राजुल माहेश्‍वरी से रुद्रेश ने कहा – न्‍याय नहीं मिला तो कर लूंगा आत्‍महत्‍या!

ऐसा लग रहा है कि अमर उजाला को भी दैनिक जागरण वाली बीमारी लगती जा रही है. जागरण में परिपाटी रही है कि अगर आपने अपने किसी सीनियर की गलतियों के खिलाफ आवाज उठाई तो बिना कोई सुनवाई हुए आपको बाहर का रास्‍ता दिखा दिया जाता है. शायद इसके पीछे कारण यह माना जाता है कि जागरण में कार्ड रुपी दाग देकर पत्रकारों को सांड़ की तरह छोड़ दिया जाता है कि जमकर चरो और खाओ और हमको भी खिलाओ, जो भी इन सांड़ों की खिलाफत या शिकायत करता है, जागरण के काजी शिकायतकर्ता को ही बलि का बकरा बना डालते हैं.

ऐसा ही एक वाकया अमर उजाला, नोएडा में देखने को मिल रहा है. जबकि अमर उजाला में कम से कम कर्मचारी स्‍तर पर इस तरह का शोषण पहले कभी नहीं रहा है. बताया जा रहा है कि अपने वरिष्‍ठ के गुस्‍से के शिकार बने पत्रकार ने अमर उजाला के सीएमडी राजुल माहेश्‍वरी को बता दिया है कि अगर उसे न्‍याय नहीं मिला तो वो आत्‍महत्‍या कर लेगा. पत्रकार के इस रूप को देखकर सीएमडी ने उसके साथ पूरी तरह न्‍याय करने की बात कही है. इसके बाद से ही अमर उजाला में हड़कम्‍प मचा हुआ है.

सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला, बनारस में जूनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत रुद्रेश सिंह का तबादला पिछले दिनों नोएडा के लिए कर दिया गया था. इस तबादले के पीछे खबर आ रही है कि पूर्व संपादक निथीश जोशी का किसी मामले में विरोध करने के सजा के तौर पर रुद्रेश को नोएडा भेजा गया. हालांकि रुद्रेश को अपने तबादले की जानकारी एक मई को निथिश जोशी ने उस समय दी जब वे अपना चार्ज नए संपादक अजीत वडनेरकर को दे रहे थे. रुद्रेश को यह भी जानकारी दी गई कि नोएडा में उनके वेतन भत्‍ते में बढ़ोत्‍तरी की जाएगी.

इतना सब होने पर रुद्रेश ने तीन मई को नोएडा में ज्‍वाइन भी कर लिया. रुद्रेश काम्‍पैक्‍ट के संपादक मनोज मिश्र को रिपोर्टिंग कर रहे थे. बताया जा रहा है कि 23 मई को नोएडा में एचआर ने रुद्रेश को बुलाकर स्‍पष्‍ट किया कि नोएडा में आपको सेम सैलरी और सेम कंडीशन में बुलाया गया है. इस जानकारी के बाद रुद्रेश ठगे से रह गए. इस दौरान उन्‍होंने कई हजार रुपये नई व्‍यवस्‍था करने में खर्च किए. बताया जा रहा है कि एचआर से जानकारी मिलने के बाद रुद्रेश अगले दिन बनारस लौट आए. इसकी सूचना भी उन्‍होंने अपने वरिष्‍ठों को दे दी.

बताया जा रहा है कि इसके बाद रुद्रेश ने कंपनी के सीएमडी राजुल माहेश्‍वरी को फोन पर सारी बातें बताईं, साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्‍हें न्‍याय नहीं मिला तो वे आत्‍महत्‍या कर लेंगे. सूत्रों का कहना है कि राजुल ने रुद्रेश को ऐसा कोई कदम न उठाने की बात कही है साथ ही आश्‍वासन दिया है कि उनके साथ कंपनी पूरा न्‍याय करेगी. उन्‍होंने एचआर हेड वैभव वशिष्‍ठ को पूरे मामले से अवगत कराकर रुद्रेश को न्‍याय दिलाने की बात कही है. अब देखना है कि रूद्रेश के साथ अमर उजाला अपने पुराने स्‍टाइल में न्‍याय करती है या फिर जागरण की तर्ज पर रुद्रेश को ही कंपनी से लेफ्ट-राइट या तेज चल करा देती है.

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