लाइव इंडिया : दिसम्‍बर से नहीं बंटी सेलरी, बिकने पर भी संशय बरकरार

: आज महत्‍वपूर्ण फैसला होने की संभावना : कर्मचारी हड़ताल पर जाने के मूड में : इंडिया लाइव के लाइव होने की संभावनाओं को फिर से झटका लग गया है. ताजा खबर है कि चैनल में कार्यरत कर्मचारियों को दिसम्‍बर के बाद से सेलरी नहीं मिली है. कर्मचारी अब से दो बार हड़ताल कर चुके हैं. आज इन लोगों ने आखिरी डेट दिया हुआ है. अगर आज सेलरी नहीं आई या कोई स्‍पष्‍ट निर्णय नहीं लिया गया तो चैनल का चल पाना मुश्किल है. सूत्रों का कहना है कि एचआर हेड ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं.

काफी समय से लाइव इंडिया और समाचार एजेंसी नेटवर्क वन (एनएनआईएस) के बीच पिछले कई महीनों से चैनल को खरीदने की बात चल रही है, परन्‍तु ताजा खबर है कि देनदारियों को लेकर अब तक यह बात फाइनल नहीं हो पाई है, जिससे लाइव इंडिया के बिकने पर सस्‍पेंस बरकरार है. जबकि पिछले दिनों ही निफ्टी में सुधीर चौधरी के मैनेजर होने की सूचना दी गई थी. पर अब खबर है कि अभी तक बातचीत सीए लेबल से आगे नहीं बढ़ पाई है. 

ताजा जानकारी है कि इसी बिकने-खरीदने की कवायद के बीच काम कर रहे पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारियों को दिसम्‍बर माह के बाद सेलरी नहीं मिली है. सेलरी को लेकर दो बार कर्मचारी स्‍ट्राइक पर भी जा चुके हैं. बताया जा रहा है कि इन्‍हीं सब मुद्दों को लेकर मुंबई में आज महत्‍वपूर्ण बैठक हो रही है. सूत्र बताते हैं कि एचआर हेड ने सभी को आज तक  का टाइम दिया है कि कुछ होता है तो ठीक है नहीं तो वे भी कर्मचारियों के साथ आ जाएंगी.

बताया जा रहा है‍ कि चैनल में नाइट शिफ्ट का काम बंद है. रात में इनपुट और आउटपुट पूरी तरह से खाली रह रहा है. नाइट शिफ्ट में केवल छह कर्मचारी चैनल में काम कर रहे हैं, जिसमें आईटी, पीसीआर, एमसीआर, कैमरा एवं दो अन्‍य महत्‍वपूर्ण सेक्‍शन हैं. जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उससे चैनल के बिकने की बजाय बंद होने की संभावना ज्‍यादा दिख रही है. अगर आज की मीटिंग में कोई निर्णय नहीं लिया गया तो संभव है कि दर्जनों कर्मचारी सड़क पर आने के लिए मजबूर हो जाएं. 

गौरतलब है कि पिछले काफी समय से चैनल के बिकने की खबरें आ रही थीं. इसके नाम को बदले जाने की भी तैयारी कर ली गई थी, परन्‍तु देनदारियों और लेनदारियों को लेकर मामला फंस गया. कभी अधिकारी ब्रदर्स के स्‍वामित्‍व में रहा यह चैनल उनके हाथों से होता हुआ एचडीआईएल के स्‍वामित्‍व में आ गया था. चैनल ठीक-ठाक भी चल रहा था तथा इसकी टीआरपी भी टॉप टेन में थी, पर पिछले कुछ महीनों में चैनल के भीतर की स्थितियां अचानक बदल गईं. एचडीआईएल प्रबंधन ने इसमें पैसा लगाना बंद कर दिया था, जिसके बाद पत्रकारों को सेलरी मिलना भी मुश्किल हो गया था, जिसके बाद इस चैनल के बंद होने तथा बिकने की खबरें आने लगी थीं. अब भी इस चैनल के भविष्‍य को लेकर संशय बरकरार है.

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