‘लाइव इंडिया’ पर चला हिंदी टीवी पत्रकारिता इतिहास का सबसे घटिया कंटेंट… एनके सिंह के पास कोई जवाब है?

Yashwant Singh :  आज तो हिंदी टीवी पत्रकारिता के इतिहास में ग़ज़ब का दिन शामिल हो गया. ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) के महासचिव और वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह के प्रधान संपादकत्व वाले न्यूज चैनल लाइव इंडिया में एक टुच्चे-से सगाई समारोह का लगातार लाइव टेलीकास्ट चला. पुणे के समृद्ध जीवन परिवार (एक चिटफंड कंपनी जिसने आम जन से भैंस-बकरी-घोड़ा-कुत्ता आदि पालकर पैसे डबल करने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये उगाह रखे हैं) के मालिकों के किसी परिजन के सगाई समारोह को शाम से लेकर देर रात तक लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर देश का सबसे बड़ा प्रोग्राम, सबसे बड़ी खबर की तरह पेश किया गया.

एक बारगी तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि यह सब कुछ लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर चल रहा है जहां एनके सिंह जैसे तर्कशास्त्री, सरोकारी और कंटेंट पक्षधर पत्रकार बैठे हुए हैं. प्रबल प्रताप सिंह जैसे पत्रकार इस चैनल को हेड कर रहे हैं. मुकेश कुमार अभी हाल में ही इस ग्रुप के लाइव इंडिया नामक मैग्जीन से जुड़े हैं. प्रदीप सिंह जैसे वरिष्ठ पत्रकार इस ग्रुप के लाइव इंडिया नामक अखबार के हिस्से बने हैं. इतने बड़े बड़े पत्रकारों में से किसी से क्या हम ये उम्मीद कर सकते हैं कि वे आगे आकर सफाई देंगे कि आखिर पत्रकारिता की किस कसौटी के तहत लाइव इंडिया न्यूज चैनल पर इसके चिटफंडिये मालिकों के एक बेटे की सगाई के समारोह को शाम से लेकर देर रात तक लाइव दिखाया गया? क्या यही पत्रकारिता और सरोकार है?

एक जमाना था जब मालिक लोग अपने अखबार या चैनल में खुद को दिखना-दिखाना पसंद नहीं करते थे क्योंकि उनका मानना-कहना था कि उनके एडिटर इन चीफ जिस कंटेंट को दिखाने लायक मानेंगे, पत्रकारिता की कसौटी पर खरा मानेंगे, उसी को वो छापेंगे-दिखाएंगे. पर लाइव इंडिया पर आज एक सगाई समारोह का भोंडा लाइव टेलीकास्ट देखकर सिर शर्म से झुक गया.

बीच-बीच में एंकर प्रकट होता था, ब्रेक लेता था, विज्ञापन दिखता था, फटाफट हेडलाइंस पढ़े जाने के बाद फिर वही भीड़, डांस, बाजा, शोर, समारोह का लाइव टेलीकास्ट शुरू… इन चिटफंडियों के पास पता नहीं अकल नामक चीज भी है या नहीं. काहें को ये अपनी इज्जत सरेबाजार नीलाम करा रहे हैं. न्यूज दिखाने के नाम पर चैनल का लाइसेंस लिया है और दिखा रहे हैं अपने घर की शादी. तो इससे अच्छा है भइया कि चैनल का नाम ही रख दो ''लाइव इंडिया मैरिज न्यूज चैनल'' ताकि हमारे आप जैसे लोग भी कुछ पैसे देकर अपने अपने घरों में होने वाले सगाई-शादी समारोह के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था इस चैनल के संपादकों / प्रबंधकों से मिलकर करा सकें. जिस समृ्द्ध जीवन नामक चिटफंड कंपनी को बाजार नियामक सेबी ने जनता को धोखा देकर हजारों करोड़ रुपये गलत तरीके से उगाहने के मामले में नोटिस दे रखा हो और जांच के दायरे में हो, उसके मालिक अपने शान, शौकत, पैसे, उत्सव का ऐसा भोंडा प्रदर्शन करने-कराने में गर्व समझते हों तो इन्हें क्या कहा जाए.

