वाह रे गुलाब कोठारी जी, एक तरफ धंधेबाजी और दूसरी तरफ प्रवचन!

इंदौर के 'पत्रिका' अखबार के एक्सपोज़ परिशिष्ट में आज पहले पेज पर विशेष खबर है –''मोबाइल कंपनियों के टॉवर लगाने के नाम पर ठगी हो रही है… धोखेबाजी हो रही है"… आदि। अखबार ने लिखा है -"अगर ठगी के बारे में जानकारी हो तो हमें बताएं।'' 

शर्मनाक बात यह कि आज ही पत्रिका अखबार के बारह नंबर पेज पर ऐसी ही कंपनियों के तीन विज्ञापन छापे हैं। ये विज्ञापन बरसों से छप रहे हैं इसी अखबार में। कोठारी जी, बताएं कि ठगी, धोखे के बारे में किसको जानकारी दें? आपको ताकि आप ऐसे ठगों से और विज्ञापन ल सको?

गुलाब कोठारी जी, चोरों का धंधा बढ़ाने के विज्ञापन छाप रहे हो और पाठकों को कह रहे हो सावधान रहो। कोठारी जी, आप खुद तो चोरों को शरण देते हो तो आदर्शों के प्रवचन मत दिया करो, शरम आती है…. !

इंदौर से वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी की टिप्पणी.

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