रेसलिंग का मैदान बन गया देहरादून में सचिवालय का मीडिया सेंटर

देहरादून : रेसलिंग रिंग में मुक्केबाजी का खेल देखने के लिए हजारों रुपये चुकाने पड़ते हैं, लेकिन इन दिनों उत्तराखण्ड सचिवालय स्थित मीड़िया सेंटर पत्रकारों की आपसी लड़ाई के चलते रेसलिंग बना हुआ है। एक सप्ताह के भीतर ही यहां पत्रकारों के कई गुट आपस में भिड़ चुके हैं और मारपीट के साथ-साथ गाली-गलौज की बातें भी आम हो गई हैं। सचिवालय स्थित बनाए गए मीड़िया सेंटर में पत्रकारों को समाचार भेजने के लिए सभी सुविधाएं राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई हैं और इलेक्ट्रानिक चैनलों के साथ-साथ प्रिंट मीड़िया के कई मीडियाकर्मी यहां से समाचारों को भेजने का काम करते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से सचिवालय स्थित मीड़िया सेंटर बाहरी लोगों के प्रवेश के चलते दागदार होता जा रहा है और यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति का कार्ड तक चेक करने की कोशिश नहीं की जा रही। जिस कारण कई ऐसे बाहरी लोग मीड़िया सेंटर में आकर यहां रखे कम्प्यूटरों पर आपत्तिजनक दृश्य भी देखते हुए नजर आ रहे हैं और बाहरी लोगों के प्रवेश के कारण यहां लगातार असमाजिक तत्वों का तांता लगना शुरू हो गया है।

सचिवालय के मीड़िया सेंटर में कुछ समय पूर्व इसी घटनाओं के चलते इसके प्रमुख द्वार को बंद कर दिया गया था और मीड़िया सेंटर में प्रवेश के लिए सचिवालय के मुख्य द्वार से ही पत्रकारों को कार्ड दिखाने के बाद प्रवेश दिया जाता था, लेकिन कुछ पत्रकारों की यूनियन के नेताओं के दबाव के चलते मीड़िया सेंटर के मुख्य द्वार को फिर से खोल दिया गया और अब हालात इस कदर हो गए हैं कि मीड़िया सेंटर में आने वाले किसी भी व्यक्ति का कोई भी कार्ड नहीं देखा जा रहा और यहां सुबह से शाम तक बाहरी लोगों का ऐसा तांता लगा रहता है, जिससे मीड़िया का काम करने वाले लोगों को भी परेशानी होनी शुरू हो गई है। मीड़िया सेंटर में अक्‍सर काम करने वाले लोग भी अब बाहरी लोगों के प्रवेश से परेशान हो चुके हैं और अब जल्द ही सूचना निदेशक से मिलकर मीड़िया सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद करने की मांग करने का मन बना रहे हैं।

घटनाक्रम के अनुसार तीन दिन पूर्व मीड़िया सेंटर में इलेक्ट्रानिक मीड़िया के विनोद कुमार व जितेन्द्र आपस में भिड़ गए थे और पूरा विवाद कम्प्यूटर पर काम करने को लेकर था। यह बात सूचना कार्यालय तक पहुंचने के बाद मीड़िया सेंटर में पत्रकारों के अलावा बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी, लेकिन तीन दिन के बाद भी शुक्रवार को शाम के समय अचानक ही मीड़िया सेंटर में इलेक्ट्रानिक चैनल व प्रिंट मीड़िया का उस समय विवाद हो गया, जब वह मीड़िया सेंटर स्थित खेल कक्ष में कैरमबोर्ड खेल रहे थे। इस विवाद के बाद यह बातें भी सामने आने लगी कि जब मीड़िया सेंटर में बैठकर पत्रकार आपस में भिड़ते नजर आएंगे तो वह किसी के सामने एक जुट होने की बातें कैसे कह सकेंगे। सवाल यह उठ रहा है कि मीड़िया सेंटर में आने वाले बाहरी लोगों का प्रवेश सूचना विभाग कब बंद करेगा और यहां की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए क्या उपाय करेगा, यदि समय रहते मीड़िया सेंटर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो वह दिन दूर नहीं जब मीड़िया सेंटर रोज रेसलिंग का मैदान बनता हुआ नजर आएगा।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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