रिटायर्ड आईपीएस अफसर के घरों पर “चोर पहरा”

नेशनल आरटीआई फोरम, लखनऊ की कन्वेनर डॉ नूतन ठाकुर ने आज डीजीपी, यूपी को एक पत्र लिख कर उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के दुरुपयोग के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए उनसे इस सम्बन्ध में अपेक्षित कार्यवाही की मांग की है. आरटीआई द्वारा लखनऊ पुलिस, 32 वीं और 35वीं वाहिनी पीएसी से प्राप्त सूचना के अनुसार लखनऊ पुलिस लाइन से चार अवकाशप्राप्त आईपीएस अधिकारियों के साथ कुल छह पुलिस कर्मी (एक हेड कॉन्स्टेबल तथा पांच कॉन्स्टेबल) अभी तक “चोर पहरा” ड्यूटी पर लगे हैं.

ये अधिकारी हैं अरुण कुमार गुप्ता, विक्रम सिंह, के एन डी द्विवेदी तथा स्व० विजय शंकर माथुर. साथ ही एक कर्मी इजहार अहमद सीबीआई में प्रतिनियुक्त आईपीएस जावेद अहमद के साथ कई वर्षों से नियुक्त रहे. चतुर्थ श्रेणी कर्मी में एक विशेष सचिव गृह तथा एक बी के भल्ला, अवकाशप्राप्त डीजी के साथ नियुक्त हैं.

इसी प्रकार 35वीं वाहिनी पीएसी से पांच पीएसी कर्मी अवकाशप्राप्त आईपीएस शैलेन्द्र सागर, आर के तिवारी, के एल गुप्ता, बी नाथ तथा यशपाल सिंह के साथ बिना किसी लिखित आदेश के दूरभाष वार्ता द्वारा लगाए गए हैं. 32वीं वाहिनी पीएसी से एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी बाबू लाल यादव, अवकाशप्राप्त डीजीपी तथा एक जावेद अहमद, सीबीआई अधिकारी के साथ संबद्ध हैं.

नूतन ने डीजीपी को इन तैनातियों से अवगत कराते हुए निवेदन किया है कि ऐसे प्रकरण पूरे प्रदेश में दिखवाते हुए नियमविरुद्ध ऐसी तैनातियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित करते हुए पुलिसकर्मियों पर व्यय समस्त धनराशी की कटौती इन्ही अधिकारियों से कराएं.

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