राज्यसभा टेलीविजन पर दुष्यंत कुमार

नई दिल्ली । राज्यसभा टेलीविजन का लोकप्रिय शो -उनकी नज़र, उनका शहर- इस बार हिन्दी ग़ज़ल के राजकुमार दुष्यंत कुमार पर केन्द्रित है | दुष्यंत के ग़ज़ल संग्रह – साए में धूप ने अस्सी के दशक में करोड़ों लोगों को उनका दीवाना बना दिया था | दुष्यंत उत्तर प्रदेश में जन्मे ,लेकिन बाद में भोपाल आकर बस गए | सारी उमर उन्होंने भोपाल में ही काटी | भारतीय हिंदी टेलीविजन में पहली बार दुष्यंत कुमार पर इतना शोधपरक और दिलचस्प कार्यक्रम तैयार हुआ है | एक घंटे के इस टीवी शो के निदेशक और एंकर जाने माने टीवी पत्रकार राजेश बादल हैं | वे राज्यसभा टेलीविजन चैनल के कार्यकारी निर्देशक भी हैं |

दुष्यंत की चुनिन्दा सदाबहार ग़ज़लों में कुछ इस प्रकार हैं -एक जंगल है तेरी आँखों में, मैं जहां राह भूल जाता हूँ, तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ / हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए, सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि सूरत बदलनी चाहिए / कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो / ये ज़ुबान हमसे सी नहीं जाती, ज़िन्दगी है कि जी नहीं ज़ाती / बाढ़ की सम्भावनाएं सामने हैं, और नदियों के किनारे घर बने हैं / मत कहो आकाश में कोहरा घना है / ये किसी की व्यक्तिगत आलोचना है / खंडहर बचे हुए हैं, इमारत नहीं रही / अच्छा हुआ कि सर पे कोई छत नहीं रही, हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग, रो रो के बात कहने की आदत नहीं रही इत्यादि |
     
शो में दुष्यंत कुमार के जन्म स्थान उत्तर प्रदेश के गाँव राजपुर नवादा, चंदौसी, बिजनौर और इलाहाबाद से लेकर भोपाल तक उनके सफ़र की पूरी दास्तान है | दुष्यंत की पत्नी श्रीमती राजेश्वरी दुष्यंत और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत और उनके दोस्तों से बातचीत भी शामिल है | करीब डेढ़ हज़ार पन्नों में दुष्यंत की सारी रचनाओं को समेटने वाले विजय बहादुर सिंह, दुष्यंत के गहरे दोस्त डॉक्टर धनंजय वर्मा के दिलचस्प संस्मरण हैं और उनकी याद में एक नायाब संग्रहालय बनाने वाले राजुरकर राज का साक्षात्कार भी है | उनके दुर्लभ फोटो और उनकी अपनी आवाज़ भी आप इस शो में सुन सकते हैं |
     
'उनकी नज़र उनका शहर' राज्य सभा टेलीविजन का बेहद लोकप्रिय शो है | इस शो में अब तक अंग्रेज़ी के जाने माने लेखक रस्किन बौंड, उर्दू के लोकप्रिय शायर साहिर लुधियानवी, हिन्दी के सदाबहार कवि नीरज, महान सम्पादक और विचारक राजेन्द्र माथुर पर ख़ास एपिसोड दिखाए जा चुके हैं | राज्य सभा टेलीविजन अपनी शुरुआत से ही शानदार और निष्पक्ष टीवी पत्रकारिता के लिए चर्चा में रहा है |  सिलसिला, शख्सियत, देश देशांतर, यादों के साए, पॉलिसी वाच, इट्स माय लाइफ, मीडिया मंथन, बिग पिक्चर, सरोकार जैसे अनेक शो इस नवोदित चैनल के दर्शकों के पसंदीदा हैं | चैनल के समाचार बुलेटिन भी अन्य चैनलों की तुलना में सामाजिक सरोकारों के प्रति गम्भीर रवैय्या दिखाते हैं |

दुष्यंत कुमार

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