ये लोग उसी महाराष्ट्र के हैं जहां हर साल हजारों किसान गरीबी, कर्ज, सूखे, सूदखोरी आदि के कारण आत्महत्या कर लेते हैं. एनके सिंह जैसे विचारवान और प्रखर पत्रकार के इस ग्रुप के मीडिया वेंचर का प्रधान संपादक होते हुए भी अगर इतना भोंडा, जन विरोधी, स्तरहीन कंटेंट इस न्यूज चैनल पर प्रसारित होता रहा तो इसे यही माना जाएगा कि आज के बाजारू दौर में धनवान मीडिया मालिकों की घटिया ज़िद के आगे किसी तेवरदार पत्रकार की एक नहीं चलती. एनके सिंह भले ही मंचों से कहते रहें कि मीडिया हाउसों को कार्पोरेट या धनवान लोग नहीं खरीद सकते लेकिन व्यवहार में यही दिख रहा है कि मीडिया हाउसों की औकात ये कार्पोरेट या धनवान लोग ही तय करते हैं और आज लाइव इंडिया के मालिकों ने लाइव इंडिया न्यूज चैनल की औकात दो कौड़ी की तय कर दी है.

एनके सिंह को जो अब करना, जो अब कहना है, करते रहें, कहते रहें लेकिन यह घटनाक्रम न सिर्फ हिंदी टीवी जर्नलिज्म के लिए बेहद खराब है बल्कि अभी तक हिंदी न्यूज चैनलों के इतिहास का सबसे स्तरहीन प्रजेंटेशन का दिन रहा. कम से कम कामेडी शो और भूत-पिशाच जैसे विषय इससे अच्छे थे जिनमें कुछ न कुछ पब्लिक इंट्रेस्ट या व्यूवरशिप जैसी चीज थी. पर एक घरेलू सगाई समारोह में क्या पब्लिक इंट्रेस्ट था, क्या जनपक्षधरता थी, क्या पत्रकारीय कंटेंट था, इसका जवाब तो लाइव इंडिया वाले यानि एनके सिंह, प्रबल प्रताप सिंह, प्रदीप सिंह, मुकेश कुमार आदि ही दे सकते हैं.

नीचे लाइव इंडिया मैरिज न्यूज चैनल पर सगाई समारोह के लाइव प्रसारण के कुछ लिंक दे रहा हूं… एक-एक कर सभी देखिएगा, पूरा देखिएगा और ध्यान से देखिएगा.. तभी आपको अंदाजा लगेगा कि आज जिन-जिन लोगों ने भी शाम से लेकर देर रात तक लाइव इंडिया न्यूज चैनल को देखा होगा उनके दिलो-दिमाग पर क्या गुजरी होगी… (कृपया इस पोस्ट को उन संपादकों तक भी पहुंचाएं, दिखाएं, शेयर करें जो धनपशुओं द्वारा संचालित मीडिया यानि कार्पोरेट मीडिया का यत्र, तत्र, सर्वत्र गुणगान करते नहीं थकते.)

https://www.youtube.com/watch?v=ymNH7NdngoY

https://www.youtube.com/watch?v=mgss9dgVlro

https://www.youtube.com/watch?v=9pbX3QMOo3k

https://www.youtube.com/watch?v=PtWkP-qiDnE

https://www.youtube.com/watch?v=lneLDhvUn8A


समृद्ध जीवन समूह के बारे में ज्यादा जानने के लिए इन लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं…

'लाइव इंडिया' संचालित करने वाले 'समृद्ध जीवन' समूह पर जनता से पैसे उगाहने पर सेबी ने लगाई रोक
http://bhadas4media.com/article-comment/15746-2013-11-12-19-39-31.html


