ये वे हैं जो खुद को हिंदू मानते है पर वे हिंदू धर्म या उसकी संस्कृति के बारे में कुछ नहीं जानते

Shambhunath Shukla : इतिहास को लोगों ने या तो पढऩा बंद कर दिया है अथवा सच्चाई स्वीकार करने से घबड़ाते हैं। ऐसे लोग मेरी कुछ पोस्ट से इतने उद्वेलित हैं कि मुझे मुसलिम परस्त और इसलाम के चौबारे पर बैठा व्यक्ति तक मानने लगे। ये वे हैं जो खुद को हिंदू मानते है पर वे हिंदू धर्म या उसकी संस्कृति के बारे में कुछ नहीं जानते। मुसलिम शासकों का विधिवत प्रवेश यहां मुहम्मद गोरी से शुरू होता है जिसने १२९२ में पृथ्वीराज चौहान को हराया था।

इसके पहले के मुहम्मद बिन कासिम और महमूद गजनवी तो कुछ राज्यों को लूटने को आए थे। पर यहां के लोग समझ चुके थे कि सुदूर पच्छिम में जहां से तेल आता है माफ कीजिएगा कुछ लोग यह भी कह सकते हैं कि अरब के लोगों को तेल निकालना तो अमेरिका ने सिखाया इसलिए मैं कश्मीर का अधिकृत इतिहास लिखने वाले संस्कृत कवि कल्हण को उद्धृत करूंगा जिसने लिखा है कि तुरुष्क औरतें तेल वाले देश से आती हैं और वे अपना बायंा स्तन कटवा देती हैं ताकि धनुष रखने में कोई असुविधा न हो।

बंगाल में निमाई पंडित ने ११ वीं सदी में शून्य पुराण लिखा था जिसमें बताया गया है कि उस समय कैसे लोगों ने बढ़कर इसलाम की अगवानी की। उस समय के नाथ और कनफटा संप्रदाय के लोगों को लगता था कि इसलाम धर्म ठाकुर है और इसके आने के साथ एक बार फिर से मृत बौद्ध धर्म जाग्रत होगा। रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी संस्कृत के चार अध्याय में निमाई पंडित के इसी पुराण से कविता कौमुदी के कुछ कवित्त दिए हैं। उन्हें मैं पेश कर रहा हूं-

यतेक देवतागण, सभे हय्ये एकमत, आनन्देते परिलो इजार।
ब्रह्मा हैलो महामद, विष्णु हैलो पैगंबर, आदम हईलो शूलपाणि।
गणेश हइलो गाजी, कार्तिक हइलो काजी, फकीर हइलो यत मुनि।
तेजिया आपन भेक, नारद हईलो शेख, पुरन्दर हईलो मल्लना।
चंद्र, सूर्य आदि देवे, पदातिक हइया सेबे, सबे मिलि बाजाय बाजना।
आपुन चंडिका देवी, तेहु हैला हाया बीबी, पद्मावती हली बीबी नूर।
यतेक देवतागण, हय्ये सबे एकमत, प्रवेश कोरल जाजापुर।

निमाई पंडित कहते हैं कि सभी देवताओं ने एकमत होकर इजार पहने। ब्रह्मा मुहम्मद हो गए, विष्णु पैगंबर हो गए और महादेव ने आदम का रूप ले लिया। गणेश गाजी बने और कार्तिक काजी। ऋषिगण फकीर बन गए और नारद शेख बन गए। इन्द्र मौलाना बन गए और चंद्र सूर्य आदि देवगण बजनिया बन गए। पद्मावती बीबी नूर बन गईं। इसी प्रकार सभी मुसलमान देवगण मुसलमान वेश धारण कर जाजापुर आए तथा देवालय तोरणद्वार आदि तोडऩे लगे।

इससे जाहिर होता है कि देवालयों को तोडऩे का काम इसलाम ने नहीं उलटे उन कनवर्टेड लोगों ने किया जो ब्राह्मण धर्म के अत्याचारों से आजिज आ चुके थे और बौद्ध या लोकायत धर्म त्याग कर मुसलमान बने थे। अब बताया जाए कि इसके लिए इसलाम दोषी है या हिंदुओं की आपसी फूट और नाथ आदि संप्रदायों की तनातनी।

वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला के फेसबुक वॉल से.


उपरोक्त पोस्ट पर फेसबुक पर आईं कुछ टिप्पणियां इस प्रकार हैं..

