वाह रे राष्‍ट्रीय सहारा! डेटलाइन एक प्रतिनिधि दो

सहारा समूह के अखबार राष्‍ट्रीय सहारा का बनारस में भगवान ही मालिक है. कुछ महीने पहले इस अखबार में पूर्व सीएम मायावती के लिए गालियां लिखीं गईं तो उसके बाद काफी समय तक यह यूनिट उठापटक से परेशान रहा. ताजा खबर चंदौली जिले से है. यहां पर दो कार्यालय काम कर रहे हैं. प्रबंधन अब तक तय नहीं कर पाया है कि किसी कार्यालय को असली माना जाए किस कार्यालय को नकली. दोनों कार्यालयों से भेजी गई खबरें प्रकाशित की जाती हैं.

हास्‍यास्‍पद स्थिति तब हो जाती है जब कुछ स्‍थानों पर दोनों कार्यालयों द्वारा रखे गए प्रतिनिधि किसी घटना की खबर भेजते हैं. ऊपर बैठे लोग भी दरियादिली दिखाते हुए दोनों ही प्रतिनिधियों के द्वारा भेजी गई खबर को प्रकाशित कर देते हैं. दो-तीन दिन पूर्व भी ऐसा ही हुआ. कमालपुर में एक घटना घटित हुई. दोनों प्रतिनिधियों ने खबर अपने अपने कार्यालय को भेजी. बनारस बैठे लोगों ने खबर भी प्रकाशित कर दी. पर इसमें चौंकाने वाली बात यह थी कि खबरों में बाकी तथ्‍य तो एक समान थे, परन्‍तु महिला का नाम बदल दिया गया था. इसको लेकर पाठक भी खासे असमंजस में पड़े रहे. आप भी देखें सहारा में प्रकाशित खबर… 

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