'समृद्ध जीवन' और इसके मालिकों महेश मोतेवार व अन्य से पंद्रह दिनों में सेबी ने जवाब मांगा
http://bhadas4media.com/article-comment/15747-2013-11-12-20-10-25.html


समृद्ध जीवन परिवार के खिलाफ सीबीआई जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे, गोवा से भी आई शिकायत
http://bhadas4media.com/article-comment/15748-2013-11-12-20-20-58.html


Samruddha Jeevan के फर्जीवाड़े पर SEBI की रोक से संबंधित खबर PTI ने की जारी
http://bhadas4media.com/print/15749-samruddha-jeevan.html


क्या नकली नोटों का भी धंधा करते हैं समृद्ध जीवन वाले
http://bhadas4media.com/article-comment/16217-2013-11-30-05-06-52.html

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.


भड़ास तक अपनी बात आप bhadas4media@gmail.com पर मेल करके पहुंचा सकते हैं.


उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार हैं…

Devendra Surjan शर्म आती है हमें – पर इन्हें नहीं आती.
 
Mohammad Anas शर्मनाक। प्रबल भैया तो ऎसे नहीं थे।
 
Jamshed Qamar Siddiqui पत्रकारिता का कोई स्वर्णिम दौर तो कभी भी नहीं रहा, लेकिन अब जो हो रहा है वो शर्म के भी आगे की बात है, न्यूज़ चैनल्स बीच सड़क पर मोज़े बेचने वाले की तरह हो गए हैं ।

Mukund Hari घटिया, निकृष्ट और फूहड़ उदाहरण। सर शर्म से झुक गया।
 
Riyazat Khan इन चिटफंडियों के पास पता नहीं अकल नामक चीज भी है या नहीं. काहें को ये अपनी इज्जत सरेबाजार नीलाम करा रहे हैं

Ratnesh Chaudhary यशवंत भाई, अभी 11.30 बजे इसी चैनल पर सेंटिस्ट मुनीर खान का विज्ञापन आ रहा है,जिस पर फर्जीवारे का कई केस चल रहा है

Sanjaya Kumar Singh विज्ञापन था। मुझे भी खटका हुआ। फिर देखा कि नीचे कोने में विज्ञापन लिखा चल रहा था। मैं अगले चैनल पर चला गया। वहां बी कुछ नहीं मिला तो कंप्यूटर पर आ गया।

Yashwant Singh संजय सर, विज्ञापन लिखा मुझे नहीं दिखा. हो सकता है बहुत छोटा-सा कहीं कोने में लिखा हो. दूसरे, क्या विज्ञापन को लगातार दिखाने के बाद एंकर लौटकर कह सकता हैं कि लौटते हैं ब्रेक के बाद… यानि विज्ञापन के पहले ब्रेक और विज्ञापन के बाद ब्रेक.. !!! मेरे खयाल से इतना जनरलाइज मामला नहीं है सर… विज्ञापन या प्रमोशनल कार्यक्रम किसी एक टाइम स्लाट पर आ सकता है.. जैसे निर्मल बाबा का आता है… पर लाइव टेलीकास्ट लगातार किया जा रहा हो.. न्यूज की तरह सब कुछ दिखाया जा रहा हो और एंकर ब्रेक लेता हो, कुछ विज्ञापन दिखाता हो और फिर एंकर कहता है कि ''चलते हैं सीधे पुणे जहां समारोह चल रहा है, वहां की तस्वीरें दिखाते हैं..'' … इसके बाद फिर वही शुरू.. तो इसे कैसे विज्ञापन कैटगरी में मान लिया जाए?