Devendra Singh Rawat हां जाहिर तौर पर हिन्दुओँ की आपसी फूट… ऐसे में हिन्दुओँ को एक होना चाहिए… लेकिन कांग्रेस, सपा, वामपंथी ऐसा होने कहां देते हैं…। नीतीश भी तो यही चाहते हैं कि हिन्दु एक ना हो सकें…।
 
Ritu Raj Shandilya Sir, what are you doing here? You should go for "Harward" or "Oxford" and join that department which consider about indian matters. India can't afford your visualisation.
 
Shyam Sunder तदुपरान्त इसी फूट का फायदा अँग्रेजोँ ने उठाया और आजादी के बाद तथाकथित सेक्युलरवादी राजनीतिक पार्टियोँ ने ।
 
Nirbhay Kulkarni जहाँ ना पहुचे रवि वहाँ पहुंचे कवि।
 
Samar Anarya इसमें पुष्यमित्र नामक ब्राह्मण सेनापति के द्वारा बौद्ध राजा बृहद्रथ की हत्या, काश्मीर के राजा द्वारा दारा शिकोह को धोखा देने आदि के प्रसंग भी जोड़े जाएँ तो बात और साफ़ हो जायेगी।
 
Mohammad Anas इतिहास को लेकर लोगों में बहुत भ्रांतियां भरी पड़ी हैं ! आपका पक्ष और तर्क स्वागतयोग्य है सर !
 
Aar Ravi Vidrohee good….
 
Shekhar Singh maan gaye bhaiya aapko….zabardast
 
Nirbhay Kulkarni "इससे जाहिर होता है कि देवालयों को तोडऩे का काम इसलाम ने नहीं उलटे उन कनवर्टेड लोगों ने किया जो ब्राह्मण धर्म के अत्याचारों से आजिज आ चुके थे और बौद्ध या लोकायत धर्म त्याग कर मुसलमान बने थे।"मतलब आप मानते है मुसलमानों ने मंदिर तोड़े , फिर इतना लम्बा चौड़ा तर्क क्यू ?
 
Sarvesh Tripathi Aap patrakar log prayah apni vyaktigat soch aur tathakathit anaam aur apusht vidwano ke dwara likhit mangadhant lekho ko aadhar bana kar apani abhivyakti ko aam logo k samne prakat karne me jara bhi gurez ni karte hai…. Kyuki aap logo ko apne lekhan shaili aur bhashayi shabdo k chayan me aam aadami se kuch zyada maharat hasil hoti hai
 
Krishnavanshi Mayank main aage ki baat krna chaunga kya upai ho sakta hai ki converted ya proper hindu musalman aapas me na tod fod kre…? shayad tb hm itihas se sikhkar bhavishya savaar sake..
 
Nirbhay Kulkarni लेकिन वही दूसरी तरफ भारतरत्न तो यह कहते है की बौद्धों को हिन्दुओं ने दलित बनाकर अपने में शामिल किया और शोषण किया।
 
Saket Suman are mahrshi jee…jara alopnishad bhi padh kar dekh leejye ..kuch aur mil jayega ..hindudhram ke bare main mashaledaar lekhne ke leeye
 
Purushottam Jha Apke khawal se aurangzeb pehle hindu tha.. Jisne zaziya lagaya ,jabardasti dharam pariwartan karaya,logo ko daraya,mandiro ko nuksaan pahuchaya…kya bat hai itihas ka naksa badal diya apne.
 
Arvind Singh What is difference in the nature of present political parties and rulers of ancient India as far as occupying of power is concerned ???
 
Shailendra Singh सर जी आप बार बार इतिहास में चले जाते है , अब निमाई पंडित को आपने पढ़ा है आप बेहतर जानते है , मै वर्तमान का इतिहास देख रहा हूँ , जो भी इस्लामिक देश है जैसे ईरान , इराक , पाकिस्तान , अफगानिस्तान , बांग्लादेश ,सीरिया कही भी बता दीजिये अमन शान्ति हो , हर जगह मुसलमान परेसान है , हर जगह इस्लाम खतरे में है , लेकिन हर वो जगह जो विकसित है जैसे यूरोप , अमेरिका , भारत , कनाडा वहाँ मुसलमान अमन चैन से है , इज्जत हक़ से है …….. फिर भी वो और उसके सरपरस्त वहाँ अपने आपको ताकतवर बनाने में लगे है ….. इतिहास भूत है , आप वर्तमान में जी रहे है , यही वर्तमान कल आपका भविष्य होगा , आप शब्दों के बाजीगर है , बराय मेहरबानी भावनाओ से मत खेलिये ….
आँसू गिरते है तो इतिहास बनते है ,
आँसू जलते है तो इतिहास जलते है ,,
बस एक अदद इन्सा बन जाये हम ,
इतिहास अक्सर झूठ भी कहते है !!
 
