ्रम दूर कर देना चाहता हूं… मेरे नाम में भले ही सिंह लगा है पर मैं हूं दलित जाति का… कृपया कोई मुझे राजपूत, क्षत्रिय, बाबू साहब आदि इत्यादि समझकर मेरे बारे में कोई धारणा या नतीजा या आग्रह या दुराग्रह या सोच न बनाए… और, न इसके आधार पर रायता फैलाए…. जय हो…

    ठा. कृष्ण प्रताप सिंह ?
 
    Ashish Sagar Dixit स्वागत आप दलित भी है तो कमाल के है …अच्छे इंसान है
 
    Manish Soni dalit ki jai ho.
   
    Asad Jafar इस घोषणा का कारण यसवंत भाई
    
    Ashok K Sharma दलित सिंह के चरणों में दलित ब्राह्मण का प्रणाम I आओ मिल कर दलित बनाएं..
     
    Acharya Sushil Gangwar Are mere bade bhai aap ye kya kah rahe ho aaj ke samaaj me jaati vaati ko hum logo ko to nahi manna chahiye .. chahe aap Dalit hai hai to hamare bade bhai na ..
     
    Fareed Shamsi Bhai jati se kiya hota insan to apne kamo se phechana jata hai
     
    Himanshu Dwivedi मंडल जी को जरूर स्पष्ट कर दें ! बाकी तो ज्यादा लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप राजपूत हो या दलित ! लोग आपके विचारों को पसंद / नापसंद करते हैं !
     
    ब्रजभूषण झा ये बता दीजिये कि इंसान कैसे हैं???
     
    Asad Jafar तो हम कटे दलित का भी प्रणाम स्वीकार करे
     
    Ashish Pradip Main Daal-it hoon downtrodn Tuar Daal ke rate se
     
    Shailesh Bharatwasi जय हो
     
    Ankit Sharma Yashwant Singh…..जात न पूछो…..पूछ लीजिये ….
     
    Anil Sakargaye तो ,,,,,,,,,,,,,,,,,???? अपुन को क्या ,,,,,,
     
   गौरव कुमार Log Jaati ki baate Karte hi kyu hai. Aur aap kisi ko Safai Dete kyun hai
     
    Ashutosh Sharma किसी ने जाति और नाम के नाम पर टेंसन दे दी क्या। अगर सामने हो तो आप उसके कान के नीचे दे दो और अगर फेसबुक पर हो तो कुछ देर को मर्यादा की गिलौरी मुंह में धर के कीबोर्ड के माध्यम से ही उसकी सोनिया प्रियंका कर दीजिये भाई। just simple
     
    Vivek Rai Comrade aur jaatiwadi ( dalit) oxymoron lagta hai
     
    Narendra Mishra Jati n Puchho Saadhu k,Puchh Lijio Gyaan… Bhaai Yashwant G.. Aap aisa n Likhen.. Q k Kisi ne Saayad Aapse nhi Puchha hoga.. Vidwta ki jaati nhi.. Sir G.
     
    Shravan Shravan शानदार पोस्ट ! बधाई !
     
    Harish Singh Thik hai babu saheb.
 
    Mukund Hari Shukla जात न पूछो साधु की …
 
    Ashok K Sharma वस्तुतः बुद्धिजीवी सारे ही दलित हैं, अछूत हैं, मेरे भाई !

    लेखक अछूत है
    चाहता है, फूंक दे
    धन्ना सेठों और स्वयंभू सवर्णों की ये दुनिया
    मगर मजबूर है
    ताकत कहाँ है कलम में इतनी,
    कागज़ तक जला नहीं पाती
    लेखक अछूत है
    सिमटा हुआ अपनी ही दुनिया में
    दूसरों के घरों में जलते दीयों से ताप कर,
    मिटा लेता है ठिठुरन
    क्या ठाठ है
    सपने में पकवान भी है खाता
    अभाव के स्वर्ग में जीकर है मर जाता
    लेखक अछूत है
    जिसकी क्षमताओं, इच्छाओं से होता आया है
    सदा से बलात्कार
    शोषण के सौदे में लेखक ही बिका है हर बार
    ये साले अभिजात्य अफसर, ये साले नेता
    और उनके दल्ले
    भरते रहते हैं, एक दूसरे के गल्ले
    शतरंज की बिसात पर भिड़ते हैं हम निठल्ले
    खुद की नाकों को इंची टेप से नाप
    इठलाते हैं, लगाकर ऊचे होने का गणित
    पीठ पीछे कहलाते हैं हम सभी दलित
    -अंकुश
    (स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद सिंह जब सूचना निदेशक थे, तब उनके मेरठ भ्रमण पर एक दलित लेखक ने सर्किट हाउस के लॉन में कहा कि आप ऊंची जाति के लेखक हैं तब यह कविता लिखने की प्रेरणा मिली थी.)
 
    Yashwant Singh एक महोदय हैं कृष्ण कल्पित उर्फ Kalbe Kabir जो मेरे राजपूत होने के भ्रम में मुझसे जाने क्या क्या उम्मीदें लगाए बैठे थे पर मैंने उन्हें आज अपनी असलियत बता दिया… और, सोचा कि आप लोगों को भी बता दूं…

    Kuldeep Bhardwaj वाइज़ से फ़राज़ अपनी बनी है न बनेगी
    हम और तरह के हैं जनाब और तरह के।
    #Faraz"
 
    Brahmaveer Singh theek baat hai singh sahab
 
    Kalbe Kabir दुनिया में दो ही जातियाँ होती हैं । अच्छा मनुष्य और घटिया मनुष्य ।
    यशवंत मुझे दूसरी श्रेणी का लगता है !
 
    Vishwakarma Harimohan जात -कुजात देखे नहीं कोय
    हरि को भजे सो हरि का होय.

    जय राम जी की
 
    Navdeep Kumar जय जय
 
    Anil Sakargaye अच्छे अच्छे तो निकल लिए ,,,,,,,,,,,कबीर रसखान गांधी ,,,,इत्यादि
   
    Kalbe Kabir मैं प्रथम था और प्रथम रहूँगा ! इसमें बधाई की बात कहाँ से आ गयी !
    
    Anil Sakargaye haa haa ,,,,,,,,,badhayi issi baat kii hai prabhu
    
    Yashwant Singh Kalbe Kabir सर. जी … ठीक कहते हैं… मैं घटिया कैटगरी का ही हूं… क्योंकि अगर घटिया न होंगे तो अच्छी वाली कैटगरी भला कैसे बनती और फिर आप उस कैटगरी का कैसे कहलाते… 🙂
    
    Sunder Kumar Jha aap hai wha jaati mayne nhi rakhti
 
    Sudhir Mandelia Bahut khusi hui
   
    Bharat Doshi kaun murkh puchh raha jati ,tulsi ki chat…
    
    पंकज कुमार झा झूठ…सरासर झूठ. 🙂
 
    Ashish Verma bahut hi badhiya aur sarahniy apni sachhai kisi ko batana bahut badi baat h varna yaha to log apni jaat chhupate firte h.

   Rajeev Gupta sirf likh dene se sher bakri nahi ho jaata…. singh likhne ka matlab he ha paidaisi sahab

    Anil Sakargaye प्रथम था ,,,(भूतकाल ) प्रथम रहूँगा ( भविष्य काल ) … तब आप वर्त्तमान में क्या है ,,,,? क्या वर्त्तमान में आप का ,,प्र ,,,थम गया ,,?

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