Sanjaya Kumar Singh वो सारी शैतानियां तो थीं हीं, मैं सिर्फ ये बता रहा था कि गच्चा खाने से बच गया। मुझे जब खटका हुआ तो मैंने "विज्ञापन" ढूंढ़ना शुरू किया। मिल गया, मेरा काम हो गया। नहीं मिलता तो समझने की कोशिश करता …. आपका गरियाना जायज है। ठीक गरियाया है। आपको मेरा पूरा समर्थन है।

Bhim Nagda शर्मनाक।
 
Abhishek Kumar Etna shor kyo, ye home production channel hai.
 
Suresh Kr Singh  सर चैनल में नौकरी कर के रोजी रोटी का जुगाड़ कर रहे है वैसे इस तरह के प्रोग्राम पहली वार नहीं दिखाया जा रहा है इस से पहले भी दिखाया जा चूका है ।। सलाह आप की अच्छी है गौर करना चाहिए सिंह साहब को ।।
 
Madhusudan JI Bhrastachar ki to shruat ki asali jad to aise hinlog desh me chhipe hue hain roktham jaroori hai
 
Arun Sathi black day…..हे भगवान्
 
Shivam Sharma क्या पता, ये भी सूचना प्रसारण मंत्री बनने ख्वाब संजोय बैठे हों और इसी रणनीति के तहत इस कार्यक्रम को…वैसे भी ये आजकल चलन बन गया है और इसी प्रकार के "सनसनीखेज" कार्यक्रमों के बल पर ही हर कोई प्रधानमंत्री बनना चाहता है ,कोई ग्रहमंत्री…..
 
Sanjay Chandna हाय….हाय…..
 
मधेपुरा टाइम्स स्तरहीन कृत्य, चैनल लोगों के लिए चलाना चाहिए न कि इसे बपौती बना कर रखना चाहिए. शर्मनाक पत्रकारिता…

Chandan Srivastava इससे तो ठीक था कि उमा खुराना मामले मे इस चैनल का बदनाम होना. उमा खुराना मामले मे भी सम्पादक के पक्ष मे एक दो तर्क दिए गए थे या दिए जा सकते थे. खैर लाइव इंडिआ को जनमत के कर्मचारियों की ऐसी बद्दुआ है कि इस चैनल के साथ यही सब होता रहेगा.
 
Ashwani Kumar Srivastva aise logo to up bhej do hum log thoda bahut seekh de sakte hai .chor india corporation ka chairman to nahi
 
Manish Soni मिडिया """के पतन कि शुरुआत। आपके नज़र से बच पाना वाकई में इन दलालो को मुश्किल पड़ेगा।
 
पंकज कुमार झा उफ़
 
Rajnikant Gupta शादी लाइव idea अच्छा है भाई व्यापार के नजरीऐं से !!

Nidhi Sinha Sharma sayaad shaadi ka live telecast dikha kar he channel chala len

Vikram Sharma Shameful. Has the editor in chief of this channel no shame? Obviously he has no spine.

Vishwakarma Harimohan ab yashvant bhai aap bhi naa…… malikon ki nahin bajaayenge…… naukri ki hai roti ki to nibhaayenge…..
 
Hemant Kumar very good yashwant jee…..yehi choutha stambh h ha ha ha ….

Pawan Upadhyay बाज़ार है इस लिए ऐतराज न कीजिये …….भाई

Rita Das NAYE KIYA HAI LIVE INDIA NE…NAYE KA PYAR SE SWAGT KIJIYE…HAMESHA SABDO KI LAAT JUTA SE PITATE KHE HO?

Srijan Shilpi संयोग से चैनल सर्फिंग करते वक्त मैं भी आधे मिनट के लिए इस प्रोग्राम पर ठहरा था और इस माजरे को देखकर हक्का-बक्का रह गया था!
 
A Ram Pandey चलाने दीजिये सर
देखता कौन है ऐसे चैनलों को।
मास तक इनकी पहुंच नहीं है
 
Siddharth Parimal Pandya लगता है इस खबर के टाप बैंड एन के सिंह ने लिखे हैं…..(आंकडों के साथ)

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