Inderjeet Singh i hv read somewhere that commaber of d forces of ghazni was budhist.he demolished hindu idols
 
Nirbhay Kulkarni उर्दू के महाकवि मिर्ज़ा ग़ालिब ने भी अपनी माली हालत के चलते अंग्रेजों के तारीफ में दीवान लिखे थे , उस दीवान का एक भी शेर प्रसिद्ध नहीं हुआ क्यों ? आप उसको पढ़ कर अंग्रेजों द्वारा हिंदुस्तान को गुलाम बनाने की तारीफ भी कर दीजिये।
 
Deo Rajendra Shukla ji, sanghion ke liye jo jitna bada muslim virodhi hai vah utna bada hindu hota hai.ye apne gunahon ki saza bhi musalmano ko dena chahte hain.
 
Kaushal Kishor Sharma bhai chinta mat karo. jo man ko achcha lage dradta se kahiye.
 
Nirbhay Kulkarni आपकी यह पोस्ट एक "दीवान" ही लग रही है जो श्रीमती इंदिरा खान , मो. संजय खान , मो.राजीव खान , श्रीमती सोनिया खान , मो. राहुल खान की खिदमत में है। लेकिन इस चक्कर में बहनजी से पंगा हो सकता है।
 
Shandilya Nivedita Sir, sari sachchai samne hai… Lekin kuch log dekhte wahi hain jo wo dekhna chahte hai… isliye taki apni bewkufiyo k karan hui tabahi ka aarop dusro pe madh sake.
 
Manav Mitra u is trha vaas vivad va aarop pratyaropand ….uchit nahi hai…jo beet gaya use mt dohrao vartman tumhare haat me hai or tum aane vale kl ke rachiyta ho………bhudhi ka upyog kisi or dish me kare ……sarv jan ka kalyand hoga……hum sab ek hai…….Manav Mitra
 
Joyshree Roy devalay aur moortiyan todna musalmano ne bahut pahle se shuru kiya hai. Islam ka prarambhik daur dekhiye…kaba, makka Madeena ka itihas dekhiye. Afganistan me buddh ki moorti kaun tod raha hai?
 
Ashok Tiwari Hinduo ki aapsi phoot ke karand hi any dharmavlambi aapna matlab siddh karne me safal hote rahe hai…
 
Prahlad Chauhan phle to itihas padho muslim 1292 ni 1192 me prithiraj ko hraya.kuch b kabi b muh utha k likh dete ho air logo ko itihas se sabak lene kahte ho.phle
 
Shambhunath Shukla yah to sarvavidit tathya hai ki mohammad gori 1192 me aaya tha aur agar proof ki bhoolen nikal kar khush hain to bane raho waise ham log jo likhte the uski proof ki bhoolen proofreader theek karta tha, uska kaam hi yahi tha par proof reader kabhi sampadak nahin ban pata tha kyonki vichar uske paas nahin hote the
 
Anwar Hussain apka maine pura post nahi padha shuru ka do line padha baqi in sha Allah padhenge waqt nikal kar,, aham baat maine jo kahni hai wo sirf itna hindustaan main ek riyasat hai Uttar Pradesh ye riyasat ki mitti main itni barkat hai itni khubi hai bahut bade bade aur sanjida insan paida kiya hai maine ye bhi dekha hai is mitti se jude huye logo ne hamre mulk hindustan pe jo qurbaniya di hai ye itihas ko padh ke andaza lgaya ja sakta hai main bahut hi shukr guzar hoon
 
Shyam Sunder इतिहास अक्सर झूठा भी लिखा जाता है । आजादी के बाद का इतिहास तो यही कहता है । उदाहरण > इतिहास मेँ नाथूराम गोडसे के उस पूरे बयान का कहीँ कोई वर्णन ही नही है जो उसने अदालत मेँ दिया था जो कि एक जीता जागता लिखित सबूत था इतिहास मेँ लिखने के लिये लेकिन जनता से जानबूझ कर छिपाया गया हैँ जबकि यह कोई सामान्य घटना नही थी भारतीय इतिहास मेँ ।
 
Anwar Hussain ye baat mere zehan main sirf do line padhne ke baad aya maine isiliye pura post padh bhi nahi
 
Amrita Dasgupta Kuchh isi se milti julti baaten mainey jab likhi thi to log mujhey itihas sikhaney daur parey the. Kaash logon ko Bangal ka itihas, jo amuman us waqt ke lagbhag sabhi riyasaton ka tha, ki jaankaari rakhey hotey !!!!
 
Ramprakash Kushwaha स्वयं को हिन्दू मुस्लिम बताना या इस रूप में सोचना एक बौद्धिक पिछड़ापन है .इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए ही कुछ लिखें 'सोचें और सोचाएँ
 
Vinod Agnihotri Shambhu ji aapne unko aina dikha diya jo suni sunai baton ko hi itihas maankar apni dharnayen bana lete hain.
 
