Usmaan Siddiqui : अब तो मरने को दिल चाहता है.. वाह…"आप" तो सबके "बाप" निकले… आखिर आ ही गए औक़ात पर… झूठा ढ़ोंग करके सबको ग़लत साबित किया और बड़ी चालाकी से ख़ुद अमर हो गए…ये तो कोई बात नहीं हुई राजधानी दिल्ली के माननीय (पाखंडी) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी…"आप" तो ऐसे ना थे…जिसके चलते अब तक मैं और जनता "आप" के समर्थन में थे… लेकिन ये क्या…"आप" ने तो चार दिन में ही अपना नक़ाब उतार फेंका और अपनी असलियत पर आ गए…
कंबल में छुपाकर देसी घी लपेट रहे हो केजरीवाल जी…एक सरकारी अफसर रहे व्यक्ति को पहले मालूम नहीं था क्या कि सरकारी आवास…सरकारी गाड़ी…पुलिस सुरक्षा…ऐस्कोर्ट वाहन ये सब एक मुख्यमंत्री या बाक़ी मंत्रियों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है ताकि वो सरलता और शीघ्रता से जनहित के कार्य निपटा सकें (और मैं ख़ुद पूरी तरह इसके समर्थन में हूं) तो "आप" ने बिना वजह नाटक करके अपने हाथी के दांत क्यों दिखाए थे…बाक़ी पानी और बिजली बिल मामले पर तो "आप" से कुछ कहना ही बेकार है…और "आप" ने तो कांग्रेस से समर्थन ना लेने को लेकर बच्चों की क़सम भी खाई थी…क्या बोलूं अब…आख़िर "आप" ने भी ठग ही लिया ना अब…"आप" तो इतिहास में अमर हो गए ना केजरी बाबू. .
Sanjay Kumar : आज न्यूज़ चैनलों के कुछ संपादक और एंकर मित्र अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी को लेकर पता नहीं क्यों बहुत उत्साहित नजर आ रहे हैं…लगता है उन्होंने बुद्धि और विवेक से तौबा कर लिया है…उन्हें ये नजर नहीं आ रहा कि कांग्रेस से हाथ मिलाने को लेकर बाल-बच्चों से लेकर मां-बाप तक की कसम खाने वाला शख्स किस तरह कांग्रेसियों के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है…एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोल रहा है…टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं को लेकर बड़बोलेपन की हद से गुजर जाने और फर्स्ट लीड खबर छपवाने के बाद…उन्हीं सुविधाओं के लिए मचल रहा है…अब कह रहा है कि उसकी कोठी तो शीला दीक्षित से छोटी है…कल कहेगा…शीला दीक्षित ने तो डाका डाला था…मै तो सिर्फ पाकेटमारी कर रहा हूं… दिल्ली के आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री का 9000 वर्ग मीटर में 10 कमरे का आशियाना…वो भी सेंट्रल दिल्ली में…ऊपर से मंत्रियों के लिए इनोवा कार…कांग्रेस से अभी हाथ मिला रहे हैं… कल दिल भी मिलाएंगे… आम… आम… आम…चिल्लाकर गुठलियों के दाम भी वसूल करेंगे…अभी बिजली-पानी का झटका दिया है…अब और झटकों के लिए तैयार हो जाइए…
Nitin Thakur : आज "आप" के पास गाड़ी है, बंगला है, विश्वासमत है…आपके पास क्या है??
उस्मान सिद्दीकी, संजय कुमार और नितिन ठाकुर के फेसबुक वॉल से.






