यौन उत्पीड़न की शिकार महिला पत्रकार को दस साल से न्याय का इंतजार

गुवाहाटी की एक महिला पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर एक दशक पहले खुद का यौन उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की है. पीड़िता ने बताया कि प्रदेश के एक दिग्गज पत्रकार ने दस साल पहले मेरा यौन उत्पीड़न किया था और आज तक न्याय का इंतजार है. गुवाहाटी की महिला पत्रकार ने अपने पत्र में खुलासा किया कि तहलका के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल मामले की तरह मेरे साथ भी यौन उत्पीड़न हुआ है.

उसने बताया कि गुवाहाटी के जीएल पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित होने वाले असमिया अखबार अमर असोम के संपादक होमन बोरगोहेन ने वर्ष 2003 से तीन सालों तक मेरा यौन उत्पीड़न किया. इस दौरान मैं उनके अखबार में बतौर चीफ सब-एडिटर काम कर रही थी. इस बाबत मैंने प्रेस वार्ता भी की थी और अपने लिए न्याय मांगा था. इसके बाद मैंने अखबार से इस्तीफा दे दिया.

पीड़िता ने अपने पत्र में बताया कि उसने बोरगोहेन के खिलाफ असम राज्य महिला आयोग व असम मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की थी. इस बाबत एक पत्र भारतीय प्रेस परिषद व भारतीय एडिटर गिल्ड को भी भेजा था. गुवाहाटी के पलटन बाजार थाने में इसका मामला भी दर्ज कराया था. बावजूद इसके पुलिस ने मामले की ठीक से जांच नहीं की और मैं सालों से न्याय के इंतजार में हूं.

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