विवादित फिल्म 'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' के कई दृश्यों का प्रसारण भारत में राज्यसभा टीवी पर किया गया था. इस चैनल को लांच हुए बहुत दिन नहीं हुए हैं. चैनल का प्रबंधन एक तरह से सरकार के लोगों के हाथों में है. गंभीर माने जाने वाले इस चैनल में जब एक कार्यक्रम का हिस्सा बनाकर विवादित फिल्म इनोसेंस आफ मुस्लिम्स के कई दृश्यों को दिखाया जाने लगा तो देश के कई हिस्सों से राज्यसभा टीवी के मैनेजमेंट व शीर्ष अधिकारियों के पास फोन आने लगे.
यहां तक कि कई सांसदों ने भी फोन कर यह सब दिखाए जाने पर आपत्ति जताई. तब जाकर आनन-फानन में कार्यक्रम का प्रसारण रुकवाया गया. लेकिन जिन लोगों ने ये कार्यक्रम बनाया और चलाया, उनके खिलाफ इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है क्योंकि वे काफी प्रभावशाली परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और उनके परिजनों की केंद्रीय सत्ता में शीर्ष पर पकड़ है. जाहिर है, ये लोग सोर्स-सिफारिश के बल पर चैनल में घुसे और इनकी हनक देखते हुए इन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दे दी गईं. विवादित फिल्म दिखाए जाने की शिकायत उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आफिस में भी की गई है.
फिलहाल चैनल का शीर्ष प्रबंधन पूरे मामले की लीपापोती में जुटा है. संबंधित कार्यक्रम के वीडियो को चैनल की वेबसाइट से हटा दिया गया है. पर इस कार्यक्रम का वीडियो भड़ास4मीडिया के पास है. बाद में चैनल से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने एक मेल जारी कर सभी लोगों को हिदायत दी कि वे खबरों व कार्यक्रमों के विजुवल्स व स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देते समय कुछ खास तथ्यों व बातों का जरूर ध्यान रखें. ये खास बात व तथ्य क्या हैं, इसके बारे में अगली खबर में हम बताएंगे.