Rajender Raj dikkat yahhi hai k jo smjhaaya jata hai, desh k adhikaansh log us ko hii sach maan lety hai.n. sabhi ne Ithaas kahaan para hota hai. beharhal aap ka shukriya..
 
मो॰ जावेद 100% sahmat
 
MUkesh Tiwari Pradeep Awasthiसांप्रदायिकता और सेक्युलरिज्म का मतलबइतने दिन बाद समझ पाया हूं। आपभी अपनी शब्दावली संशेधित कर लें। मसलनभाजपा सांप्रदायिक, सपा, बसपा, कांग्रेसजदयू जद-स सब सेक्युलर। मोदी सांप्रदायिक,सोनिया, मुलायम, नीतिश, देवेगौड़ा, लालू औरलाल झंडा वाले सेक्युलर। हिंदू सांप्रदायिक,मुसलमान सेक्युलर। संतों की बात करनेवाला सांप्रदायिक, जिन्ना की बात करनेवाला सेक्युलर। खाकी हाफ पैंट वालेसांप्रदायिक, तहतम वाले सेक्युलर। इलाहाबादके एअसो देवेंद्र द्विवेदी की बात करने वालेसांप्रदायिक, सीओ जिआउल-हक को ५० लाखकी मदद देने वाले सेक्युलर। गुजरात का विकाससांप्रदायिक, पूरे देश का भ्रष्टाचार, महंगाई,घोटाला सेक्युलर। जय हिंद-वंदे मातरमसांप्रदायिक, पाकिस्तानियों के आगेमुजरा करने वाले सेक्युलर। आपको कुछ नएमतलब पता हों तो डिक्शनरी को और मजबूतकरि
 
Rajendra Rao प्रभु आप धन्य हैं !
 
Prem Prakash Juneja Hinduyon ki kayrta aur sattalobh ke karan itihas bhugol sab bigda aur aaj wahi halat puna upasthit hai
 
Nirbhay Kulkarni चार बांस चोबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण ता ऊपर सुलतान है चुके मत चौहान। मतलब कविवर "चंदबरदाई" साम्प्रदायिक है?
 
Vikram Singh Bhadoriya धन्य हैं आप अर्थ का अनर्थ करने और ब्राह्मणों को गरियाने में आप का कोई सानी नहीं है …जय हो …
 
Narayan Singh Rawat pehli baar kisi post ko padhne main itna maza aaya… dhanyawad shukla ji
 
Akhilesh Cr dono karwe sach hai….kuch kal ke kuch aaj ke…
 
Pranav Kumar Sharma kitni bakbas likhi jiska koi yatharth praman zanab ke paas nahi .
 
Raj D Suspence har koe apana khud diwana hai, ab kahan o such ka aaina hai ..
 
Sushil Pandit अगर Shambhunath Shukla जी की यह मान भी लें कि "मुसलिम शासकों का विधिवत प्रवेश" गोरी की विजय के साथ हुआ, जो तेरहवीं सदी से मात्र 8 साल पहले की बात है, तो उनके अनुसार जो "बंगाल में निमाई पंडित ने ११ वीं सदी में शून्य पुराण लिखा था" वो किसी इल्हाम के नूर में यह भविष्यवाणियाँ कर रहे थे क्या?
 
Sushil Pandit हाँ, एक और बात । Shambhunath Ji को तो नाम तक ठीक से पता नहीं । रमाई पंडित को निमाई पंडित कह रहे हैं । और यह भी कि शून्य पुराण ईश्वर के निराकार स्वरूप, शून्य, की उपासना का पुराण है । हिंदु देवि-देवताओं के कलिमा पढ़कर अपने ही मंदिरों को तोड़ने का नहीं । पता नहीं उन्होंने कहाँ की ईंट और कहाँ का रोड़ा जोड़ा है ।
 
Sushil Pandit और किस ठसक के साथ प्रवचन शुरू किया कि लोगों ने पढ़ना छोड़ दिया है । पर उपदेश कुशल बहुतेरे ।
 
Rangwala Munir 11 vee sadi me islam india me ta
 
Yakub Syed Wonderful aap nay history batakar modi wadiyun ko dekh di hai.
 
Yakub Syed Pl.read sekh.
 
Sharad Kumar Garg हिंदू और मुसलमान की समस्या बहुत पुरानी है और उसको सुलझाने का सही तरीका यही है कि मुसलमान अपनी सोच को हिन्दुस्तान की सोच में एकरस कर ले !

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