राष्‍ट्रीय सहारा, देहरादून में संपादक एलएन शीतल एवं ब्‍यूरोचीफ अमरनाथ में हाथापाई

: अपडेट : अब अखबार के कार्यालयों में मारपीट जैसी घटनाएं भी होने लगी हैं. आपसी राजनीति तथा एक दूसरे को पटकनी देने की कोशिशें अब इस अब मीडिया संस्‍थानों के माहौल को खराब कर रही हैं. खबर है कि राष्ट्रीय सहारा, देहरादून में लम्‍बे समय से संपादक एलएन शीतल और ब्‍यूरोचीफ अमरनाथ के बीच चला आ रहा शीतयुद्ध बीते बुधवार की रात हाथापाई में बदल गई. किसी बात को लेकर अमरनाथ संपादक के कक्ष में घुसे इसके बाद इन लोगों की जमकर बहस हुई. अब गलती किसी है ये तो जांच के बाद पता चलेगा, पर पत्रकारिता के लिहाज से यह हरकत शर्मनाक है. 

आफिस में हुई इस घटना की चर्चा पूरे देहरादून में फैल चुकी है. हर जगह अखबार प्रबंधन का छीछालेदर हो रही है. मामला हाईकमान तक पहुंच गया है. समझा जा रहा है कि दोषी के खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की जा सकती है. मामले की जांच के लिए नोएडा से एक जांच समिति को देहरादून भेजा गया था, जो कल से पूरे मामले की जांच करने के बाद तथा कर्मचारियों के बयान कलमबंद करने के बाद वापस लौट चुकी है. सहारा के कुछ लोग बता रहे हैं कि गलती अमरनाथ की है तो कुछ संपादक की तरफ इशारा कर रहे हैं.

इसके पहले भी एलएन शीतल और अमरनाथ में विवाद एवं हाथापाई की की घटनाएं हो चुकी हैं. इसी मामले में आरोपी पाए जाने पर अमरनाथ को नोएडा कार्यालय से अटैच कर दिया गया था. बाद में वरिष्‍ठों के हस्‍तक्षेप के बाद अमरनाथ को दुबारा वापस देहरादून भेज दिया गया था. इसके बाद दोनों पक्षों ने अपने अपने तलवार म्‍यान में डाल लिए थे. फिर प्रमोशन और इंक्रीमेंट लिस्‍ट भेजे जाने को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आए थे. पर मामला किसी तरह निपट गया. हालांकि कुछ कर्मचारियों का कहना है कि अमरनाथ तथा उनकी पत्‍नी का व्‍यवहार अन्‍य कर्मचारियों के प्रति खराब रहता है, लिहाजा कार्यालय में दो गुट बन गए हैं.  

कुछ कर्मियों का तो यहां तक कहना है कि इन्‍हीं आरोपों की डर की वजह से संपादक ने अपना केबिन ट्रांसपैरेंट करा दिया है ताकि अंदर की घटनाएं बाहर भी दिख सकें. हालांकि इस घटना के संदर्भ जब एलएन शीतल से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि मेरे साथ बदतमीजी की गई तथा केबिन में घुसकर गाली ग्‍लौज किया गया. इसकी सूचना मेरे द्वारा प्रबंधन को दे दिया गया है. जब ब्‍यूरोचीफ अमरनाथ से घटनाक्रम के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि अभी कहीं बाहर हैं लिहाजा बात कर पाना संभव नहीं है. वे खाली होने के बाद इस संदर्भ में कोई जानकारी दे पाएंगे.

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