लड़कियों को एंकर बना देते हैं लेकिन लड़कों से मजदूरों की तरह काम लेते हैं…

: कानाफूसी : एक्सवाईजेड कहने को तो धार्मिक चैनल और न्यूज चैनल है…लेकिन न्यूज चैनल जैसा यहां कुछ भी नहीं….2 साल बाद सैलरी बढ़ाते है वो भी भेदभाव करके….किसी को 500 रूपए तो किसी को 1000 रूपए….ढोल पीटते है कि हमने 3000 तक का इनक्रीमेंट किया है….लेकिन यहां भी कर्मचारियों के साथ तगड़ा खेल खेला गया…कोई नीचे जाकर टेशू बहाकर आया तो किसी ने चापलूसी के जरिए सैलरी बढ़ा ली…बीच में मारे गए वो कर्मचारी…जिन्हें ये सब काम नहीं आता….

लड़कियों को एंकर बना देते हैं लेकिन लड़कों से मजदूरों की तरह काम लेते है….6 महीने पहले चैनल अच्छी स्थिति में था…लेकिन 6 महीने जब से भोगराज आया है उस दिन से चैनल गर्त में चला गया है…लड़कियां अपनी अदा दिखा दे तो पागल हाथी बन जाता है….और नीचे बॉस के पास सिफारिश लेकर पहुंच जाता है…जिसके बाद वो एंकर बन जाती हैं…वहीं, कुछ लड़कियां यहां एंकर बनने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं…सीईओ खेद कहता है कि ऑफिस की लड़की को एंकर नहीं बनाएंगे लेकिन कोई लड़की चापलूसी करे तो एंकर बन जाती है…इसकी जीती जागती मिसाल है एक्सवाईजेड न्यूज…एंकर गोरा रंग देख कर बनाया जाता है ना कि नॉलेज देखकर। मेरी आपसे विनती है कि आप ये लेख जरूर छापे।

एक दुखिया

एक्सवाईजेड न्यूज चैनल

कानाफूसी कैटगरी की खबरें चर्चाओं, गासिप पर आधारित होती हैं इसलिए इस पर भरोसा करने से पहले एक बार खुद के स्तर पर तथ्यों की पड़ताल कर लें. उपरोक्त कानाफूसी में चैनल व चरित्रों का नाम बदल दिया गया  है. अगर रीयल लाइफ में कहीं कोई समानता नजर आती है तो उसे संयोग माना जाए.

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