राडिया टेप की ज्यादातर बातचीत में अपने स्रोतों का बखान, नहीं दिख रहा कोई जुर्म : सीबीआई

नीरा राडिया की टेप बातचीत को लेकर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी प्रगति रिपोर्ट के जरिए जानकारी दी है कि टैपिंग के आधार पर दर्ज 14 प्रारंभिक जांच (पीई) में जुर्म के कोई सुबूत नहीं मिले. ज्यादातर बातचीत में अपने स्रोतों का बखान है, लेकिन ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला, जिससे भ्रष्टाचार में राडिया की सीधी संलिप्तता के संकेत मिलते हों.

अगले सप्ताह सर्दियों की छुट्टी के बाद सुप्रीम कोर्ट प्रगति रिपोर्ट पर संज्ञान लेगा. सीबीआई आयकर विभाग द्वारा सौंपे गए सभी टेप में रिकॉर्ड पूरी बातचीत की जांच के लिए कोर्ट से एक माह का समय मांगेगी. एजेंसी ने प्रारंभिक जांच के तहत की गई पड़ताल का विस्तृत ब्योरा भी शीर्ष अदालत को सौंपा. एजेंसी मामले में एक टीवी चैनल के पत्रकार व एक समाचारपत्र समूह के वरिष्ठ अधिकारी से पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

सीबीआई सुप्रीम कोर्ट से संपर्क कर नीरा राडिया की टैप की गई बातचीत की समीक्षा के लिए और समय मांगेगी, क्योंकि उसने कुछ प्रख्यात पत्रकारों व प्रमुख व्यवसायियों की जांच की योजना बनाई है. इन पत्रकारों व प्रमुख व्यवसायियों की राडिया से बातचीत हुई थी.

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सीबीआई को उन 14 मुद्दों पर जांच के आदेश दिए थे जिनकी पहचान जांच एजंसी ने राडिया टेप की लिखित प्रति पर गौर करने के बाद की थी. यह लिखित प्रति एजंसी को आयकर विभाग ने सौंपी थी. न्यायालय ने खनन विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी के आपराधिक आयाम को भी जांच के लिए एजंसी के पास संदर्भित किया था. एक मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश को संदर्भित किया गया है. अदालत ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि टेलीफोन वार्ता से संकेत मिलता है कि निजी पक्षों ने लाभ हासिल करने के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाए गए.

नीरा राडिया टेप सुनने के लिए यहां क्लिक करें :

राडिया टेप (सुनें)

http://www.old.bhadas4media.com/vividh/11132-2011-05-14-08-29-35.html


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