शशि शेखर के संपादक बनने के बाद हिंदुस्तान में कंटेंट लेबल में लगातार गिरावट आई है. आए दिन इसके प्रमाण मिलते रहते हैं. ताजा मामला जमेशदपुर का है. यहां अक्सर गड़बडि़यां होती रहती हैं. आजकल हिंदुस्तान, जमशेदपुर के लोगों का ध्यान पता नहीं कहा रहता है कि खबर कुछ होती है और हेडिंग कुछ रहती है. इस तरह की खबरें पाठकों के लिए भी मजा लेने का कारण बनती हैं. अखबार पढ़ने वाले तरह तरह के कमेंट करते हुए हिंदुस्तान के पत्रकारों की हंसी उड़ाते हैं.
पर लगातार हो रही गड़बडि़यों को देखकर लगता है कि भाई-भतीजावाद और अयोग्य लोगों की भर्ती इस अखबार का बंटा धार कर देगा. उदाहरण के रूप में सिर्फ दो खबरों को दिया जा रहा है – एक खबर में नक्सलियों द्वारा पोकलेन फूंकने की हेडिंग लगाई गई है लेकिन खबर में एक विवाहिता की हत्या से जुड़ा मामला लिखा गया है. इसी तरह दूसरी खबर में भी समाचार कुछ है और हेडिंग कुछ और है. इतना ही नहीं हेडिंग की रिपीटिंग भी की गई है.
अखबार में लगातार हो रही इन त्रुटियों से लोगों का मोहभंग हिंदुस्तान से हो रहा है. ऊपर बैठे लोग भी स्थानीय स्तर पर होने वाली इन गड़बडि़यों से अनजान हैं. कई बार वरिष्ठों से शिकायत के बाद भी अखबार और उसके कंटेंट में सुधार नहीं हो रहा है. आप भी देखिए हिंदुस्तान में 'खबर कुछ और हेडिंग कुछ' के उदाहरण…







