राजेंद्र यादव साहित्य के पारस थे : निशंक

देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने हिंदी साहित्य में नयी कहानी आन्दोलन के प्रणेता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राजेन्द्र यादव के आकस्मिक निधन को भारतीय साहित्य के एक और युग का अवसान बताया है.

डॉ. निशंक ने कहा है कि राजेन्द्र यादव साहित्य के पारस थे. उन्होंने न केवल भारतीय साहित्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रासंगिक बनाया अपितु मुशी प्रेमचंद द्वारा आरम्भ की गयी साहित्यक पत्रिका ‘हंस’ का फिर से प्रकाशन करके पिछले साठ साल में लोगों के दिलों में कहानी सम्राट को जिंदा भी रखा.

एक शोक सन्देश में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. पोखरियाल ने डॉ. राजेन्द्र यादव के परिजनों, मित्रों तथा प्रशंसकों के प्रति हार्दिक सहानुभूति व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दारुण दुःख को सहने तथा दुःख की घड़ी में उनको संबल देने की परमात्मा से प्रार्थना की है. 

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